प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण हेतु जारी राशि के उपयोग / व्यय हेतु क्या हैं दिशा-निर्देश ?

प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण हेतु जारी राशि के उपयोग / व्यय हेतु क्या हैं दिशा-निर्देश ?

प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण हेतु जारी राशि के उपयोग / व्यय हेतु क्या हैं दिशा-निर्देश ?

प्राथमिक शालाओं में बच्चों को अपने आसपास चारों ओर परिसर में सीखने-सिखाने का बेहतर माहौल मिल सके, इसके लिए प्राथमिक शालाओं में प्रिंट- रिच वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसके लिये इस वर्ष पहली बार प्राथमिक शालाओं में प्रिंट- रिच वातावरण तैयार करने हेतु प्रत्येक प्राथमिक शाला को रूपए 2500/- की राशि उपलब्ध करवाई जा रही है।

स्कूल को प्राप्त समस्त वित्तीय निर्देश की PDF प्राप्त करने के लिये यहाँ CLICK करें

प्राथमिक शालाओं में प्रिंट-रिच वातावरण बनाए जाने हेतु इस बार निम्नलिखित मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा –

  • प्रिंट- रिच वातावरण निपुण भारत के लर्निंग आउटकम के आधार पर होगा।
  • प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित लर्निंग आउटकम को उस कक्षा में प्रिंट करवाते हुए प्रदर्शित किया जाएगा।
  • जमीन पर बैठकर खेलने हेतु कुछ फर्श पर खेलने हेतु भी सामग्री डिजाइन कर उपलब्ध करवाई जाएगी।
  • एक भाषा शब्दकोष दीवार बनाकर वहां प्रतिदिन एक हिन्दी शब्द का अनुवाद अंग्रेजी में एवं स्थानीय भाषा में भी करते हुए उस शब्दकोष दीवार पर लिखा जाएगा और इसे अलग से कापी में नोट भी करते हुए रिकार्ड रखा जाएगा।
  • समुदाय से संबंधित समाचार को शाला से बाहर की दीवार पर प्रदर्शित करने हेतु एक समाचार का कोना बनाकर उसमें प्रतिदिन समाचार लिखने की जिम्मेदारी बच्चों की टीम को देवें।
  • प्रिंट-रिच वातावरण तैयार करते समय स्थानीय भाषा एवं संस्कृति के उपयोग का भी विशेष ध्यान रखेंगे कुछ स्थानीय कलाकारों का सहयोग लेकर शालाओं के लिए विशेष डिजाइन बनाकर भी भेजे जाने की व्यवस्था करें।
  • समुदाय अथवा शाला में एक ऐसा स्थान चुना जाएगा जहां बच्चों के मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशल की जाँच हेतु एक श्यामपट होगा जिसमें प्रति सप्ताह नए नए टूल अभ्यास हेतु उपलब्ध हो सकेंगे।
  • जिले स्तर पर प्रिंट रिच माध्यम से FLN के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कुछ विशेष नवाचार करने की व्यवस्था भी की जाए।
  • इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने आसपास के वातावरण से मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशल हासिल करवाना है शाला परिसर में इसके लिए बच्चों को अपने कार्यों को प्रदर्शित करने एवं लिखने के अभ्यास के लिए उनका अपना ग्रीन श्यामपट के रूप में रनिंग बोर्ड की व्यवस्था दीवार में की जाए।
  • इन सबके अलावा अपने प्राथमिक शाला में आकर्षक एवं उपयोगी प्रिंट रिच वातावरण तैयार करने हेतु राज्य परियोजना कार्यालय से एक डिज़ाइन बुकलेट बनाकर प्राथमिक शालाओं के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा । इनमें से डिजाइन का चयन कर शालाएं अपने दीवार में उन्हें स्थानीय पेंटर के सहयोग से उकेर सकेंगे।

साथ ही उक्त राशि का उपयोग किसी भी स्थिति में 23 फरवरी 2023 तक पूर्ण कर इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी, प्राचार्यों से प्राप्त कर राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छ.ग. रायपुर को भेजने निर्देशित किया गया है ।

FOLLOW – Edudepart.com

शिक्षा जगत से जुड़े हुए सभी लेटेस्ट जानकारी के लिए Edudepart.com पर विजिट करें और हमारे सोशल मिडिया को जॉइन करें। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये आदेशों व निर्देशों का अपडेट के लिए हमें सब्सक्राइब करें।

Please follow and like us:
Twitter
Visit Us
Follow Me
प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण हेतु जारी राशि के उपयोग / व्यय हेतु क्या हैं दिशा-निर्देश ?
प्रिंट-रिच वातावरण निर्माण हेतु जारी राशि के उपयोग / व्यय हेतु क्या हैं दिशा-निर्देश ?

You cannot copy content of this page

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial