शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tours 2026-27): नवंबर से जनवरी के बीच स्कूल टूर आयोजित करने के लिए जारी हुए सरकारी नियम

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) के संबंध में नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने नवंबर से जनवरी के बीच की अवधि को स्कूल टूर के लिए सबसे उपयुक्त और निर्धारित समय माना है।

शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tours 2026-27): नवंबर से जनवरी के बीच स्कूल टूर आयोजित करने के लिए जारी हुए सरकारी नियम

इस 3 महीने की अवधि के दौरान प्राथमिक, मिडिल और हाई/हायर सेकेंडरी स्कूलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले शैक्षणिक भ्रमणों के लिए सुरक्षा, अनुमति और रूट निर्धारण को लेकर विशेष नियम तय किए गए हैं। आइए शिक्षक साथियों और संस्था प्रमुखों के लिए इन जरूरी नियमों को विस्तार से समझते हैं:

1. शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य और समय-सीमा

  • किताबी ज्ञान का व्यावहारिक रूप: बच्चों को इतिहास, भूगोल, विज्ञान और संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना।
  • निर्धारित समय: नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, स्कूल टूर केवल नवंबर, दिसंबर और जनवरी के महीनों में ही आयोजित किए जा सकेंगे। जनवरी के बाद बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के कारण किसी भी प्रकार के लंबे टूर की अनुमति नहीं होगी।

2. टूर के आयोजन के लिए अनिवार्य प्रशासनिक नियम (Approval Process)

किसी भी स्कूल द्वारा शैक्षणिक भ्रमण पर जाने से पहले निम्नलिखित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है:

  • शाला समिति का प्रस्ताव: स्कूल टूर आयोजित करने के लिए शाला प्रबंधन समिति (SMC/SMDC) का लिखित प्रस्ताव पास होना जरूरी है।
  • उच्च कार्यालय से अनुमति: टूर पर जाने से कम से कम 15 दिन पहले संस्था प्रमुख को पूरा रूट चार्ट, छात्र-छात्राओं की संख्या, गाइड शिक्षकों की सूची और बजट का विवरण जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) या विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में प्रस्तुत कर लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
  • पालक संमती पत्र (Parental Consent): भ्रमण पर जाने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के माता-पिता या अभिभावक का हस्ताक्षरित सहमति पत्र अनिवार्य रूप से स्कूल रिकॉर्ड में रखना होगा। बिना सहमति के किसी भी छात्र को टूर पर नहीं ले जाया जा सकता।

3. सुरक्षा और परिवहन के कड़े नियम (Safety & Transport Guidelines)

विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए परिवहन और यात्रा के दौरान के नियमों को बेहद सख्त किया है:

  • RTO स्वीकृत वाहन: यात्रा के लिए केवल वही बसें या वाहन बुक किए जा सकेंगे जिनके पास वैध RTO फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा (Insurance) और प्रदूषण प्रमाण पत्र हो। चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है।
  • गाइड शिक्षकों का अनुपात: टूर में छात्र और छात्राओं की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि यात्रा में छात्राएं शामिल हैं, तो महिला शिक्षिका (Female Teacher) की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
  • रात्रि यात्रा पर प्रतिबंध: बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर यथासंभव देर रात या असुरक्षित समय पर यात्रा करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। आवास (Stay) की व्यवस्था केवल सुरक्षित और प्रमाणित स्थानों (जैसे सरकारी रेस्ट हाउस या सुरक्षित होटलों) में ही की जाएगी।
  • फर्स्ट-ऐड और मेडिकल किट: यात्रा के दौरान प्राथमिक चिकित्सा पेटी (First Aid Kit), ओआरएस, और जरूरी जीवन रक्षक दवाइयां रखना अनिवार्य है। प्रत्येक छात्र के पास उनके अभिभावक का मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क सूत्र होना चाहिए।

4. स्थलों का चयन: पाठ्यक्रम से जुड़ाव (Destination Selection)

स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भ्रमण के लिए ऐसे स्थलों का चयन करें जो बच्चों के पाठ्यक्रम (Syllabus) और सामान्य ज्ञान को समृद्ध करते हों:

  • प्राथमिक व मिडिल स्तर: स्थानीय ऐतिहासिक धरोहरें, विज्ञान केंद्र (जैसे रायपुर का साइंस सेंटर), राष्ट्रीय उद्यान, या जलप्रपात।
  • हाई व हायर सेकेंडरी स्तर: ऐतिहासिक पुरातत्व स्थल (जैसे सिरपुर, भोरमदेव), भौगोलिक स्थल (जैसे मैनपाट), या औद्योगिक संस्थान/कृषि विज्ञान केंद्र, जिससे वे व्यावहारिक रिसर्च प्रोजेक्ट्स तैयार कर सकें।

5. टूर के बाद का मूल्यांकन: होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC)

शैक्षणिक भ्रमण केवल एक पिकनिक नहीं है, इसलिए यात्रा के बाद इसका मूल्यांकन भी किया जाएगा:

  • भ्रमण रिपोर्ट (Tour Report): यात्रा से लौटने के बाद विद्यार्थियों को अपने अनुभवों पर आधारित एक संक्षिप्त रिपोर्ट, निबंध या स्क्रैपबुक तैयार करनी होगी।
  • 360-डिग्री HPC में जुड़ाव: इस भ्रमण के दौरान बच्चों के व्यवहार, उनकी खोजी प्रवृत्ति (Curiosity), अनुशासन और सामाजिक तालमेल का अवलोकन कर शिक्षक उनके प्रदर्शन को 360-डिग्री होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) में सह-शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत दर्ज करेंगे।

ब्लॉग निष्कर्ष (Takeaway):

नवंबर से जनवरी के बीच आयोजित होने वाले ये शैक्षणिक भ्रमण छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों के लिए सीखने के सफर को बेहद रोमांचक और व्यावहारिक बनाएंगे। सभी स्कूल प्रबंधन और शिक्षक साथियों से अनुरोध है कि वे विभाग द्वारा जारी इन सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों का अक्षरशः पालन करें, ताकि हमारे बच्चों का यह शैक्षणिक टूर पूरी तरह सुरक्षित, ज्ञानवर्धक और आनंदमयी साबित हो सके।

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