School Grant 2026-27 : शाला अनुदान मद की राशि उपयोग निर्देश।

School Grant 2026-27 : समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट वर्ष 2026-27 में राज्य के 33295 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं को 8429.9 लाख शब्दों एवं 4598 हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं को 2608.3 लाख शाला अनुदान की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है । शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं में राशि जारी कर व्यय के लिये प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान गयी है।

शाला अनुदान PDF 2025-26Open
शाला अनुदान PDF 2024-25Open
शाला अनुदान PDF 2023-24Open
शाला अनुदान PDF 2022-23Open
शाला अनुदान PDF 2021-22Open

शाला अनुदान मद 2026-27

शाला अनुदान मद प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति

वित्तीय स्वीकृति 2026-27
(Elementary)
Open
वित्तीय स्वीकृति 2026-27
(Secondary)
Open
दर्ज संख्यास्वीकृत राशिप्रथम किस्तद्वितीय किस्त
01 से 30 तक1000050005000
31 से 100 तक250001250012500
101 से 250 तक500002500025000
251 से 1000 तक750003750037500
1000 से अधिक1000005000050000
शाला अनुदान
  • बैठक आयोजन :-
    • शाला अनुदान राशि का उपयोग किये जाने के पूर्व शाला प्रबंध समिति की बैठक आयोजित किये जावे एवं बैठक में समिति के सदस्यों को प्राप्त राशि की जानकारी दिया जाता है ।
  • शाला प्रबंध समिति का अनुमोदन :-
  • सामग्री व्यय :-
    • प्रदायित राशि का उपयोग आवश्यकतानुसार स्टेशनरी एवं अन्य कार्यालयीन उपयोग की सामग्री हेतु व्यय किया जाता है।
    • सामग्री क्रय के उपरांत विद्यालयीन भण्डार पंजी में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाता है।
  • व्यय का उल्लेख :-
    • शाला अनुदान राशि व्यय किये जाने हेतु शाला प्रबंध समिति के चर्चा कर अनुमोदन प्राप्त किया जाता है।
    • इसके पश्चात् उक्त राशि की आवश्यकतानुसार एवं प्राथमिकता तय करते हुए व्यय किया जाता है ।
    • जिसे शाला विकास योजना (SDP) पर तैयार किया जाता है ।

शाला अनुदान के उपयोग निम्नलिखित बिन्दुओं में कर सकते है –

  • प्रदायित अनुदान राशि में 10 प्रतिशत राशि का उपयोग स्वच्छता एक्शन प्लान (SAP) (स्वच्छता क्रियान्वयन योजना) हेतु व्यय किया जाना है।
  • शाला का मरम्मत व रंग रोगन कर आकर्षक बनाना।
  • शाला में प्रिंट रिंच वातावरण एवं आसपास से सीखने का माहौल बनाना।
  • बच्चों के लिए लर्निंग कार्नर्स / मुस्कान पुस्तकालय तैयार करना ।
  • प्रत्येक बच्चों की उपलब्धि के रिकार्ड रखने पोर्टफोलियो संधारण ।
  • इंटरनेट की कनेक्शन हेतु आवश्यक व्यय ।
  • बच्चों से विभिन्न रचनात्मक कार्यों के लिए कलर पेंसिल क्रेयान, ड्राइंगशीट, रबर, पेंसिल, स्लेट आदि ।
  • प्राथमिकता बच्चों के सीखने से संबंधित माहौल तैयार करने हेतु किया जाता है।
  • 1. स्वच्छता एवं स्वास्थ्य (SAP 10%)
    • सफाई सामग्री: फिनाइल, मग, बाल्टी, झाड़ू और डस्टबिन
    • हाथ धुलाई: साबुन और हैंडवॉश की व्यवस्था
  • 2. शिक्षण सामग्री और वातावरण
    • अधिगम सामग्री: बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए स्थानीय सामग्री, चार्ट, और मॉडल
    • पुस्तकालय और कॉर्नर: ‘मुस्कान पुस्तकालय’ की स्थापना और बच्चों के लिए लर्निंग कार्नर बनाना
    • प्रकाशन: बच्चों के पढ़ने के लिए समाचार पत्र और पत्रिकाओं की व्यवस्था
  • 3. विद्यालय का रखरखाव और मरम्मत
    • भौतिक सुधार: शाला भवन की मरम्मत, रंग-रोगन (White Washing) और उसे आकर्षक बनाना
    • कक्षा का माहौल: प्रिंट-रिच (Print-rich) वातावरण बनाना, खिड़की के पर्दे और विनाइल फ्लोरिंग जैसे कार्य
  • 4. कार्यालयीन और तकनीकी व्यय
    • स्टेशनरी: रजिस्टर्स, पेन, चॉक और अन्य आवश्यक कार्यालयीन सामग्री
    • इंटरनेट और आईटी: यदि स्कूल में कंप्यूटर उपलब्ध है, तो इंटरनेट रिचार्ज और मेंटेनेंस
  • 5. खेल-कूद और अन्य सुविधाएँ
    • खेल सामग्री: स्थानीय संसाधनों और ‘खेलो इंडिया’ से जुड़े खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल उपकरण खरीदना
    • बागवानी: स्कूल में बगीचा तैयार करने या पौधों और गमलों की व्यवस्था

