⏳ कालखंड 1 (प्रथम अवधि – 35-40 मिनट)
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दिनांक: _________
1. शिक्षण-उद्देश्य (Learning Objectives)
इस कालखंड के अंत तक छात्र—
- संस्कृत में तीन लिंगों (पुल्लिङ्गम्, स्त्रीलिङ्गम्, नपुंसकलिङ्गम्) को पहचान सकेंगे।
- सर्वनाम — सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत् — का अर्थ और प्रयोग समझ सकेंगे।
- “यह कौन है?” / “यह क्या है?” — इस प्रकार के वाक्यों को संस्कृत में समझ सकेंगे।
- चित्रों को देखकर संस्कृत में पहचान कर सकेंगे (जैसे — बालकः, बालिका, फलम्)।
2. शिक्षण-सामग्री (Teaching Aids)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 29-34)
- लिंग-चार्ट (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग)
- चित्र-कार्ड्स (बालकः, बालिका, फलम्, शिक्षकः, शिक्षिका, पुस्तकम्, लेखनी आदि)
- सर्वनाम-फ्लैश कार्ड्स (सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्)
- बोर्ड/स्मार्टबोर्ड
3. पूर्व-ज्ञान (Prerequisite Knowledge)
- छात्रों ने पाठ 1 में वर्णमाला, स्वर, व्यंजन, गुणिताक्षर, संयुक्त व्यंजन पढ़-लिख लिए हैं।
- उन्हें हिंदी/मातृभाषा में ‘लड़का’, ‘लड़की’, ‘फल’ जैसे शब्दों का ज्ञान है।
- उन्हें ‘यह’, ‘वह’ सर्वनामों का सामान्य परिचय है।
4. शिक्षण-प्रक्रिया (Teaching Procedure) – चरणबद्ध
चरण 1: प्रस्तावना (प्रेरक प्रश्न) – (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
कक्षा में प्रवेश करते ही विद्यार्थियों से पूछें—
- “आपके सामने कौन बैठा है?” (एक छात्र/छात्रा की ओर इशारा करें)
- “आप उसे हिंदी में क्या कहेंगे? — यह, वह?”
- “क्या आप जानते हैं कि संस्कृत में ‘यह’ और ‘वह’ को क्या कहते हैं?”
छात्र प्रतिक्रिया: छात्र अपने विचार साझा करेंगे।
उद्देश्य: पाठ के विषय में रुचि उत्पन्न करना।
चरण 2: प्रस्तुतीकरण – लिंग एवं सर्वनाम (15 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
(क) तीन लिंगों का परिचय (बोर्ड पर तालिका):
| लिंग (संस्कृत) | लिंग (हिंदी) | उदाहरण | सर्वनाम |
| पुल्लिङ्गम् | पुल्लिंग (Masculine) | बालकः, शिक्षकः, वृक्षः | सः / एषः (वह / यह) |
| स्त्रीलिङ्गम् | स्त्रीलिंग (Feminine) | बालिका, शिक्षिका, लता | सा / एषा (वह / यह) |
| नपुंसकलिङ्गम् | नपुंसकलिंग (Neuter) | फलम्, पुस्तकम्, चक्रम् | तत् / एतत् (वह / यह) |
(ख) सर्वनामों का अर्थ और उच्चारण:
| सर्वनाम | अर्थ | लिंग |
| सः | वह (पुल्लिंग) | पुल्लिङ्गम् |
| सा | वह (स्त्रीलिंग) | स्त्रीलिङ्गम् |
| तत् | वह (नपुंसकलिंग) | नपुंसकलिङ्गम् |
| एषः | यह (पुल्लिंग) | पुल्लिङ्गम् |
| एषा | यह (स्त्रीलिंग) | स्त्रीलिङ्गम् |
| एतत् | यह (नपुंसकलिंग) | नपुंसकलिङ्गम् |
(ग) उदाहरण वाक्य (बोर्ड पर):
- सः बालकः। (वह लड़का है।)
- सा बालिका। (वह लड़की है।)
- तत् फलम्। (वह फल है।)
- एषः शिक्षकः। (यह शिक्षक है।)
- एषा शिक्षिका। (यह शिक्षिका है।)
- एतत् पुस्तकम्। (यह पुस्तक है।)
(घ) चित्र-पहचान: पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 29-30) के चित्रों को दिखाते हुए छात्रों से पूछें:
- “एषः कः?” (यह कौन है?) → “एषः बालकः।”
- “एषा का?” → “एषा बालिका।”
- “एतत् किम्?” → “एतत् फलम्।”
चरण 3: श्रवण एवं अनुकरण (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- स्वयं सभी वाक्यों को सही उच्चारण के साथ 2-3 बार पढ़ें।
- छात्र प्रत्येक वाक्य को दोहराएँ।
- विशेष ध्यान दें: तत् और एतत् का उच्चारण (अंत में ‘त्’ का हल्का उच्चारण)।
चरण 4: निष्कर्ष एवं चर्चा (10 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
निम्नलिखित प्रश्न पूछें—
- “बालकः” किस लिंग का शब्द है? (पुल्लिङ्गम्)
- “बालिका” किस लिंग का शब्द है? (स्त्रीलिङ्गम्)
- “फलम्” किस लिंग का शब्द है? (नपुंसकलिङ्गम्)
- “पुल्लिङ्गम्” के लिए कौन-सा सर्वनाम आता है? (सः/एषः)
