गतिविधि दिवस की गतिविधियाँ 01 August 2026 : मित्रता दिवस व शिल्प कला पर बातचीत

गतिविधि दिवस की गतिविधियाँ : छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सत्र सत्र 2026-27 में माह के प्रत्येक शनिवार को होगा बस्ता विहीन होगा । इस दिन बच्चे बिना बस्ते के विद्यालय आएंगे। इसका तात्पर्य कदापि यह नहीं है कि इस दिन कोई पढ़ाई नहीं होगी बल्कि इस दिन सीखने सिखाने का अंदाज रोचक एवं नवाचारी गतिविधियों से भरपूर होगा।

शासकीय प्राथमिक शाला की गतिविधियां

01.शारीरिक शिक्षा (खेल योग) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

कक्षा 1ली व 2री-

अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस-

  • अगस्त माह के प्रथम रविवार को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस अर्थात् फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।
  • यह दिन दोस्तों को समर्पित है।
  • हर व्यक्ति के जीवन में परिवार के बाद एक ऐसा व्यक्ति जरुर होता है जिससे खून का रिश्ता भले न हो लेकिन आजीवन दिल का रिश्ता जुड़ा जाता है।
  • इस दिन ग्रीटिंग कार्ड या उपहार मित्रों के बीच आदान-प्रदान किया जाता है।
  • कक्षा में उपलब्ध सामग्री जैसे-मोती, धागा, रिबन, स्पंज, आदि की सहायता से फ्रेंडशीप बैंड बनाएं एवं अपने मित्र को बांधे।

Activity –

  1. तीन पैर की दौड़ –
    • सभी बच्चे अपने-अपने मित्र के साथ जोड़ी बनाकर खड़े रहे, तथा अपने मित्र के दाएँ पैर से अपने बाएँ पैर को बांधे।
    • इस तरह बच्चे के कुछ 3 पैर होंगे।
    • शिक्षक एक निर्धारित दूरी तय करें।
    • सभी बच्चों को निर्धारित दूरी तक दौड़ने कहें।
    • जो सबसे पहले पहुँचेगा वह विजेता होगा।

कक्षा 3री से 5वीं

शिल्प कला-

  • हस्त कला या दस्तकारी के माध्यम से किसी वस्तु को एक आकर्षक रूप देने की कला को शिल्प कला कहते है।
  • शिल्प कला मुख्य रूप से हाथों और औजारों से जुड़े काम का रूप है।
  • शिल्प कला त्रिविमीय (3डी) कला होती है।
  • भारत में कई प्रकार की शिल्प कला पायी जाती है जैसे मिट्टी के काम, पत्थर का काम, धातु का काम, धागे की बुनाई, कपड़ा बुनना, आभूषण, चित्र, कागज, शिल्प, रंगमंच शिल्प, टोकरियाँ बनाना, दरियाँ बुनना, खिलौने बनाना आदि।

Activity

  • अतिथि वक्ताआपके जिले में जो भी शिल्प कला प्रचलित हो उससे संबंधित जानकार/विशेषज्ञ को विद्यालय में आमंत्रित कर कला से संबंधित भिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करें।
    • शिल्प कला का नाम –
    • आवश्यक सामग्री-
    • अवधि-
    • प्रक्रिया-
    • कैरियर के अवसर-
    • बनाकर दिखाना (स्वयं बनाएंगे) –
  • इस कला हेतु आवश्यक सामग्रियां, प्रक्रिया, समयसीमा आदि पर बातचीत करें।
  • बच्चों को डेमो देकर नमूना स्वरूप कोई वस्तु बनाकर दिखाएं और सिखाएँ।
  • बच्चे दी गई जानकारी को कॉपी में नोट करें।
  • बच्चे निर्देशानुसार सामग्री तैयार करें।
  • सिखाई गई वस्तु का प्रदर्शन करें।

शिल्प कला संबंधी प्रश्न –

  • इस प्रशिक्षण से आपने क्या-क्या सीखा अपने विचार व्यक्त करें।
  • यदि भविष्य में इसे व्यवसाय के रूप में अपनाना है तो आपको क्या करना होगा?
  • इस पर बच्चों के विचार आमंत्रित करें।

