कक्षा संचालन
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शाला प्रवेश उत्सव: बच्चों के नामांकन संबंधित लेख

बच्चों के नामांकन संबंधित चर्चा

शिक्षा सभी बच्चों का प्राथमिक व मूलभूत अधिकार है । बिना शिक्षा के बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता है। शिक्षित वह सभ्य होने के लिए बच्चों को स्कूल में दाखिला लेना अनिवार्य है। इसीलिए 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार मिला हुआ है । बच्चों के स्कूल में दाखिला करने की जिम्मेदारी केवल शिक्षक व पालक की नहीं अपितु समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। SMC की भूमिका बच्चों के नामांकन में महत्वपूर्ण रहता है।

नामांकन को लेकर हमारा उद्देश्य क्या होना चाहिए :-


1. 6 से 14 आयु समूह के सभी बच्चों का सर्वे करके चिह्नांकन करना।
2.नामांकन में आने वाली परेशानियों की पहचान करना।
3. जो बच्चे किसी भी कारण से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उन्हें उनकी आयु के अनुसार कक्षा में दाखिल करवाने हेतु SMC द्वारा पहल करना।

शाला प्रवेश उत्सव


विद्यालय में तीन उत्सव बहुत महत्वपूर्ण हैं। पहला स्वतंत्रता दिवस, दूसरा गणतंत्र दिवस और तीसरा प्रवेश उत्सव । प्रवेश उत्सव मनाने का समय है 16 जून से 15 जुलाई तक। जब बच्चे पहली बार स्कूल आते हैं. उस समय उनके मन में असीम खुशियों, आकांक्षाएँ एवं भविष्य के लिए सपने छुपे रहते हैं। चाहे वह प्राथमिक. पूर्व माध्यमिक या कालेज स्तर के क्यों न हों अपार उत्साह रहता है। यह बात अलग है कि अभी करोना महामारी के चलते इस उत्सव को मनाने का सौभाग्य प्राप्त नहीं मिल रहा है ।

नामांकन में SMC की भूमिका

1.6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को शासकीय शालाओं में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रवेश कराना।
2. शासकीय या स्थानीय पदाधिकारी (ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, जनपद पंचायत, नगर निगम, जिला पंचायत) द्वारा सहायता प्राप्त शालाओं में निःशुल्क प्रवेश दिलाना है।
3. 6 से 14 वर्ष के बच्चों का (जिसमें किसी प्रकार की निशक्ता वाले बच्चे भी सम्मिलित है) सर्वे में सहयोग प्रदान करना।
किसी निजी शाला के कक्षा 1 में आस-पास के कमजोर अलाभित समूह के 25 प्रतिशत तक प्रवेश दिलाने में सहयोग कर सकता है।
5. कमजोर व अलाभित बच्चों को निजी शाला में प्रवेश लेने पर प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक शाला से बाहर नहीं किया जाएगा।
6. यदि कोई निजी शाला प्राथमिक पूर्व शिक्षा से प्रारंभ करता है, तो उस शाला में भी 25 प्रतिशत प्रवेश की शर्ते लागू होगी।
7. यदि किसी निजी शाला में 25 प्रतिशत प्रवेश की सीटें भरी हो तो वहा पर पुनः 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिलाने की बाध्यता नहीं होगी।
8. नामांकन से संबंधित जानकारी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा मांगे जाने पर अशासकीय संस्थाएं अनिवार्यतः देगी।
9. प्रवेश के समय कोई भी शाला या व्यक्ति किसी भी प्रकार की फीस नहीं लेगा।
10. यदि कोई शाला, व्यक्ति फीस प्राप्त करता है, तो RTE अधिनियम के अन्तर्गत (प्रति व्यक्ति फीस का 10 गुणा) अर्थदण्ड का प्रवाधान है।
11. किसी बालक को अनुवीक्षण प्रकिया के अधीन रखने पर (उल्लंघन करने पर) कार्रवाई करने का प्रावधान है।
12. किसी बालक को आयु (जन्म तिथि) प्रमाण पत्र के अभाव में प्रवेश से विद्यालय मना नहीं कर सकता।
13. किसी बच्चे को शैक्षणिक वर्ष के प्रारंभ या विस्तारित अवधि के भीतर जो निर्देश हो प्रवेश दिया जा सकता है।
14. परन्तु किसी बालक को प्रवेश से इंकार नहीं किया जायेगा यदि ऐसा प्रवेश विस्तारित अवधि के पश्चात् इंप्सित है।
15. आंगन बाड़ी के बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश करवाना।
16. किन्ही भी कारणों से 6 से 14 आयु समूह के प्रवेश से छूटे बच्चों को प्रवेश देना ही होगा।
17. अप्रवेशी बच्चों की जानकारी रखना।
18. अप्रवेशी होने के कारणों की जानकारी रखना।

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