- “नपुंसकलिङ्गम्” के लिए कौन-सा सर्वनाम आता है? (तत्/एतत्)
5. प्रमुख शब्द-अर्थ (Key Vocabulary)
| संस्कृत शब्द | हिंदी अर्थ | वाक्य प्रयोग |
| पुल्लिङ्गम् | पुल्लिंग (Masculine Gender) | रामः पुल्लिङ्गम् अस्ति। |
| स्त्रीलिङ्गम् | स्त्रीलिंग (Feminine Gender) | सीता स्त्रीलिङ्गम् अस्ति। |
| नपुंसकलिङ्गम् | नपुंसकलिंग (Neuter Gender) | फलम् नपुंसकलिङ्गम् अस्ति। |
| सर्वनामम् | सर्वनाम (Pronoun) | सः, सा, तत् — सर्वनामानि। |
| उदाहरणम् | उदाहरण (Example) | एतत् उदाहरणम् अस्ति। |
6. छात्र-अधिगम (Student Learning Outcomes)
इस कालखंड के अंत तक—
- छात्र तीनों लिंगों (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग) को पहचान सकेंगे।
- छात्र ‘सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्’ सर्वनामों का सही प्रयोग कर सकेंगे।
- छात्र चित्र देखकर “एषः कः?”, “एषा का?”, “एतत् किम्?” पूछ और उत्तर दे सकेंगे।
7. सतत मूल्यांकन (Formative Assessment)
मौखिक प्रश्न:
- “‘एषः’ किस लिंग के लिए आता है?” (पुल्लिङ्गम्)
- “‘सा’ किसके लिए आता है?” (स्त्रीलिङ्गम्)
बोर्ड पर लिखवाएँ:
- “सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्” — सभी सर्वनामों को कॉपी में लिखवाएँ।
रिक्त स्थान पूर्ति:
- ______ बालकः। (सः / सा / तत्) — उत्तर: सः
- ______ बालिका। (एषः / एषा / एतत्) — उत्तर: एषा
8. शिक्षक-टिप्पणी (Teacher’s Remark)
- क्या छात्रों ने तीनों लिंगों को समझ लिया?
- क्या ‘सः’ और ‘सा’ में अंतर स्पष्ट हो पाया?
- क्या ‘तत्’ और ‘एतत्’ का उच्चारण सही हो पाया?
- अगली अवधि के लिए योजना: क्रियापद (पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडति) एवं वचन (एकवचन/द्विवचन/बहुवचन) सिखाना है।
⏳ कालखंड 2 (द्वितीय अवधि – 35-40 मिनट)
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दिनांक: _________
1. शिक्षण-उद्देश्य (Learning Objectives)
छात्र—
- क्रियापदों (पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडति) का अर्थ एवं प्रयोग समझेंगे।
- वचन (एकवचनम्, द्विवचनम्, बहुवचनम्) की अवधारणा को समझेंगे।
- क्रियापदों को वचन के अनुसार बदलना सीखेंगे:
- एकवचन: पठति
- द्विवचन: पठतः
- बहुवचन: पठन्ति
- सर्वनामों के साथ क्रियापदों का समन्वय कर सकेंगे।
2. पाठ्य-सामग्री (Teaching Aids)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 30-31)
- क्रियापद-चार्ट (पठति, पठतः, पठन्ति आदि)
- वचन-चार्ट (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन)
- फ्लैश कार्ड्स (क्रियापदों के)
- रोल-प्ले गतिविधि सामग्री
3. पूर्व-ज्ञान (Prerequisite Knowledge)
- छात्रों को लिंग और सर्वनाम का ज्ञान है (पिछली अवधि)।
- उन्होंने हिंदी/मातृभाषा में क्रियाओं (खाता है, पीता है, पढ़ता है) का प्रयोग देखा है।
- उन्हें ‘एक’ और ‘अनेक’ का सामान्य ज्ञान है।
4. शिक्षण-प्रक्रिया (Teaching Procedure)
चरण 1: पुनरावृत्ति एवं प्रस्तावना (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- पिछली अवधि का पुनःस्मरण:
“बालकः किस लिंग का शब्द है? इसके लिए कौन-सा सर्वनाम आता है?” - अब प्रश्न करें:
“यदि बालक पढ़ता है, तो संस्कृत में क्या कहेंगे?” (बालकः पठति।)
“यदि दो बालक पढ़ते हैं, तो क्या कहेंगे?” (बालकौ पठतः।)
“यदि अनेक बालक पढ़ते हैं, तो क्या कहेंगे?” (बालकाः पठन्ति।) - उद्देश्य: वचन के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना।
चरण 2: प्रस्तुतीकरण – क्रियापद एवं वचन (15 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
(क) क्रियापदों का अर्थ (बोर्ड पर):
| क्रियापद (संस्कृत) | हिंदी अर्थ |
| पठति | पढ़ता है |
| पिबति | पीता है |
| खादति | खाता है |
| गच्छति | जाता है |
| क्रीडति | खेलता है |
(ख) वचन का परिचय (बोर्ड पर तालिका):
