Charcha Patra 2023 : अक्टूबर माह के चर्चा पत्र में क्या है जानें

Charcha Patra : हर माह शाला में विभिन्न गतिविधि होते रहते हैं । तो उन सब कार्यक्रमों, गतिविधियों व शाला संबंधी योजनाओं को चर्चा पत्र पर जगह दिया जाता है | Edudepart.com द्वारा चर्चा पत्र का विश्लेष्ण कर आसान तरीके से उन गतिविधियों व शाला संबंधी योजनाओं बताया जा रहा है । जिससे कि विभाग के हर गतिविधि से हर कोई अपडेट रहें । तो देखें और अपने आपको Update रखें ।

चर्चा पत्र अक्टूबर 2023 में क्या है खास ?

[Charcha Patra]

चर्चा-पत्र Charcha Patra December Charcha Patra November [चर्चा पत्र नवम्बर 2023 में क्या है खास ?]
चर्चा-पत्र Charcha Patra December Charcha Patra November [चर्चा पत्र नवम्बर 2023 में क्या है खास ?]
चर्चा पत्र अक्टूबर -2023Open
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Charcha Patra

एजेंडा दस: FLN के लक्ष्य

  • मूलभूत साक्षरता एवं गणितीय कौशल विकास से संबंधित लक्ष्यों को सभी बच्चों में 2026-27 तक प्राप्त करना है।
  • वर्तमान में हमारे राज्य में NAS एवं ASER सर्वे में हमारी स्थिति बहुत खराब दिखाई देती है और हम लक्ष्य से बहुत दूर हैं ।
  • हमें छलांग लगाने की आवश्यकता है ताकि टीम वर्क से एक साथ मिलकर हम अपने राज्य में बच्चों की स्थिति में कम समय में ही आशातीत सुधार दिखा सकें।
  • इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ में निपुण भारत कार्यक्रम को छलांग (Chhattisgarh Language and Numeracy Gain CHHALANG) के नाम से संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है.

एजेंडा दो: छलांग कार्यक्रम

  • छलांग कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं गणितीय कौशल विकास (FLN) से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये प्रयास करना होगा ।
  • प्रत्येक संकुल से भाषा व गणित के मेंटर को अपने संकुल में FLN के लक्ष्य प्राप्ति की पूरी जिम्मेदारी देना।
  • कार्यक्रम के लिए चालीस दिन का चैलेन्ज जैसा नाम देकर काम शुरू करना ।
  • प्रभावी गतिविधियों का संकलन उस पर काम करना ।
  • सौ दिन सौ कहानियाँ जैसे कार्यक्रम का संचालन करन ।
  • बच्चों की नियमित उपस्थिति, शाला से बाहर के बच्चों को इन दक्षताओं को सीखने के अवसर देना।
  • बड़े बच्चे के पास अधिकतम पांच पांच बच्चों को सिखाने की जिम्मेदारी तय करना।
  • आकलन के लिए भी ढेर सारे प्रश्न बनाकर अभ्यास कराना।

एजेंडा तीनः स्थानीय भाषा में सामग्री निर्माण

  • आपको अपने क्षेत्र में प्रचलित स्थानीय भाषा में छोटे बच्चों को सिखाने हेतु स्थानीय भाषा में सामग्री तैयार करना होगा ।
  • जिले की प्रचलित भाषा में सामग्री निर्माण हेतु एक कुशल टीम का गठन एवं उन्हें जिम्मेदारियाँ देना ।
  • जिले में प्रचलित भाषा में उपयोग में आने वाली वर्णमाला का फ्लैश कार्ड कक्षा पहली से पांचवीं तक की पुस्तकों में आये ऐसे शब्द जिनको चित्र के माध्यम से समझाना ।
  • स्थानीय भाषा / हिन्दी में चार चार लाइन के पठन सामग्री / गीत आदि फ्लेश कार्ड में उपयोग में लाए जाने हेतु सभी तैयार सामग्री को स्पष्ट टंकित कर प्रूफ रीडिंग कर त्रुटिरहित मुद्रण के लिए तैयार करना ।
  • गणित के जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग के कुछ सवाल सहित फ्लेश कार्ड आसपास के पर्यावरण से संबंधित जानकारी युक्त फ्लेश कार्ड स्थानीय भाषा में डिक्सनटी निर्माण जिसमें स्पष्ट वर्गीकरण कर शब्दों को प्रस्तुत किया जाना ।