02.कला शिक्षा(बाँसुरी) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

कला एवं पेड़-पौधे

  • हमारे आसपास मौजूद पेड़-पौधे, उनकी शाखाएं, पत्ते, और फूल प्राकृतिक रूप से कला के सुंदर नमूने को दिखाते हुए हम सीखा सकते हैं ।
  • पक्षियों के घोंसले, जीव-जंतु और उनकी बनावट भी प्रकृति की अपनी कला का हिस्सा है बता सकते हैं ।
  • अवलोकन और सृजन –बाग-बगीचों या जंगलों की सैर करके पेड़-पौधों की अलग-अलग रेखाओं और स्वरूपों (पैटर्न) का अवलोकन किया जा सकता है।
  • प्रकृति से मिलने वाले इन अनुभवों को चित्रों, शिल्पकला या डिज़ाइनों के माध्यम से कागज़ पर उतारा जा सकता है।

प्रकृति में बनावटें-

  • फ्रैक्टल (Fractals): ये ऐसे पैटर्न हैं जो बार-बार खुद को दोहराते हैं। उदाहरण के लिए, पेड़ों की शाखाएँ, खून की नसें और फर्न के पत्ते, जो ऊर्जा और पोषक तत्वों के वितरण को अनुकूल बनाते हैं।
  • षट्कोणीय बनावट (Hexagonal/Honeycombs): मधुमक्खियों के छत्ते इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं, जो न्यूनतम सामग्री का उपयोग करके अधिकतम स्थान और मजबूती देते हैं।
  • तनाव-प्रतिरोधी जाले (Spider Webs): मकड़ी के जाले और कोशिकाओं की झिल्लियाँ दो-आयामी लचीली संरचनाएं होती हैं जो खिंचाव को सहन करती हैं
  • समरूपता (Symmetry): फूलों, पत्तियों, और समुद्री जीवों (जैसे शंख और स्टारफ़िश) में प्राकृतिक संतुलन और ज्यामितीय सुंदरता दिखाई देती है।
  • कंकाल और तने (Stalks and Trunks): पेड़ों के तने और जानवरों की हड्डियां दबाव, झुकने और वजन उठाने के लिए त्रि-आयामी (3D) रूप से मजबूत होती हैं।

कला एवं जीव-जंतु-

  • जीव-जंतुओं की विविधता: हमारे आसपास विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु रहते हैं—कुछ आकाश में उड़ते हैं, कुछ पानी में तैरते हैं, कुछ भूमि पर रहते हैं और कुछ भूमि के अंदर निवास करते हैं.
  • बारीकी से निरीक्षण: इस पाठ के द्वारा बच्चे जीव-जंतुओं के आकार, आकृति, रंग, पोत (टेक्सचर) और उनके शरीर पर बने खास पैटर्नों व निशानों को पहचानना सीखते हैं.
  • रचनात्मक गतिविधियाँ: बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए उन्हें अपने आसपास दिखने वाले जीव-जंतुओं के चित्र बनाने, उनमें रंग भरने और मनपसंद पशु-पक्षियों के मुखौटे (masks) बनाने की गतिविधियाँ कराई जाती हैं.

संगीत बनाना-

  • थीम और मूड तय करें: सबसे पहले यह तय करें कि आपका संगीत किस मूड का है—जैसे खुशमिजाज, शांत, रोमांटिक या उदास।
  • लय (Tempo) चुनें: संगीत की गति धीमी (Slow) होगी या तेज़ (Fast), इसका अंदाजा लगाएं।

हमारा राष्ट्रगान-

  • रचनाकार: [रवींद्रनाथ टैगोर]
  • मूल भाषा: बांग्ला
  • अपनाने की तिथि: 24 जनवरी 1950
  • अवधि: लगभग 52 सेकंड

कहानियाँ कहती मेरे नृत्य-

  • शारीरिक अभिव्यक्ति: इसमें शब्दों के बिना शरीर की मुद्राओं, हाथों के इशारों और चेहरे के भावों से कहानी को जीवंत किया जाता है।
  • कल्पना और समन्वय: यह बच्चों को लय (रदम) के साथ कदमों का तालमेल बिठाना और किसी पात्र (जैसे पक्षियों या जानवरों) की चाल का अभिनय करना सिखाता है।

लय का अनुभव करें-त क त कि ट –

  • स्थिर लय: घड़ी की टिक-टिक, नल से टपकते पानी की बूँद और दिल की धड़कन एक निश्चित और स्थिर लय बनाती हैं।
  • अस्थिर लय: पेड़-पत्तों की सरसराहट, प्रेशर कुकर की सीटी या ट्रैफिक के हॉर्न की लय स्थिर नहीं होती।
  • त क त कि ट: यह बोल और ध्वनियाँ संगीत, नृत्य या तबले की थाप के दौरान एक निश्चित क्रम (ताल-लय) का अनुभव कराती हैं।

आइए, नृत्य करें-

  • शास्त्रीय नृत्य: जैसे भरतनाट्यम (तमिलनाडु), कथक (उत्तर भारत), और ओडिसी (ओडिशा), जो प्राचीन ‘नाट्यशास्त्र’ और कठोर नियमों पर आधारित होते हैं।
  • लोक नृत्य: जैसे भांगड़ा (पंजाब), घूमर (राजस्थान), और फाग (हरियाणा), जिन्हें त्योहारों, कटाई के मौसम और शादी-विवाह जैसे अवसरों पर खुशी जाहिर करने के लिए किया जाता है।
  • घर पर डांस की शुरुआत कैसे करें – सबसे पहले अपने पैरों की बुनियादी लय (रिदम) और ताल को पहचानें।
  • एक समय में केवल एक पैर और हाथ के आसान मूवमेंट का अभ्यास करें।
  • किसी भी संगीत की धुन पर खुद को तनावमुक्त रखकर थिरकना शुरू करें।

03.बागवानी / हाउस कीपिंग / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

बागवानी

  • बागवानी घर और बगीचे को स्वच्छ, हरा-भरा और व्यवस्थित रखने के बेहतरीन तरीके हैं। इन गतिविधियों से न केवल पर्यावरण सुंदर बनता है, बल्कि शारीरिक व्यायाम और मानसिक शांति भी मिलती है। यहाँ कुछ प्रमुख गतिविधियाँ और सुझाव दिए गए हैं:
  • 🌿 बागवानी (Gardening)
  • धूप की जांच (Sun): पौधों के लिए कम से कम 2 से 4 घंटे की धूप बहुत आवश्यक है।
  • मिट्टी का मिश्रण (Soil Preparation): गमलों या क्यारियों के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें नमी बनाए रखने की क्षमता और कार्बनिक पोषक तत्व हों।
  • मौसम के अनुसार पौधे (Season): अपने क्षेत्र की जलवायु और मौसम के अनुसार ही फल, फूल या सब्जियां चुनें।
  • खरपतवार निकालना: नियमित रूप से अवांछित पौधों (खरपतवार) को हटाते रहें।
  • बच्चों की गतिविधियाँ: घर के बच्चों को भी बीजों की बुवाई, पौधों को पानी देने और छोटे बगीचे के डिज़ाइन बनाने जैसे कामों में शामिल करें।

हाउसकीपिंग

  • हाउसकीपिंग केवल झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी स्थान (घर, कार्यालय, होटल या अस्पताल) को स्वच्छ, सुरक्षित, और व्यवस्थित रखने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यक्षमता को बढ़ाना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
  • हाउसकीपिंग गतिविधियों को मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
  • १. दैनिक हाउसकीपिंग गतिविधियाँ (Daily Activities)
  • यह वे काम हैं जो हर दिन किए जाते हैं ताकि जगह साफ और आकर्षक दिखे:
  • धूल साफ करना (Dusting): फर्नीचर, खिड़कियों और सतहों से धूल पोंछना।
  • झाड़ू और पोछा (Sweeping and Mopping): फर्श को साफ और कीटाणुरहित रखना।
  • कचरा प्रबंधन (Waste Management): डस्टबिन को खाली करना और कचरे का सही तरीके से निपटान करना।
  • बाथरूम की सफाई: शौचालय, वॉशबेसिन और यूरिनल की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन।
  • व्यवस्था (Tidying up): इस्तेमाल की गई चीजों को उनके निर्धारित स्थान पर रखना।

उच्च शासकीय प्राथमिक शाला की गतिविधियां

कक्षा 6वीं से 8वीं

01.साप्ताहिक खेल (खेल यात्रा) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

शिल्प कला-

  • हस्त कला या दस्तकारी के माध्यम से किसी वस्तु को एक आकर्षक रूप देने की कला को शिल्प कला कहते है।
  • शिल्प कला मुख्य रूप से हाथों और औजारों से जुड़े काम का रूप है।
  • शिल्प कला त्रिविमीय (3डी) कला होती है।
  • भारत में कई प्रकार की शिल्प कला पायी जाती है जैसे मिट्टी के काम, पत्थर का काम, धातु का काम, धागे की बुनाई, कपड़ा बुनना, आभूषण, चित्र, कागज, शिल्प, रंगमंच शिल्प, टोकरियाँ बनाना, दरियाँ बुनना, खिलौने बनाना आदि।