| वचन (संस्कृत) | हिंदी अर्थ | संख्या | उदाहरण |
| एकवचनम् | एकवचन (Singular) | 1 | बालकः पठति। |
| द्विवचनम् | द्विवचन (Dual) | 2 | बालकौ पठतः। |
| बहुवचनम् | बहुवचन (Plural) | 3+ | बालकाः पठन्ति। |
(ग) क्रियापदों के वचन-रूप (बोर्ड पर सारणी):
| धातु (मूल) | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| पठ् (पढ़ना) | पठति | पठतः | पठन्ति |
| पिब् (पीना) | पिबति | पिबतः | पिबन्ति |
| खाद् (खाना) | खादति | खादतः | खादन्ति |
| गच्छ् (जाना) | गच्छति | गच्छतः | गच्छन्ति |
| क्रीड् (खेलना) | क्रीडति | क्रीडतः | क्रीडन्ति |
(घ) सर्वनाम + क्रियापद (बोर्ड पर):
| पुल्लिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् |
| सः पठति। | सा पठति। | तत् पठति। |
| तौ पठतः। | ते पठतः। | ते पठतः। |
| ते पठन्ति। | ताः पठन्ति। | तानि पठन्ति। |
चरण 3: श्रवण एवं अनुकरण (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- सभी वाक्यों को सही उच्चारण के साथ 2-3 बार पढ़ें:
- “सः पठति। सा पठति। तत् पठति।”
- “तौ पठतः। ते पठतः। ते पठतः।”
- “ते पठन्ति। ताः पठन्ति। तानि पठन्ति।”
- छात्र प्रत्येक वाक्य को दोहराएँ।
चरण 4: निष्कर्ष एवं चर्चा (10 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
प्रश्न पूछें—
- “बालकः पिबति” — यह किस वचन का वाक्य है? (एकवचनम्)
- “बालिके खादतः” — कितनी बालिकाएँ खा रही हैं? (2)
- “बालकाः क्रीडन्ति” — इसका हिंदी अर्थ क्या है? (बालक खेलते हैं।)
- “गच्छति” का द्विवचन क्या है? (गच्छतः)
- “पठन्ति” किस वचन का रूप है? (बहुवचनम्)
5. प्रमुख शब्द-अर्थ (Key Vocabulary)
| संस्कृत शब्द | हिंदी अर्थ | वाक्य प्रयोग |
| एकवचनम् | एकवचन (Singular) | रामः पठति — एकवचनम्। |
| द्विवचनम् | द्विवचन (Dual) | रामकृष्णौ पठतः — द्विवचनम्। |
| बहुवचनम् | बहुवचन (Plural) | बालकाः पठन्ति — बहुवचनम्। |
| क्रियापदम् | क्रिया (Verb) | पठति, गच्छति — क्रियापदानि। |
| धातुः | धातु (Root) | पठ्, गम् — धातवः। |
6. छात्र-अधिगम (Student Learning Outcomes)
इस कालखंड के अंत तक—
- छात्र 5 क्रियापदों (पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडति) के अर्थ बता सकेंगे।
- छात्र क्रियापदों को एकवचन, द्विवचन, बहुवचन में बदल सकेंगे।
- छात्र सर्वनामों के साथ क्रियापदों का समन्वय कर सकेंगे।
- छात्र वाक्यों का वचन पहचान सकेंगे।
7. सतत मूल्यांकन (Formative Assessment)
मौखिक प्रश्न:
- “‘पिबतः’ किस वचन का रूप है?” (द्विवचनम्)
- “‘खादन्ति’ का एकवचन क्या है?” (खादति)
लिखित कार्य:
- ‘गच्छति’, ‘गच्छतः’, ‘गच्छन्ति’ — कॉपी में लिखवाएँ।
- “बालिका ______” (पठति/पठन्ति) — रिक्त स्थान भरवाएँ।
रिक्त स्थान पूर्ति:
- एकवचनम्: सः पठति → द्विवचनम्: तौ ______ (पठतः) → बहुवचनम्: ते ______ (पठन्ति)।
8. शिक्षक-टिप्पणी (Teacher’s Remark)
- क्या छात्रों ने क्रियापदों के वचन-रूपों को समझ लिया?
- क्या उन्हें द्विवचन (दो के लिए) की अवधारणा स्पष्ट हुई? (यह हिंदी में नहीं है, इसलिए विशेष ध्यान देना होगा।)
- क्या ‘पठतः’ और ‘पठन्ति’ का उच्चारण सही हो पाया?
- अगली अवधि के लिए योजना: प्रश्न-निर्माण (कः? का? किम्?) और अधिक अभ्यास कराना है।
⏳ कालखंड 3 (तृतीय अवधि – 35-40 मिनट)
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दिनांक: _________
1. शिक्षण-उद्देश्य (Learning Objectives)
छात्र—
- प्रश्नवाचक सर्वनाम — कः? का? किम्? — का अर्थ और प्रयोग समझेंगे।
- “कः?”, “का?”, “किम्?” से प्रश्न पूछना और उत्तर देना सीखेंगे।
- सभी तीन लिंगों और तीनों वचनों में प्रश्न-उत्तर का अभ्यास करेंगे।
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 33-38) के संवादों का अध्ययन करेंगे।
2. पाठ्य-सामग्री (Teaching Aids)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 33-38)
- प्रश्नवाचक-चार्ट (कः? का? किम्?)
