चर्चा पत्र अगस्त-2022 में क्या है खास?

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चर्चा पत्र अगस्त-2022 में क्या है खास?

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चर्चा पत्र जुलाई -2022

एजेंडा एक :-विज्ञान एवं गणित क्लब का संचालन

  • गणित/विज्ञान विषय को रुचिकर बनाने रणनीतियों का निर्धारण करना |
  • नियमित कक्षा अध्यापन के साथ-साथ प्रयोग प्रदर्शन के माध्यम से अवधारणाओं को स्पष्ट करना |
  • सहायक सामग्री का निर्माण व उपयोग सिखाना|
  • गणित/विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता दिलाना।
  • विज्ञान एवं गणित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण दिवस का आयोजन करना।
  • पर्यावरण एवं स्वच्छता की जानकारी देना।
  • स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा पर जोर देना|
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये कोचिंग कक्षाओं का आयोजन करना।
  • निकट की शाला के साथ ट्विनिंग ऑफ़ स्कूल कार्यक्रम का आयोजन करना।

एजेंडा दो :-चलो पढ़े एक साथ अभियान

  • “चलो पढो एक साथ अभियान” में समुदाय एवं पालकों को बच्चों के नियमित अध्ययन के लिये प्रेरित कर सकते है |
  • ऐसे करने से बच्चों का पढाई में मन लगेगा और उनकी नियमित अध्ययन की आदत भी बनती जायेगी |

एजेंडा तीन :-सही प्रश्न पूछना सीखें

बच्चों को प्रश्नों को सही तरीके से पूछने के लिये सिखा सकते हैं |

एजेंडा चार :-भाषाई सर्वे

  • भाषायी सर्वेक्षण के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे हिन्दी बिल्कुल नहीं जान पाते।
  • करीब 60 प्रतिशत बच्चों में थोड़ी-बहुत हिन्दी की समझ है ।
  • करीब 5000 स्कूल ऐसे हैं जहाँ 90% से ज्यादा बच्चे आदिवासी भाषा बोलते हैं |
  • करीब 1100 शिक्षक बच्चों की ये भाषाएँ नहीं बोल पाते।
  • करीब 75 प्रतिशत बच्चे अपरिचित भाषा को सीखने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
  • शिक्षकों का कक्षाओं में स्थानीय भाषा क उपयोग करना चाहिए|
  • बालवाडी स्तर से ही स्थानीय भाषा सीखने का प्रयास सिखाना चाहिए|
  • प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी के लिये demand training की सुविधा उपलब्ध करवाना चाहिए।
  • टेक्नोलोजी का उपयोग कर बच्चों को भाषा सीखने में सहयोग हेतु आवश्यक संसाधन सुलभ करवाना चाहिए|

एजेंडा पांच :-वर्षामापी यंत्र

  • वर्षा ऋतू के समय वर्षामापक यंत्र बनाना सिखाये ।
  • भूगोल एवं गणित विषय को जोड़ते हुए वर्षामापी यंत्र के बारे में बताये।

एजेंडा छह:-परिसर के भीतर के बाहरी दीवार पर फोटो

  • राज्य में सभी शालाओं में कार्यरत शासकीय शिक्षकों के फोटोग्राफ लगाया जाना है।
  • फोटो लगाने से समुदाय में वास्तविक शिक्षक व फ्रोड शिक्षक की पहचान रहेगी |

एजेंडा सात :-बच्चो द्वारा स्वतंत्र कहानी लेखन पर मेरे अनुभव

  • कहानी पढ़ने या सुनने से बच्चों की कल्पनाशक्ति व रचनात्मक सोच का विकास होता है |
  • और इससे लेखन कला में अधिक वृद्धि होता है समझ विकसित होता है।
  • इससे बच्चो के शब्दकोश में वृद्धि और संचार कौशल का विकास होता है।
  • उनके सीखने कि प्रक्रिया मे तेजी आती है और वे अपनी एक समझ विकसित कर पाते हैं।

एजेंडा आठ :-निपुण भारत अभियान शपथ

इस शपथ से सुनिश्चित करे कि हर बच्चा बुनियादी शिक्षा कौशल हासिल करें:-

हम शपथ लेते हैं कि स्कूल बने एक ऐसी जगह जहाँ हो आनंदपूर्ण और अनुभवात्मक अधिगम, और जहाँ बच्चे अपनी भाषा स्वछन्दता से इस्तेमाल कर सकें, स्वछंदता से सवाल पूछ सकें, खुलकर खेल सकें, और जहाँ हर बच्चे का हो सम्मान |आओ घर को और स्कूल को बनाएं एक ऐसी जगह जहाँ बच्चे समझ के साथ पढ़ें, उद्देश्य के साथ लिखें और संख्या ज्ञान सीखें; जो कि वे अपनी रोज मर्रा की जिन्दगी में उतार पाएं और उनके जीवन भर के सीखने के कौशल का विकास हो सके । आओ यह सतत प्रयास करें कि भारत के हर बच्चे को मिले ऐसी शिक्षा जो हो सरस और सार्थक ताकि हर बच्चा /बच्ची बने निपुण |जय हिन्द

एजेंडा नौ :-शाला को रुचिकर बनाना

  • खेल-खेल के साथ पढाई की शुरुआत करना|
  • हाजिरी लेते समय प्रत्येक बच्चे के साथ हंसी-ठिठोली के साथ संक्षिप्त वार्तालाप करना|
  • बच्चों की रूचि के अनुसार विषय क अध्यापन करना|
  • छोटे-छोटे गीत-कविताओं के माध्यम से विषय के अवधारणाओं को समझाने का प्रयास करना|
  • बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना|
  • बच्चों को अभिव्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता देना|
  • शिक्षक स्वयं मित्र बनकर बच्चों के साथ समय निकालकर खेलना|
  • बच्चों के साथ उनके स्थानीय भाषा बोली में बातचीत|
  • कक्षा के वातावरण को बच्चों के घर जैसा बनाना|
  • कक्षा के बच्चों को अपने घर के बच्चों जैसी देखभाल एवं व्यवहार करना|

एजेंडा दस :-शालाओं का निरीक्षण

  • राज्य में निरीक्षण से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
  • शाला प्रवेशोत्सव, रेडीनेस कार्यक्रम, पुस्तक वितरण, शिक्षक उपस्थित, बस्ताविहीन कक्षाओं का संचालन, पालकों के साथ बैठक, CWSN बच्चे, ट्विनिंग ऑफ़ स्कूल, असर टूल से टेली-प्रेक्टीज एवं चर्चा पत्र का नियमित अध्ययन का निरीक्षण लिया गया।

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