Activity

  • अतिथि वक्ता – आपके जिले में जो भी शिल्प कला प्रचलित हो उससे संबंधित जानकार/विशेषज्ञ को विद्यालय में आमंत्रित कर कला से संबंधित भिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करें।
    • शिल्प कला का नाम –
    • आवश्यक सामग्री-
    • अवधि-
    • प्रक्रिया-
    • कैरियर के अवसर-
    • बनाकर दिखाना (स्वयं बनाएंगे) –
  • इस कला हेतु आवश्यक सामग्रियां, प्रक्रिया, समयसीमा आदि पर बातचीत करें।
  • बच्चों को डेमो देकर नमूना स्वरूप कोई वस्तु बनाकर दिखाएं और सिखाएँ।
  • बच्चे दी गई जानकारी को कॉपी में नोट करें।
  • बच्चे निर्देशानुसार सामग्री तैयार करें।
  • सिखाई गई वस्तु का प्रदर्शन करें।

शिल्प कला संबंधी प्रश्न –

  • इस प्रशिक्षण से आपने क्या-क्या सीखा अपने विचार व्यक्त करें।
  • यदि भविष्य में इसे व्यवसाय के रूप में अपनाना है तो आपको क्या करना होगा?
  • इस पर बच्चों के विचार आमंत्रित करें।

02.कला शिक्षा (कृति) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

शिल्प कला-

  • हस्त कला या दस्तकारी के माध्यम से किसी वस्तु को एक आकर्षक रूप देने की कला को शिल्प कला कहते है।
  • शिल्प कला मुख्य रूप से हाथों और औजारों से जुड़े काम का रूप है।
  • शिल्प कला त्रिविमीय (3डी) कला होती है।
  • भारत में कई प्रकार की शिल्प कला पायी जाती है जैसे मिट्टी के काम, पत्थर का काम, धातु का काम, धागे की बुनाई, कपड़ा बुनना, आभूषण, चित्र, कागज, शिल्प, रंगमंच शिल्प, टोकरियाँ बनाना, दरियाँ बुनना, खिलौने बनाना आदि।

Activity

  • अतिथि वक्ता – आपके जिले में जो भी शिल्प कला प्रचलित हो उससे संबंधित जानकार/विशेषज्ञ को विद्यालय में आमंत्रित कर कला से संबंधित भिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करें।
    • शिल्प कला का नाम –
    • आवश्यक सामग्री-
    • अवधि-
    • प्रक्रिया-
    • कैरियर के अवसर-
    • बनाकर दिखाना (स्वयं बनाएंगे) –
  • इस कला हेतु आवश्यक सामग्रियां, प्रक्रिया, समयसीमा आदि पर बातचीत करें।
  • बच्चों को डेमो देकर नमूना स्वरूप कोई वस्तु बनाकर दिखाएं और सिखाएँ।
  • बच्चे दी गई जानकारी को कॉपी में नोट करें।
  • बच्चे निर्देशानुसार सामग्री तैयार करें।
  • सिखाई गई वस्तु का प्रदर्शन करें।

शिल्प कला संबंधी प्रश्न –

  • इस प्रशिक्षण से आपने क्या-क्या सीखा अपने विचार व्यक्त करें।
  • यदि भविष्य में इसे व्यवसाय के रूप में अपनाना है तो आपको क्या करना होगा?
  • इस पर बच्चों के विचार आमंत्रित करें।

02.कला शिक्षा (कृति) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

दृश्यकलाः 2. प्रारुपी चित्र में बदलाव (गतिविधि 1, 2)

  • गतिविधि 1- प्रकृति भ्रमण आप जब पेड़ों, पौधों, पहाड़ियों, नदियों, समुद्र और रेत से घिरे होते हैं, तो आपको कैसा लगता है?
  • दो से तीन मिनट तक कल्पना कीजिए कि आप प्रकृति से घिरे हुए हैं।
  • आप क्या-क्या देखते हैं?
  • आप जब विभिन्न वस्तुओं का स्पर्श करते हैं, तो आपको कैसा अनुभव होता है?
  • आप अपने पैरों के नीचे क्या अनुभव करते हैं?
  • आप कितनी दूर तक देख सकते हैं? क्या कहीं कुछ है, जो हिल-डुल रहा है?
  • आप किन ध्वनियों को सुन रहे हैं?
  • गतिविधि 2- किसी संग्रहालय, कलाकार की शिल्पशाला या किसी ऐसे स्थान पर जाएँ, जहाँ कलाकार कार्य कर रहे हों।
  • आप किस प्रकार की दृश्य-कलाकृतियाँ देखते हैं?
  • कलाकृति निर्माण में किन-किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
  • क्या ये कलाकार हैं? वे कौन-से उपकरणों और तकनीकों का प्रयोग करते हैं?
  • कलाकृतियों की रचना और उन्हें प्रदर्शित करने हेतु किसी स्थान की व्यवस्था किस प्रकार की जाती है?
  • आपने कौन-से नए विचार व अनुभव प्राप्त किए?

संगीतः 6. संगीत एवं भाव (गतिवधि 5, 6, 7)

  • गतिविधि 5- संगीत के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करेंक्या आप शब्दों के बिना अपने शरीर द्वारा इन भावनाओं को संगीत के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं?
  • जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप क्या करते हैं?
  • जब आपको खुशी होती है, तब आप क्या करते हैं?
  • जब आप दुखी होते हैं, तब आप क्या करते हैं?
  • आप अपने कंठ के स्वर या अपने शारीरिक ताल वाद्य (ताली, पैर के थाप, चुटकी बजाकर या श्वास) से इन्हें व्यक्त कर सकते हैं।
  • गतिविधि 6– सांगीतिक तत्वों को जानें ध्वनि का उतार-चढ़ाव और गतिशीलता
  • क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आप अपनी प्रसन्नता, क्रोध या दुःख को जताने के लिए कंठ स्वर के अलग-अलग ध्वनि के उतार-चढ़ाव व तीव्रता का प्रयोग करते हैं?
  • ध्वनि के उतार-चढ़ाव और गतिशीलता के माध्यम से हम अपने अंदर की भावनाओं को व्यक्त करते हैं। ध्वनि के उतार-चढ़ाव और गतिशीलता से हमें संगीत में प्रयुक्त हुई तीव्रता या कोमलता के बारे में पता चलता है।
  • लय-हमारे चारों ओर लय विद्यमान है। क्या आपने कभी देखा है कि आपके चलने की लय आपके दादा-दादी से अलग है? संगीत में लय एक रूपरेखा के समान है, जो गीत के साथ बजने वाले ताल को गति देती है!
  • गतिविधि 7- कंठ अभ्यासकंठ अभ्यासनीचे दिए गए स्वरों के प्रतिमान को अलंकार या सरगम कहते हैं।अलंकार का अर्थ होता है, ‘सज्जा या आभूषण’।
  • जिस तरह आभूषणों को सोने या कीमती पत्थरों से बनाया जाता है, ठीक उसी तरह सात स्वरों को बुनकर, श्रुति-मधुर धुन या स्वरों के समूह तैयार किए जाते हैं।
  • सभी प्रकार के संगीत का मूल उद्देश्य श्रुति मधुर होना है, जो कानों को मनोहर लगे।

नृत्यः 12. मेरा शारीरिक संचलन (गतिवधि 5, 6)

  • गतिविधि 5– किसी गाने पर नृत्य कीजिएगतिअनुअंग संचालन, सीखे गए पदचाप और हाथ के संकेतों का उपयोग करके चुने गए गीत या संगीत की पंक्तियों एक लिए छोटे नृत्य वाक्यांश बनाएँ।
  • क्या आपको गतिविधि में आनंद प्राप्त हुआ?
  • गतिविधि 6- एक गीत पर नृत्य का अनुक्रमकिसी भी समूह गीत की दो पंक्तियाँ चुनें, जो आपने संगीत की कक्षा में सीखी हैं।
  • समूह में चर्चा कीजिए और चुने गए गीत के चरणों और क्रियाओं को व्यवस्थित कीजिए।
  • गीत के चरणों को बनाए गए समूहों में बाँट दें।
  • नृत्य के वाक्यांशों को एक साथ जोड़कर संपूर्ण नृत्य बनाना कोरिओग्राफी या नृत्य संरचना कहलाता है।

रंगमंचः 16. भावों का अनावरण (उदाहरण 1, 2, 3)

