Parent Teacher Meeting – पालक-शिक्षक बैठक 2024

4,191

Parent Teacher Meeting – पालक-शिक्षक बैठक 2024

शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, उन्हें बच्चे की प्रगति से अवगत कराने एवं बच्चों में भविष्य की सम्भावनाओं का आकलन कर पालकों के साथ समन्वय साधते हुए संयुक्त रूप से परिणाम उन्मुखी प्रयास करने हेतु पालक-शिक्षक बैठक अति आवश्यक है। यद्यपि प्रत्येक शासकीय विद्यालयों में पालक शिक्षक बैठक होती रही है, तथापि उपरोक्त लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित कर नई शिक्षा नीति 2020 के मंशानुरूप राज्य के प्रत्येक शासकीय विद्यालयों में पालक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से कराए जाने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है।

पालक-शिक्षक बैठक आदेशOpen
पालक-शिक्षक बैठक
संशोधित आदेश
Open
Cyber Safety and Securit

विद्यालयों में आयोजित की जाने वाली पालक-शिक्षक बैठक के प्राथमिक उद्देश्य निम्नानुसार हैं-

  • बच्चों के शारीरिक-मानसिक एवं सर्वांगीण विकास हेतु विद्यालय एवं पालको के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना।
  • बच्चों की सम्पूर्ण गतिविधियों से पालको को अवगत कराना जिससे कि बच्चों को सतत् प्रेरणा एवं मिल सके।
  • उचित मार्गदर्शन शिक्षक एवं पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना।
  • बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हे परीक्षा के तनाव से मुक्त कराना ।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ड्राप आउट रोकने के लिए पालकों की भूमिका सुनिश्चित करना।

पालक-शिक्षक बैठक समय सारणी –

पालक-शिक्षक बैठकआयोजन का स्तरआयोजन दिनांक/अवधि
प्रथम मेगा बैठकसंकुल स्तर पर06/08/2024
द्वितीय बैठकविद्यालय स्तर परतिमाही परीक्षा पश्चात्
10 दिवस के भीतर
तृतीय बैठकविद्यालय स्तरछःमाही परीक्षा पश्चात्
10 दिवस के भीतर

प्रथम पालक-शिक्षक मेगा बैठक –

  • पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन पूरे राज्य में एक साथ दिनांक 06.08.2024 को किये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है।
  • यह बैठक को वृहद् स्वरूप में संकुल स्तर पर आयोजित होंगे।
  • जिले के सभी अधिकारियों को 1-1 संकुल का प्रभारी होंगे।
  • इस मेगा बैठक के सफल आयोजन से पूरे राज्य में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा तथा पालकगण अपने बच्चों की पढ़ने-लिखने की प्रगति से अवगत हो सकेगें।
  • सभी संयुक्त संचालकों द्वारा सघन मॉनिटरिंग होगा।

द्वितीय एवं तृतीय पालक-शिक्षक बैठक :-

  • पालक-शिक्षक की द्वितीय एवं तृतीय बैठक का आयोजन विद्यालय स्तर पर तिमाही एवं छःमाही परीक्षा/आकलन के 10 दिवस के भीतर होंगे।
  • प्रत्येक पालक को उनके बच्चे की अकादमिक एवं पाठ्‌येत्तर उपलब्धियों से व्यक्तिगत रूप से अवगत कराते हुए उनके प्रगति के संबंध में आवश्यक विमर्श किया जायेगा |

पालक-शिक्षक मेगा बैठक में चर्चा के बिंदु-

मेरा कोना

  • बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित वातावरण हेतु घर में ही पढ़ाई का कोना या एक निश्चित स्थान तय करना है |
  • जहां उचित प्रकाश एंव रोशनी हो जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि विकसित की जा सके।
  • संभवतः यह स्थान घर के प्रवेश द्वार से दूर हो ताकि घर में आने-जाने वाले व्यक्तियों से बच्चों को पढ़ाई के समय कोई बाधा न हो।
  • जहां छात्र पढता है वहां पर समय सारणी चस्पा करना ताकि बच्चा पढ़ाई के लिए अनुशासित हो।

छात्र दिनचर्या –

  • पालक को अपने बच्चों की दिनचर्या सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया जाना होगा |
  • इसके साथ ही पालकों को ध्यान रखना होगा की रहे हैं या नहीं।

बच्चे ने आज क्या सीखा-

  • बच्चे जब विद्यालय से घर पहुंचें, तब अभिभावक उनसे जरूर यह पूछे कि उन्होने आज विद्यालय में क्या पढ़ा और आज क्या सीखा इसकी जानकारी बच्चो से अनिवार्य रूप से प्राप्त करको कहें ।
  • इससे अभिभावको की बच्चों की शिक्षा में सहभागिता बढ़ेगी एवं बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित हो पाएगा।

