कक्षा 8वीं का सिलेबस 2026-27: क्या बदल गई हैं किताबें? जानिए छत्तीसगढ़ के मिडिल स्कूलों के लिए क्या है नया नियम

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर के बाद शिक्षकों और पालकों के मन में यह बड़ा सवाल है कि क्या इस साल कक्षा 8वीं का सिलेबस बदल गया है? विशेषकर इसलिए क्योंकि 8वीं मिडिल स्कूल की अंतिम और महत्वपूर्ण कक्षा होती है।

कक्षा 8वीं का सिलेबस 2026-27: क्या बदल गई हैं किताबें? जानिए छत्तीसगढ़ के मिडिल स्कूलों के लिए क्या है नया नियम

अगर आपके मन में भी यह शंका है, तो सीधे और साफ शब्दों में इसका जवाब है— कक्षा 8वीं का मुख्य पाठ्यक्रम (Core Syllabus) पूरी तरह पूर्ववत ही है। आपकी मुख्य किताबें (गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) बिल्कुल नहीं बदली हैं। लेकिन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इस सत्र से कक्षा 8वीं के बच्चों के लिए पढ़ाई के तरीके और समय सारणी (Time Table) में 4 बड़े व्यावहारिक बदलाव किए गए हैं, जिन्हें हर शिक्षक और छात्र को जानना बेहद जरूरी है:

1. अनिवार्य हुआ 110 घंटे का ‘कौशल बोध’ (Skill Course)

भले ही मुख्य किताबें पुरानी हैं, लेकिन कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों के लिए पूरे सत्र में 110 घंटे का विशेष व्यावसायिक शिक्षा कोर्स (कौशल बोध) जोड़ दिया गया है। इसके तहत बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया जाएगा, बल्कि बागवानी, बुनियादी इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू हुनर और डिजिटल साक्षरता का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।

2. ’10 बैगलेस शनिवार’ और वोकेशनल ट्रिप्स

कक्षा 8वीं के बच्चों के लिए भी साल में 10 शनिवार ऐसे निर्धारित रहेंगे, जब उन्हें बस्ता लेकर स्कूल नहीं आना है। इन दिनों शिक्षक बच्चों को कक्षा से बाहर निकालकर स्थानीय बैंक, पोस्ट ऑफिस, बिजली सब-स्टेशन, डेयरी फार्म या मोटर गैराज जैसे कार्यस्थलों पर लेकर जाएंगे, ताकि बच्चे व्यावहारिक जीवन में काम करने के तरीके और श्रम की गरिमा को समझ सकें।

3. हर हफ्ते ICT (कंप्यूटर) और लाइब्रेरी पीरियड अनिवार्य

अब कक्षा 8वीं की नियमित समय सारणी (Weekly Time Table) में हर हफ्ते कम से कम एक कालखंड कंप्यूटर शिक्षा (ICT) का और एक कालखंड पुस्तकालय (Library) का रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना और उनमें किताबें पढ़ने की आदत विकसित करना है।

4. परीक्षा नहीं, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) से मूल्यांकन

किताबें भले ही पुरानी हैं, लेकिन बच्चों के मूल्यांकन का तरीका बदल गया है। कक्षा 8वीं के बच्चों की इन सभी शनिवार की गतिविधियों, खेल-कूद, अनुशासन और उनके व्यवहार का रिकॉर्ड अब किसी पारंपरिक रिजल्ट शीट के बजाय 360-डिग्री होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) में दर्ज किया जाएगा, जो उनके सर्वांगीण विकास को दर्शाएगा।

ब्लॉग निष्कर्ष (Takeaway): संक्षेप में कहें तो कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को किताबें वही पुरानी और पूर्ववत ही पढ़नी हैं, इसलिए सिलेबस को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहें। विभाग ने केवल उनके सर्वांगीण विकास के लिए मुख्य टाइम-टेबल में शनिवार गतिविधि, कंप्यूटर, लाइब्रेरी और स्किल कोर्स के रूप में नए व्यावहारिक नियम जोड़े हैं ताकि पढ़ाई को और भी रोचक बनाया जा सके।

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