  • भावों का अनावरण !दृश्य एक – भावों को समझनारंगमंच की कक्षा शुरू करने से पहले आप कैसा महसूस कर रहे हैं यह दर्शाने के लिए एक शब्द लिखें।
  • अब हम लोग भावों को खोजेंगे, अनुभव करेंगे और प्रयोग में लाएँगे।
  • क्या आपको यह एक खेल की तरह लगता है?
  • आइए, अब हॉट सीट पर बैठते हैं।निर्देश- दी गई परिस्थिति – सिर नीचे, आँखे बंद,ध्यान से सुनें।

दृश्य कला – 15 वस्तुओं में चिन्ह और प्रतीक (गतिविधि 15.1, 15.2, 15.3, 15.4)

  • गतिविधि 15.1 (स्थान और वस्तुओं की सूची बनाना):
  • अपने विद्यालय या घर का कोई एक महत्वपूर्ण स्थान चुनें (जैसे—प्रवेश द्वार, खेल का मैदान, पुस्तकालय, शौचालय या भोजन कक्ष)।
  • उस स्थान के बारे में सोचते ही आपके दिमाग में आने वाली सभी वस्तुओं की एक सूची बनाएँ।
  • गतिविधि 15.2 (मुख्य वस्तु का चयन):
  • उस चुने हुए स्थान से सबसे जुड़ी सबसे अहम वस्तु या पहचान को चुनें (जैसे—पुस्तकालय के लिए किताब या निकास के लिए दरवाजा)।
  • यदि आप दो वस्तुएँ चुनते हैं, तो उनके मेल पर विचार करें।
  • गतिविधि 15.3 (प्रतीक या साइनेज का डिजाइन तैयार करना):
  • चयनित वस्तु के आधार पर एक सरल और स्पष्ट ग्राफिक चिन्ह (आइकन/साइनेज) का रेखाचित्र बनाएँ।
  • यह ऐसा होना चाहिए कि बिना किसी शब्द या भाषा के भी लोग इसे देखकर इसका अर्थ समझ सकें।
  • गतिविधि 15.4 (स्थान, छायांकन और अंतिम रूप): अपने चित्र में सकारात्मक (Positive) और नकारात्मक (Negative) स्थानों की पहचान करें।
  • पेंसिल शेडिंग या उपयुक्त रंगों का प्रयोग करके अपने प्रतीक को आकर्षक और स्पष्ट रूप दें।

रंगमंच – 2 बिन बोले सब करें – मूकाभिनय (गतिविधि 2.1, 2.2, 2.3)

  • गतिविधि 2.1: व्यक्तिगत गतिविधि (Individual Activity)
  • उद्देश्य: अकेले रहकर बिना बोले केवल इशारों से किसी स्थिति को समझाना।
  • कार्य: इसमें विद्यार्थी को एक ऐसी काल्पनिक स्थिति दी जाती है जहाँ बोल पाना संभव नहीं होता (जैसे- हॉल के बीच में खड़े होकर गेट के पास बैठे अपने मित्र को बिना बोले इशारों से बाहर रखी छतरी लाने के लिए कहना)।
  • सीख: चेहरे के सूक्ष्म भावों और शारीरिक अंगों के सही इस्तेमाल से बिना आवाज़ के भी संदेश को स्पष्ट करना सीखना।
  • गतिविधि 2.2: पूरी कक्षा के साथ टीम गतिविधि (Team Activity / Full Class)
  • उद्देश्य: सामूहिक रूप से मूक अभिनय के नियमों और अनुशासन को समझना।
  • कार्य: पूरी कक्षा मिलकर एक साथ शारीरिक गतिविधियों या सांकेतिक भावों का अभ्यास करती है। इसमें ‘रुकना’ (Freeze) और ‘गति करना’ (Move) जैसे थिएटर निर्देशों का पालन किया जाता है, जिससे शरीर पर नियंत्रण बढ़ता है।
  • सीख: यह सिखाता है कि किस प्रकार बिना शोर मचाए एक समूह एक साथ तालमेल बिठाकर शारीरिक भाषा का प्रदर्शन कर सकता है।
  • गतिविधि 2.3: समूह मूकाभिनय (Group Mime)
  • सीख: यह आपसी सहयोग, कल्पना शक्ति और ‘मौन की सार्वभौमिक भाषा’ द्वारा किसी गंभीर विचार या भावना को असरदार तरीके से प्रस्तुत करने की कला को मजबूत करता है।
  • उद्देश्य: छोटे समूहों में मिलकर किसी विषय या थीम पर आधारित मूक नाटक प्रस्तुत करना।
  • कार्य: विद्यार्थियों के छोटे-छोटे समूह बनाए जाते हैं। हर समूह बिना किसी संवाद के एक छोटी सी कहानी, प्रसंग या सामाजिक संदेश को अपने अभिनय के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत करता है।