- चित्र-कार्ड्स (विभिन्न वस्तुओं/व्यक्तियों के)
- बोर्ड/स्मार्टबोर्ड
3. पूर्व-ज्ञान (Prerequisite Knowledge)
- छात्रों को लिंग, वचन, सर्वनाम और क्रियापदों का ज्ञान है (पिछली अवधियाँ)।
- उन्होंने ‘सः’, ‘सा’, ‘तत्’ आदि का प्रयोग सीख लिया है।
4. शिक्षण-प्रक्रिया (Teaching Procedure)
चरण 1: पुनरावृत्ति एवं प्रस्तावना (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- पिछली अवधि का पुनःस्मरण:
“‘पठति’ किस वचन का रूप है? ‘पठतः’ किस वचन का?” - अब प्रश्न करें:
“यदि हम किसी से पूछें — ‘यह कौन है?’ — तो संस्कृत में क्या कहेंगे?”
“‘यह क्या है?’ — संस्कृत में क्या कहेंगे?” - उद्देश्य: प्रश्नवाचक शब्दों के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
चरण 2: प्रस्तुतीकरण – प्रश्नवाचक सर्वनाम (15 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
(क) प्रश्नवाचक सर्वनाम (बोर्ड पर तालिका):
| प्रश्न (संस्कृत) | हिंदी अर्थ | लिंग |
| कः? | कौन? (पुल्लिंग) | पुल्लिङ्गम् |
| का? | कौन? (स्त्रीलिंग) | स्त्रीलिङ्गम् |
| किम्? | क्या? (नपुंसकलिंग) | नपुंसकलिङ्गम् |
(ख) प्रश्न-उत्तर के उदाहरण (बोर्ड पर):
| प्रश्न | उत्तर |
| एषः कः? (यह कौन है?) | एषः बालकः। |
| एषा का? (यह कौन है?) | एषा बालिका। |
| एतत् किम्? (यह क्या है?) | एतत् फलम्। |
| सः कः? (वह कौन है?) | सः शिक्षकः। |
| सा का? (वह कौन है?) | सा शिक्षिका। |
| तत् किम्? (वह क्या है?) | तत् पुस्तकम्। |
(ग) विभिन्न वचनों में प्रश्न-उत्तर (बोर्ड पर):
| वचन | प्रश्न (पुल्लिङ्ग) | उत्तर |
| एकवचन | सः कः? | सः बालकः। |
| द्विवचन | तौ कौ? | तौ बालकौ। |
| बहुवचन | ते के? | ते बालकाः। |
| वचन | प्रश्न (स्त्रीलिङ्ग) | उत्तर |
| एकवचन | सा का? | सा बालिका। |
| द्विवचन | ते के? | ते बालिके। |
| बहुवचन | ताः का? | ताः बालिकाः। |
| वचन | प्रश्न (नपुंसकलिङ्ग) | उत्तर |
| एकवचन | तत् किम्? | तत् फलम्। |
| द्विवचन | ते के? | ते फले। |
| बहुवचन | तानि कानि? | तानि फलानि। |
(घ) पाठ्यपुस्तक के संवाद (पृष्ठ 33-35) — शिक्षक स्वयं पढ़ें, छात्र दोहराएँ और अर्थ समझें।
चरण 3: जोड़ी-कार्य (Pair Work) – (8 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- छात्रों को जोड़ियों में बाँटें।
- एक छात्र प्रश्न पूछेगा, दूसरा उत्तर देगा:
- छात्र 1: “एषः कः?”
- छात्र 2: “एषः बालकः।”
- छात्र 1: “एषा का?”
- छात्र 2: “एषा बालिका।”
- छात्र 1: “एतत् किम्?”
- छात्र 2: “एतत् पुस्तकम्।”
- शिक्षक घूम-घूमकर सहायता करेंगे।
चरण 4: निष्कर्ष एवं आकलन (7 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
प्रश्न पूछें—
- पुल्लिङ्ग में ‘कौन?’ पूछने के लिए कौन-सा शब्द आता है? (कः?)
- स्त्रीलिङ्ग में ‘कौन?’ पूछने के लिए कौन-सा शब्द आता है? (का?)
- नपुंसकलिङ्ग में ‘क्या?’ पूछने के लिए कौन-सा शब्द आता है? (किम्?)
- दो बालकों के लिए प्रश्न क्या होगा? (तौ कौ?)
