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छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002[Chhattisgarh Store Purchase Rules]

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Chhattisgarh Store Purchase Rules : राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन करते हुए सभी विभागों को यह निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों के उपयोग के लिए वस्तुओं की खरीदी के लिए सबसे पहले डीजीएसएण्डडी की वेबसाइट ’जेम’ (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) का अवलोकन कर लिया जाए। इस वेबसाइट का पता (gem.gov.in) है।

छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002

[Chhattisgarh Store Purchase Rules]

Chhattisgarh Store Purchase Rules
Chhattisgarh Store Purchase Rules

नियम का उद्देश्य :-

  1. छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 लागू किया गया है,
  2. राज्य शासन के विभागों को उच्चगुणवत्ता वाली सामग्री उचित दरों पर निश्चित अवधि में उपलब्ध कराना।
  3. राज्य शासन को न्यूनतम दरों पर सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करना ।
  4. स्थानीय लघु उद्योगों को प्रोत्साहन ।
  5. यदि किन्हीं सामग्रियों का उत्पादन राज्य के अनुसुचित जाति, अनुसूचित जन जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को उद्यमियों द्वारा किया जाता है, तब मूल्य एवं गुणवत्ता समान होने की दशा में सामग्रियों के क्रय में ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देना।
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Chhattisgarh Store Purchase Rules

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भंडार एवं क्रय नियम का विस्तार:-

  • यह नियम छत्तीसगढ़ के समस्त शासकीय विभागों के साथ विद्युत विभाग, विभिन्न मंडल, जिला/पंचायत/निकाय पर लागू होंगे।
  • वस्तुओं के दरों एवं शर्तों का निर्धारण छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (सी.एस.आई.डी.सी.) द्वारा किया जावेगा। फर्नीचर वर्ग में सम्मिलित सभी वस्तुओं की तीन साल की परफारमेंस (Performance Guarantee) हेतु प्रावधान रहेगा। इस 03 साल की अवधि में यदि मरम्मत की आवश्यकता होगी तो फर्नीचर प्रदायकर्ता ही बिना किसी शुल्क के उक्त रिपेयरिंग करेगा।

निविदा आमंत्रण की प्रकिया :-

  • निविदा आमंत्रण के पूर्व क्रय की जाने वाली सामग्री का माप दण्ड तकनीकी ज्ञान रखने वाले विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित होगा।निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रियाएँ:-
    1. एकल निविदा प्रक्रिया :- ऐसी एकल वस्तु, जो कि संपत्तिक प्रकृति (Proprietory Character) की हो तथा प्रतिस्पर्धा आवश्यक न समझी गया हो, ऐसे वस्तुओं का क्रय एकल निविदा पद्धति अर्थात् एक फर्म से निविदा प्राप्त कर किया जायेगा, परन्तु इस एकल वस्तु की वार्षिक आवश्यकता रु. 10,000 से अधिक न हो।
    2. सीमित निविदा पद्धति :- ऐसे समस्त आदेश जिसमें अनुमानित वार्षिक क्रय राशि रूपये 10,001 से रूपये 1,00,000 तक हो। इसमें निर्माताओं अथवा उनके प्रतिनिधियों से सीधा संपर्क कर क्रय किया जाता है। इसके लिये यदि विज्ञापन जारी किया जाये तो एक भारी राशि विज्ञापन पर खर्च होगी, इसलिये इससे बचने हेतु कम से कम तीन निर्माताओं से सीमित निविदा के आधार पर किया जा सकेगा।
    3. खुली निविदा पद्धति :- इस पद्धति में हमेशा विज्ञापन द्वारा नियमानुसार खुली निविदायें बुलाकर क्रय करनी होती है ।
क्र.निविदा का अनुमानित मूल्यलोक विज्ञापन
1.रु.1,00,001 से रू.2.00 लाख
तक हो
स्थानीय स्तर के बहुप्रसारित एक समाचार पत्र में
2.रु.2.00 लाख से अधिक तथा रु.10.00 लाख तक हो प्रदेश स्तरीय बहुप्रसारित दो समाचार पत्रों में
3.रु.10.00 लाख से अधिक तथा रु.20.00 लाख तक हो प्रदेश स्तरीय बहुप्रसारित दो समाचार तथा राष्ट्रीय स्तर के एक समाचार पत्र में।
4.रु.20.00 लाख से अधिकप्रदेश स्तरीय बहुप्रसारित दो समाचार पत्रों में तथा राष्ट्रीय स्तर के दो समाचार पत्रों में

निविदा(Tender) में छुट हेतु शर्ते:-

  • ग्रामोद्योग विभाग से सहायता प्राप्त इकाइयों तथा महिलाओं एवं बाल विकास व पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित हैण्डलूम तथा हैण्डीक्राफ्ट सामग्रियों का क्रय निविदा बुलाना आवश्यक नहीं होगा। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित बेलमेटल, लौह, काष्ठ, बांस, शीशल, कौड़ी आदि शिल्प सामग्रियों निविदा बुलाना आवश्यक नहीं होगा।
  • यदि राज्य शासन के किसी विभाग द्वारा संचालित विभागीय निर्माण इकाईयाँ सामग्री विशेष का निर्माण करती हैं तो ऐसी सामग्रियों के लिये निविदा बुलाना आवश्यक नहीं होगा।
  • कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वस्तुओं के क्रय के लिये निविदा बुलाया जाना आवश्यक नहीं होगा।

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