एजेंडा चार -बच्चों के सीखने हेतु खिलौना निर्माण

  • FLN के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु toy pedagogy पर काम करने का सुझाव दिया गया है.
  • इस हेतु शिक्षकों के प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी द्वारा वेबीनारों की श्रंखला, खिलोना बनाने के वीडियोज, पुस्तकें आदि तैयार करना ।
  • बच्चे निपुण भारत के लक्ष्य प्रभावी संवाद स्थापित करने में सफल हो सकेंगे (effective Communicator)

एजेंडा पांच: कक्षाओं की वर्चुअल मानिटरिंग / निरीक्षण

  • FLN के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु कक्षाओं का नियमित निरीक्षण करना ।
  • निरीक्षण के आधार पर देखी गयी कमियों को शालाओं को तत्काल मुधाटने हेतु निर्देशित करना ।
  • विकासखंड में प्रतिदिन कम से कम तीन प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण करना ।
  • निरीक्षण का काम करते हुए अकादमिक कमावट लाने की दिशा में काम करना ।

एजेंडा छह: जोड़ने-घटाने की अवधारणा पर कैसे काम करें ?

  • जोड़ना और घटाना सीखने को हम दो तरह से देख सकते है:
    • शुरुआती स्तर (FIN) के बच्चों के साथ (FIN स्तर के बच्चों के लिए) जिसमें कक्षा 1-2 स्तर के बच्चे शामिल हैं। इनके साथ अवधारणा की समझ एवं उसके अभ्यास पर अधिक कार्य किए जाने की जरूरत है।
    • कक्षा 3 से 5 स्तर (कक्षा स्तर) के बच्चों के साथ अवधारणा समझ के साथ साथ अभ्यास एवं उच्च स्तरीय सोच परजोट दिये जाने की जरूरत है जिसे जुलाई-अगस्त के चर्चा पत्र मे उदाहरण के साथ जिक्र किया गया था।

एजेंडा सात: रचनात्मक लेखन

  • पिछले दो चर्चा पत्रों में दो अलग प्रकार के लेखन की प्रक्रियाओं से आपको परिचित कराया गया था।
  • जिसमें कौशल आधारित लेखन और निर्देशित लेखन पर विस्तार से चर्चा की गयी है।
  • रचनात्मक लेखन इस प्रक्रिया का अगला पड़ाव है। इस लेखन के अंतर्गत बच्चे दी गयी विषयवस्तु पर अपने अनुभव और कल्पना के आधार मौलिक विचारों को लिखने का प्रयास करते हैं।
  • लेखन की इस तरीके में बच्चे की कल्पना, अनुभव व रचनात्मकता की पूरी स्वतन्त्रता होती हैं।

एजेंडा आठ: सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्थिति में सुधार

  • शिक्षकों को यह समझना होगा कि वे अकेले FIN के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल नहीं हो सकते।
  • उन्हें इसके लिए अपने समुदाय के पास जाना होगा, उनसे सहयोग लेना होगा।
  • स्कूल, घर और समुदाय मिलकर ही इतने कम समयसीमा लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकेंगे।
  • FIN हेतु समुदाय से अधिक से अधिक सहयोग लेने हेतु निम्नलिखित प्रयास किया जा सकता है।

एजेंडा नौ: FLN के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए शिक्षक की भूमिका

  • पिछले दस वर्षों से हम भाषा और गणित में थोड़ा बहुत ऊपर नीचे होते रहते हैं ।
  • वर्ष 2026-27 तक कक्षा तीन तक के सभी बच्चों में उनके कक्षावार दक्षताएं हासिल हो करनी है ।
  • पिछले दस साल से अधिक यदि हम एक मामले में तीस प्रतिशत थे तो अब हम तीन वर्षों में तीस प्रतिशत से सीधे सौ प्रतिशत तक जाना चाहते हैं।

एजेंडा दस: FLN के अंतर्गत स्पीड रीडिंग

  • एक औसत व्यक्ति लगभग दो सौ शब्द प्रति मिनट की स्पीड से पढ़ सकता है ।
  • जिसे अभ्यास से छह सौ शब्द तक बढाया जा सकता है।
  • आप लोग अपने अपने समझ के साथ पढने की स्पीड देखने, जांचने का प्रयास करें,

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