03.व्यावसायिक शिक्षा / गतिविधि दिवस की गतिविधियां

गतिविधि के प्रकार – क्षेत्र भ्रमण एवं संवाद

अवधि – 3 से 4 घण्टे

कौशल – अवलोकन, तार्किक चिंतन, कम्यूनिकेशन, कौशल

लर्निंग आउटकम्स

  • बैंक में होने वाले विभिन्न लेन-देन की गतिविधियों को समझ पाएँगे।
  • विभिन्न खातों के प्रकार व उनकी कार्य प्रणाली को समझ पाएंगे।

प्रक्रिया

  • बैंक मैनेजर से अनुमति लेकर बैंक का भ्रमण करें।
  • बैंक से संबंधित अधिकारी / कर्मचारी से बैंक की कार्य प्रणाली जैसे-बचत खाता कैसे खोलते हैं, पैसेकैसे निकालते हैं? इस पर जानकारी प्राप्त करेंगे एवं चेक बुक, जमा पर्ची और निकासी पर्ची, बैंकड्राफ्ट आदि फार्मों का अवलोकन करेंगे और उसको भरकर देखेंगे।
  • खाता खोलने के लिए किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
  • इंटरनेट बैंकिंग को समझ सकेंगे।

आकलन

  • शिक्षक बच्चों द्वारा बैंक से संबंधित भरी गई पर्चियों को देखें।
  • बच्चों की बैंक भ्रमण की रिपोर्ट का अवलोकन करें।

कैरियर के अवसर

  • बैंक का कर्मचारी, च्वाइस सेंटर

04.गतिविधि दिवस की गतिविधियां / बागवानी / हाउस कीपिंग / गीत/ संगीत/ खेल

1. बागवानी (Gardening)

  • पौधे लगाना: छोटे पौधे या फूलों के बीज गमलों में लगाना।
  • गमला सजावट: पुराने गमलों को पेंट करना और उन्हें सुंदर डिजाइन देना।
  • क्लीन-अप: पौधों के आसपास की मिट्टी की गुड़ाई करना और सूखे पत्ते हटाना।
  • नाम पहचानो प्रतियोगिता: अलग-अलग पौधों और जड़ी-बूटियों (Herbs) के नाम पहचानना।

2. हाउस कीपिंग (Housekeeping)

  • व्यवस्थापन (Organizing): अपनी स्टडी टेबल, कमरा या अलमारी को करीने से व्यवस्थित करना।
  • बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट: पुरानी बोतलों, डिब्बों या बेकार पड़ी चीजों से उपयोगी वस्तुएं या सजावट का सामान बनाना।
  • सफाई अभियान: मिलकर आसपास के क्षेत्र या कमरे की गहरी सफाई (Deep cleaning) करना।
  • बेड मेकिंग प्रतियोगिता: सबसे कम समय में बिस्तर को करीने से लगाने का मुकाबला।

3. गीत / संगीत (Song / Music)

  • अंत्याक्षरी: गानों की एक मजेदार प्रतियोगिता।
  • सोलो या ग्रुप सिंगिंग: लोक गीत, देशभक्ति गीत या पसंदीदा गाने प्रस्तुत करना।
  • म्यूजिकल चेयर: संगीत की धुन के साथ कुर्सी वाला पारंपरिक खेल।
  • धुन पहचानो: संगीत की कुछ सेकंड की धुन सुनकर गाना पहचानना।

4. खेल (Sports / Games)

  • नींबू-चम्मच दौड़: संतुलन और मनोरंजन के लिए क्लासिक खेल।
  • रस्साकस्सी (Tug of War): टीम भावना को बढ़ाने वाला रोमांचक खेल।
  • बैडमिंटन या वॉलीबॉल: शारीरिक सक्रियता के लिए कोर्ट गेम्स।
  • इंडोर गेम्स: कैरम, चेस याLudo जैसी गतिविधियाँ।

शाला संचालन आदेश –

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