बच्चा बोलेगा बेझिझक

  • राज्य के प्रत्येक प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रतिदिन छात्र-छात्राओं की प्रार्थना के समय आगे आकर उन्हें बोलने का अवसर प्रदान किया जाना है,
  • जिससे छात्रोंमें सार्वजनिक रूप से अपने विचारों को व्यक्त करने का अवसर प्राप्त होगा है, और उनके संकोच को दूर करने में मदद मिलेगी।

बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा समय-

  • समय पर छात्रों के अकादमिक प्रगति के संबंध में एवं परीक्षा के समय अभिभावक बच्चों से चर्चा करें ताकि उनका परीक्षा संबंधी तनाव दूर हो सके |
  • साथ ही उन्हें बेहतर तैयारी कर अच्छे अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • परीक्षा के समय में बच्चों को संतुलित आहार तथा पर्याप्त नींद लेने व परीक्षा का तनाव न लेने के लिए उनसे लगातार संवाद करें।

पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना-

  • पुस्तक दान महाअभियान के माध्यम से पालकों को अवगत करायें कि पुस्तक की उपयोगिता कभी खत्म नहीं होती है,
  • वह पुस्तक अन्य लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।
  • इस अभियान के तहत जन प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों सहित अधिकारी-कर्मचारी से अपने पास रखे/पढ़ने लायक विभिन्न प्रकार के किताबों को भी दान करने की अपील की जा सकती है।

बस्ता रहित शनिवार-

  • शनिवार को बच्चों को शाला में बिना बस्ता के उपस्थित होना है |
  • इस दिन विभिन्न गतिविधियों यथा कबाड़ से जुगाड़, पानी बचाओ, धरती बचाओ, उर्जा संरक्षण, एकल प्लास्टिक कोना, पेड़ पौधों का सरंक्षण, प्राकृतिक संपदाओं का सपयोग करना, नैतिक शिक्षा की जानकारी, योगा एवं शारीरिक क्रियाएं, स्वच्छता पर विशेष ध्यान, व्यक्तिगत साफ-सफाई, किचन गार्डन, खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यकम आदि विभिन्न आयोजन बिना बस्ता के स्कूल दिवस में किया जाना है।

विद्यार्थियों के आयु / कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी

  • विभिन्न कक्षाओं के छात्रों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयु अनुसार दवाई उपलब्ध कराई जाती है और आवश्यक निर्देश दिये जाते हैं।
  • इस संबंध में पालको को पूर्ण रूपेण जानकारी देना ताकि पालक जागरूक हो और सभी छात्रो को इसका लाभ मिल पाए।

जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र-

  • सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र आदि बनाने हेतु शिविर लगाये जा रहे हैं |
  • जिसमें विद्यालय में पढ़ रहे सभी अनु.जाति/अनु.जनजाति/पिछडा वर्ग के समस्त विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र एवं सभी वर्गो का निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
  • संबंधित वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इस कार्य हेतु अभिभावकों को अवगत कराना एवं प्रोत्साहित करना।

न्योता भोज –

  • न्योता भोज की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है।
  • यह कार्यकम विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों पर जैसे-जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, राष्ट्रीय पर्व आदि अवसरों पर शाला के बच्चों को पौष्टिक व रूचिकर भोजन उपलब्ध कराने की एक अच्छी पहल है।
  • यह आयोजन किसी भी व्यक्ति / समुदाय द्वारा अपनी इच्छा से संस्था प्रमुख के अनुमति के बाद किया जा सकता है।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी पर चर्चा-

  • पालकों को छात्रों की कक्षावार योग्यता अनुरूप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में अवगत कराना ताकि छात्रों को उसका लाभ मिल सकें।

विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म से पालकों को अवगत कराना-

  • दीक्षा एप- (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फोर नॉलेज शेयरिंग) इस मोबाईल ऐप में न केवल शिक्षकों बल्कि छात्रों और अभिभावकों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में कक्षावार आकर्षक एवं नवाचारी शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। जिसे असानी से देखा एवं समझा जा सकता है।
  • ई जादुई पिटारा- जादुई पिटारा ऐलीमेन्ट्री लेवल के बच्चों में पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी एवं रूझान बढाने के लिए है। जिसमें बच्चों के लिये एनीमेशन एवं कार्टुन चलचित्रों के माध्यम से शिक्षाप्रद कहानियां दिखाई जाती है।
  • डिजिटल लाइब्रेरी- डिजिटल लाइब्रेरी ईबुक के रूप में उपलब्ध है, जिसे ऑनलाईन पढ़ा जा सकता है।
Parent Teacher Meeting
Parent Teacher Meeting

Edudepart.com

Get real time updates directly on you device, subscribe now.