ध्यान देने योग्य बातें :-

  • दीर्घ अवधि की कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से कार्य को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
  • बच्चों के लिये पोर्ट फोलियो बनाकर उनके नियमित पढ़ाई की स्थिति से का अवलोकन करना चाहिए।
  • बच्चों के लिए कार्य पत्रक / वर्कशीट्स / अभ्यास कार्य की प्रतियां निकाल कर साझा किया जाये ।
  • शाला में सुरक्षा संबंधी संसाधन आवश्यक रूप से रखा जाने चाहिए।
  • भवन में दरार, बिजली से खुले तार, पानी की टंकी की सफाई के साथ साथ सुरक्षा आडिट कराते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
  • शाला का रंग-रोगन कर आकर्षक बनाना। ( नोट – पोताई के पूर्व एवं पोताई के पश्चात भवन की फोटोग्राफ्स लेना अनिवार्य होगा)
  • शाला के रंग-रोगन किये जाने का प्रमाण पत्र एवं फोटोग्राफ्स कार्यालय में उपलब्ध करायेंगे।
  • शाला में प्रिन्ट रिच वातावरण एवं आसपास से सीखने का माहौल तैयार करना।
  • विद्यालय प्रार्थना सभा हेतु आवश्यक सामग्री जैसे- माईक, स्पीकर आदि का क्रय एवं नियमित उपयोग ।
  • बच्चों के लिए लर्निंग कॉर्नर्स / मुस्कान पुस्तकालय तैयार करना।
  • प्रत्येक बच्चों की उपलब्धि के रिकार्ड रखने हेतु पोर्टफोलियों संधारण करना।
  • बच्चों को सीखने में सहायता हेतु विभिन्न सहायक शिक्षण सामग्री एवं ऑडियों वीडियों सामग्री, विगत वर्षों में विभाग द्वारा प्रदायित टेबलेट का मरम्मत एवं शाला में कम्प्यूटर उपलब्ध होने पर इन्टरनेट के कनेक्शन हेतु आवश्यक हेतु आवश्यक व्यय करना।
  • बच्चों के अभ्यास के लिए कोरे कागज जिसे प्रत्येक बच्चे के नाम से पोर्टफोलियों बनाकर संधारित रखा जाए ताकि वैकल्पिक केन्द्रों में बच्चों की नियमित पढ़ाई की स्थिति से अवगत हुआ जा सके।
  • बच्चों के लिए कार्य पत्रक / वर्कशीट्स / अभ्यास कार्य की प्रतियां निकालकर साझा करना।
  • बच्चों के विभिन्न रचनात्मक कार्यों के लिए कलर पेन्सिल, क्रेयान, ड्राईगशीट, रबर, पेंसिल, स्लेट आदि की व्यवस्था करना।
  • शाला में सुरक्षा संबंधी संसाधन भी आवश्यक रूप से रखा जाना चाहिए।
  • भवन में दरार, बिजली के खुले तार, पानी की टंकी की सफाई के साथ सुरक्षा ऑडिट कराते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।
  • शाला अनुदान की राशि को सही तरीके से शाला विकास में व्यय करने हेतु दीर्घ अवधि की कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से कार्य को आगे बढ़ाया जाए।

उपयोगिता प्रमाण पत्र डाउनलोड करें [ Download Now]

शाला अनुदान उपयोग निर्देश School Grant
शाला अनुदान उपयोग निर्देश School Grant

School Grant

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top