5. प्रमुख शब्द-अर्थ (Key Vocabulary)
| संस्कृत शब्द | हिंदी अर्थ | वाक्य प्रयोग |
| कः | कौन? (पुल्लिंग) | सः कः? — सः बालकः। |
| का | कौन? (स्त्रीलिंग) | सा का? — सा बालिका। |
| किम् | क्या? (नपुंसकलिंग) | तत् किम्? — तत् फलम्। |
| कौ | कौन? (द्विवचन) | तौ कौ? — तौ बालकौ। |
| के | कौन? (बहुवचन, पु./नपु.) | ते के? — ते बालकाः। |
| कानि | क्या? (बहुवचन, नपुं.) | तानि कानि? — तानि फलानि। |
6. छात्र-अधिगम (Student Learning Outcomes)
इस कालखंड के अंत तक—
- छात्र ‘कः?’, ‘का?’, ‘किम्?’ का सही प्रयोग कर सकेंगे।
- छात्र सभी तीन लिंगों और तीनों वचनों में प्रश्न पूछ और उत्तर दे सकेंगे।
- छात्र पाठ्यपुस्तक के संवादों को पढ़ और समझ सकेंगे।
- छात्र जोड़ी में संवाद कर सकेंगे।
7. सतत मूल्यांकन (Formative Assessment)
मौखिक प्रश्न:
- “‘किम्’ किस लिंग के लिए आता है?” (नपुंसकलिङ्गम्)
- “दो बालिकाओं के लिए प्रश्न क्या होगा?” (ते के?)
लिखित कार्य:
- “सः कः?” — इसका उत्तर लिखें (सः बालकः।)
- “तत् किम्?” — इसका उत्तर लिखें (तत् फलम्।)
रिक्त स्थान पूर्ति:
- एकवचनम्: सः कः? → द्विवचनम्: तौ ______? (कौ) → बहुवचनम्: ते ______? (के)
- एषा ______? (का) — उत्तर: एषा बालिका।
8. शिक्षक-टिप्पणी (Teacher’s Remark)
- क्या छात्रों ने प्रश्नवाचक शब्दों को लिंग और वचन के साथ जोड़ा?
- क्या वे ‘कौ’ और ‘के’ में अंतर समझ पा रहे हैं?
- क्या जोड़ी-कार्य में सभी छात्रों ने भाग लिया?
- अगली अवधि के लिए योजना: शब्द-रूप (अकारान्त, आकारान्त, ईकारान्त) और अभ्यास कराना है।
⏳ कालखंड 4 (चौथी अवधि – 35-40 मिनट)
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दिनांक: _________
1. शिक्षण-उद्देश्य (Learning Objectives)
छात्र—
- अकारान्त-पुल्लिङ्ग (बालक, वृक्ष, शिक्षक), आकारान्त-स्त्रीलिङ्ग (बालिका, लता, शिक्षिका) और ईकारान्त-स्त्रीलिङ्ग (लेखनी, नदी, भगिनी) शब्दों को पहचानेंगे।
- नपुंसकलिङ्ग शब्दों (फलम्, पुस्तकम्, जलम्) को पहचानेंगे।
- इन शब्दों का एकवचन/द्विवचन/बहुवचन में प्रयोग करेंगे।
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 39-43) के अभ्यासों को हल करेंगे।
2. पाठ्य-सामग्री (Teaching Aids)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 39-43)
- शब्द-रूप चार्ट (अकारान्त, आकारान्त, ईकारान्त)
- ‘तत्’ और ‘एतत्’ के रूपों की तालिका
- अभ्यास-पत्रिका (Worksheets)
3. पूर्व-ज्ञान (Prerequisite Knowledge)
- छात्रों को लिंग, वचन, सर्वनाम, क्रियापद का ज्ञान है (पिछली अवधियाँ)।
- उन्होंने प्रश्न-उत्तर का अभ्यास कर लिया है।
4. शिक्षण-प्रक्रिया (Teaching Procedure)
चरण 1: पुनरावृत्ति एवं प्रस्तावना (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- पिछली अवधियों का संक्षिप्त पुनःस्मरण:
“कः? का? किम्? — ये किसके लिए आते हैं?”
“पठति, पठतः, पठन्ति — ये किस वचन के रूप हैं?” - अब प्रश्न करें:
“क्या आप जानते हैं कि ‘बालक’ किस प्रकार का शब्द है? इसके अंत में कौन-सा वर्ण है?” (‘अ’)
“‘बालिका’ के अंत में कौन-सा वर्ण है?” (‘आ’)
“‘लेखनी’ के अंत में कौन-सा वर्ण है?” (‘ई’) - उद्देश्य: शब्द-रूपों के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना।
चरण 2: प्रस्तुतीकरण – शब्द-रूप (15 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
(क) अकारान्त-पुल्लिङ्ग शब्द (बोर्ड पर):
| वचन | बालक (लड़का) | शिक्षक (शिक्षक) | वृक्ष (पेड़) |
| एकवचन | बालकः | शिक्षकः | वृक्षः |
| द्विवचन | बालकौ | शिक्षकौ | वृक्षौ |
| बहुवचन | बालकाः | शिक्षकाः | वृक्षाः |
(ख) आकारान्त-स्त्रीलिङ्ग शब्द (बोर्ड पर):
| वचन | बालिका (लड़की) | शिक्षिका (शिक्षिका) | लता (बेल) |
| एकवचन | बालिका | शिक्षिका | लता |
| द्विवचन | बालिके | शिक्षिके | लते |
| बहुवचन | बालिकाः | शिक्षिकाः | लताः |
(ग) ईकारान्त-स्त्रीलिङ्ग शब्द (बोर्ड पर):
| वचन | लेखनी (पेन) | नदी (नदी) | भगिनी (बहन) |
| एकवचन | लेखनी | नदी | भगिनी |
| द्विवचन | लेखन्यौ | नद्यौ | भगिन्यौ |
| बहुवचन | लेखन्यः | नद्यः | भगिन्यः |
(घ) अकारान्त-नपुंसकलिङ्ग शब्द (बोर्ड पर):
| वचन | फलम् (फल) | पुस्तकम् (पुस्तक) | जलम् (जल) |
| एकवचन | फलम् | पुस्तकम् | जलम् |
| द्विवचन | फले | पुस्तके | जले |
| बहुवचन | फलानि | पुस्तकानि | जलानि |
(ङ) ‘तत्’ और ‘एतत्’ के रूप (बोर्ड पर):
| वचन | तत् (पुल्लिङ्ग) | तत् (स्त्रीलिङ्ग) | तत् (नपुंसकलिङ्ग) |
| एकवचन | सः | सा | तत् |
| द्विवचन | तौ | ते | ते |
| बहुवचन | ते | ताः | तानि |
| वचन | एतत् (पुल्लिङ्ग) | एतत् (स्त्रीलिङ्ग) | एतत् (नपुंसकलिङ्ग) |
| एकवचन | एषः | एषा | एतत् |
| द्विवचन | एतौ | एते | एते |
| बहुवचन | एते | एताः | एतानि |
चरण 3: अभ्यास (पाठ्यपुस्तक) – 10 मिनट
शिक्षक क्रिया:
छात्रों को पाठ्यपुस्तक के निम्नलिखित अभ्यास करने को कहें:
- पृष्ठ 39 — अभ्यास 1: चित्रों को देखकर संस्कृत शब्द लिखें।
- पृष्ठ 40 — अभ्यास 2: उदाहरणानुसार पट्टिका से पद चुनकर रिक्त स्थान भरें।
- पृष्ठ 41 — अभ्यास 5: पट्टिका से पद चुनकर उचित घटे (कॉलम) में भरें।
- पृष्ठ 42 — अभ्यास 6: प्रश्नों के उत्तर एकपद/पूर्णवाक्य में लिखें।
- शिक्षक घूम-घूमकर छात्रों की सहायता करेंगे।
चरण 4: निष्कर्ष एवं आकलन (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
प्रश्न पूछें—
- “बालक” किस प्रकार का शब्द है? (अकारान्त-पुल्लिङ्ग)
- “बालिका” किस प्रकार का शब्द है? (आकारान्त-स्त्रीलिङ्ग)
- “लेखनी” किस प्रकार का शब्द है? (ईकारान्त-स्त्रीलिङ्ग)
- “फलम्” किस प्रकार का शब्द है? (अकारान्त-नपुंसकलिङ्ग)
5. प्रमुख शब्द-अर्थ (Key Vocabulary)
| संस्कृत शब्द | हिंदी अर्थ | वाक्य प्रयोग |
| अकारान्तः | अकारान्त (Ending with ‘अ’) | बालकः अकारान्तः अस्ति। |
| आकारान्तः | आकारान्त (Ending with ‘आ’) | बालिका आकारान्ता अस्ति। |
| ईकारान्तः | ईकारान्त (Ending with ‘ई’) | लेखनी ईकारान्ता अस्ति। |
| नपुंसकलिङ्गम् | नपुंसकलिंग (Neuter) | फलम् नपुंसकलिङ्गम् अस्ति। |
6. छात्र-अधिगम (Student Learning Outcomes)
इस कालखंड के अंत तक—
- छात्र अकारान्त, आकारान्त, ईकारान्त शब्दों को पहचान सकेंगे।
- छात्र शब्दों का एकवचन, द्विवचन, बहुवचन रूप बना सकेंगे।
- छात्र ‘तत्’ और ‘एतत्’ के सभी रूपों का प्रयोग कर सकेंगे।
- छात्र पाठ्यपुस्तक के अभ्यासों को हल कर सकेंगे।
7. सतत मूल्यांकन (Formative Assessment)
मौखिक प्रश्न:
- “‘शिक्षिका’ किस प्रकार का शब्द है?” (आकारान्त-स्त्रीलिङ्ग)
- “‘पुस्तकम्’ का बहुवचन क्या है?” (पुस्तकानि)
लिखित कार्य:
- ‘बालक’ का एकवचन, द्विवचन, बहुवचन लिखें।
- ‘नदी’ का एकवचन, द्विवचन, बहुवचन लिखें।
रिक्त स्थान पूर्ति:
- बालिका (एकवचन) → ______ (द्विवचन) → बालिकाः (बहुवचन) — उत्तर: बालिके
- फलम् (एकवचन) → फले (द्विवचन) → ______ (बहुवचन) — उत्तर: फलानि
8. शिक्षक-टिप्पणी (Teacher’s Remark)
- क्या छात्रों ने विभिन्न प्रकार के शब्द-रूपों को समझ लिया?
- क्या द्विवचन में ‘ई’ वाले शब्दों (लेखन्यौ) का रूप बनाने में कठिनाई आ रही है?
- क्या वे ‘तत्’ और ‘एतत्’ के सभी रूपों को पहचान पा रहे हैं?
- अगली अवधि के लिए योजना: शेष अभ्यास, योग्यताविस्तर और परियोजना-कार्य कराना है।
⏳ कालखंड 5 (पाँचवीं अवधि – 35-40 मिनट)
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दिनांक: _________
1. शिक्षण-उद्देश्य (Learning Objectives)
छात्र—
- पाठ के सभी अभ्यासों (पृष्ठ 39-44) को पूरा करेंगे।
- योग्यताविस्तर (अकारान्त-शब्द, आकारान्त-शब्द, ईकारान्त-शब्द, ‘तत्’/’एतत्’/’किम्’ के रूप) को समझेंगे।
- परियोजना-कार्य (गृह-वस्तुओं के नाम लिखना) करेंगे।
- ‘तत्’, ‘एतत्’, ‘किम्’ के सभी रूपों की तालिका स्मरण करेंगे।
2. पाठ्य-सामग्री (Teaching Aids)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 42-44 — योग्यताविस्तर एवं परियोजना)
- शब्द-रूप तालिका (बोर्ड पर)
- अभ्यास-पत्रिका (शेष अभ्यास)
- A3 शीट (परियोजना-कार्य हेतु)
3. पूर्व-ज्ञान (Prerequisite Knowledge)
- छात्रों ने पिछली अवधियों में लिंग, वचन, सर्वनाम, क्रियापद, शब्द-रूप पढ़-लिख लिए हैं।
- उन्होंने अधिकांश अभ्यास कर लिए हैं।
4. शिक्षण-प्रक्रिया (Teaching Procedure)
चरण 1: पुनरावृत्ति एवं प्रस्तावना (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- पिछली अवधि का संक्षिप्त पुनःस्मरण:
“अकारान्त-पुल्लिङ्ग का एक उदाहरण दीजिए।”
“आकारान्त-स्त्रीलिङ्ग का एक उदाहरण दीजिए।”
“ईकारान्त-स्त्रीलिङ्ग का एक उदाहरण दीजिए।”
“नपुंसकलिङ्ग का एक उदाहरण दीजिए।” - अब घोषित करें:
“आज हम शेष अभ्यास करेंगे और ‘योग्यताविस्तर’ को समझेंगे।”
चरण 2: शेष अभ्यास (पाठ्यपुस्तक) – 12 मिनट
शिक्षक क्रिया:
छात्रों को निम्नलिखित शेष अभ्यास करने को कहें:
- पृष्ठ 42 — अभ्यास 7: उदाहरणानुसार प्रश्न-निर्माण करें।
- सः गजः। → सः कः?
- सः बालकः। → ______ (सः कः?)
- सा नदी। → ______ (सा का?)
- तत् फलम्। → ______ (तत् किम्?)
- पृष्ठ 42 — अभ्यास 8: परस्पर-संबंधित पदों को संयोजित करें और रिक्त स्थान भरें।
- कमलम् → विकसति
- लेखकः → लिखति
- फलम् → पतति
- नर्तकी → नृत्यति
- चालकः → चालयति
- गायिका → गायति
- पृष्ठ 42 — अभ्यास 9: कोष्ठक से उचित पद चुनकर वाक्य बनाएँ।
- कः/का धावति? → बालकः धावति। / बालिका धावति। / शुनकः धावति।
- शिक्षक घूम-घूमकर सहायता करेंगे।
चरण 3: योग्यताविस्तर (पृष्ठ 42-43) – 10 मिनट
शिक्षक क्रिया:
(क) अकारान्त-शब्द, आकारान्त-शब्द, ईकारान्त-शब्द की पुनरावृत्ति:
| प्रकार | लिंग | उदाहरण | विशेषता |
| अकारान्त | पुल्लिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग | बालकः, फलम् | अंत में ‘अ’ |
| आकारान्त | स्त्रीलिङ्ग | बालिका, लता | अंत में ‘आ’ |
| ईकारान्त | स्त्रीलिङ्ग | लेखनी, नदी | अंत में ‘ई’ |
(ख) ‘तत्’, ‘एतत्’, ‘किम्’ के रूप (बोर्ड पर सारणी):
| सर्वनाम | पुल्लिङ्ग (ए/द्वि/बहु) | स्त्रीलिङ्ग (ए/द्वि/बहु) | नपुंसकलिङ्ग (ए/द्वि/बहु) |
| तत् | सः / तौ / ते | सा / ते / ताः | तत् / ते / तानि |
| एतत् | एषः / एतौ / एते | एषा / एते / एताः | एतत् / एते / एतानि |
| किम् | कः / कौ / के | का / के / काः | किम् / के / कानि |
(ग) महत्वपूर्ण सूत्र (बोर्ड पर):
- ‘तत्’ और ‘एतत्’ के रूप लिंग और वचन के अनुसार बदलते हैं।
- ‘किम्’ के रूप भी लिंग और वचन के अनुसार बदलते हैं।
- ये रूप प्रश्न-निर्माण और उत्तर-निर्माण में सहायक हैं।
चरण 4: परियोजना-कार्य (पृष्ठ 43) – 5 मिनट
शिक्षक क्रिया:
- छात्रों को परियोजना-कार्य (गृह-वस्तुओं के नाम) समझाएँ:
“आपको अपने घर की 15 वस्तुओं के नाम लिंग-विभाग (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग) के अनुसार लिखने हैं।” - उदाहरण (बोर्ड पर):
- पुल्लिङ्ग: घटः (घड़ा), दीपः (दीपक), स्यूतः (थैला)
- स्त्रीलिङ्ग: पेटिका (पेटी), कूपी (बोतल), द्रोणी (टोकरी)
- नपुंसकलिङ्ग: फलम् (फल), जलम् (जल), पुस्तकम् (पुस्तक)
- गृहकार्य: परियोजना-कार्य घर पर पूरा करके लाना है।
चरण 5: सारांश एवं आकलन (5 मिनट)
शिक्षक क्रिया:
- पूरे पाठ का संक्षिप्त सारांश:
“इस पाठ में हमने तीन लिंग (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग), तीन वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन), सर्वनाम (सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्), क्रियापद (पठति, पिबति आदि) और प्रश्नवाचक शब्द (कः, का, किम्) सीखे।”
मूल्यांकन प्रश्न:
- “त्रीन् लिङ्गानि के? नामानि लिखत।” (पुल्लिङ्गम्, स्त्रीलिङ्गम्, नपुंसकलिङ्गम्)
- “एकवचनम्, द्विवचनम्, बहुवचनम् — उदाहरण सहित लिखत।”
- “सः, सा, तत् — इन तीनों का प्रयोग करके एक-एक वाक्य लिखत।”
- “कः? का? किम्? — इन तीनों का प्रयोग करके प्रश्न-निर्माण करें।”
5. प्रमुख शब्द-अर्थ (Key Vocabulary)
| संस्कृत शब्द | हिंदी अर्थ | वाक्य प्रयोग |
| योग्यताविस्तरः | विस्तार (Extension) | योग्यताविस्तरः ज्ञानवर्धकः अस्ति। |
| परियोजनाकार्यम् | परियोजना (Project Work) | परियोजनाकार्यं गृहे करणीयम्। |
| गृहवस्तूनि | घर की वस्तुएँ (Household items) | गृहवस्तूनां नामानि लिखत। |
| लिङ्गविभागः | लिंग-विभाग (Gender classification) | शब्दानां लिङ्गविभागं कुरुत। |
6. छात्र-अधिगम (Student Learning Outcomes)
इस कालखंड के अंत तक—
- छात्र पाठ के सभी अभ्यासों को हल कर चुके होंगे।
- छात्र ‘योग्यताविस्तर’ में दिए गए सभी शब्द-रूपों को समझेंगे।
- छात्र ‘तत्’, ‘एतत्’, ‘किम्’ के सभी रूपों को स्मरण करेंगे।
- छात्र गृह-वस्तुओं के नाम लिंगानुसार लिख सकेंगे।
7. सतत मूल्यांकन (Formative Assessment)
मौखिक प्रश्न:
- “‘तत्’ का बहुवचन (पुल्लिङ्ग) क्या है?” (ते)
- “‘एतत्’ का स्त्रीलिङ्ग-द्विवचन क्या है?” (एते)
- “‘किम्’ का नपुंसकलिङ्ग-एकवचन क्या है?” (किम्)
लिखित कार्य:
- ‘तत्’ के सभी रूप (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग — तीनों वचनों में) लिखें।
- ‘एतत्’ के सभी रूप लिखें।
रिक्त स्थान पूर्ति:
- सः (एकवचन) → ______ (द्विवचन) → ते (बहुवचन) — उत्तर: तौ
- एषा (एकवचन) → एते (द्विवचन) → ______ (बहुवचन) — उत्तर: एताः
8. शिक्षक-टिप्पणी (Teacher’s Remark)
- क्या छात्रों ने सभी अभ्यासों को स्वतंत्र रूप से हल कर लिया?
- क्या उन्हें ‘तत्’ और ‘एतत्’ के सभी रूप स्मरण हो गए?
- क्या द्विवचन (दो के लिए) का प्रयोग स्पष्ट हो पाया?
- परियोजना-कार्य के लिए छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
- अगले पाठ हेतु तैयारी: पाठ 3 — “अहं च त्वं च” (सर्वनाम और ‘अस्’ धातु के रूप) का आरंभ करना है।
✅ पाठ 2: एषः कः? एषा का? एतत् किम्? — समाप्त
📝 कुल अवधि: 5 कालखंड
📌 पाठ के प्रमुख शिक्षण-बिंदु (सारांश):
| क्रम | शिक्षण-बिंदु | विवरण |
| 1 | लिंग (Gender) | पुल्लिङ्गम्, स्त्रीलिङ्गम्, नपुंसकलिङ्गम् |
| 2 | सर्वनाम (Pronouns) | सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत् |
| 3 | प्रश्नवाचक शब्द | कः? (पु.), का? (स्त्री.), किम्? (नपुं.) |
| 4 | वचन (Number) | एकवचनम्, द्विवचनम्, बहुवचनम् |
| 5 | क्रियापद (Verbs) | पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडति (तीनों वचनों में) |
| 6 | शब्द-रूप | अकारान्त (बालकः), आकारान्त (बालिका), ईकारान्त (लेखनी), नपुंसकलिङ्ग (फलम्) |
| 7 | ‘तत्’ और ‘एतत्’ के रूप | सभी लिंगों और वचनों में |
| 8 | प्रश्न-निर्माण | कः? का? किम्? कौ? के? कानि? |


