छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब प्रदेश के सभी सेवारत शासकीय शिक्षकों को टीईटी (TET) परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के पालन में लिया गया है।

यह जानकारी दिनांक 21 अक्टूबर 2026 को जारी एक सरकारी पत्र के माध्यम से दी गई है। इस आदेश का सीधा असर छत्तीसगढ़ के उन सभी शिक्षकों पर पड़ेगा जो सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। आइए जानते हैं इस आदेश की पूरी डिटेल।
किन शिक्षकों पर लागू होगा यह आदेश?
सरकार के इस निर्णय के अनुसार, यह अनिवार्यता मुख्य रूप से उन शिक्षकों पर लागू होगी:
- कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी सेवारत शासकीय शिक्षक।
- शर्त: केवल उन्हीं शिक्षकों को यह परीक्षा देनी होगी जिनकी सेवा अवधि 05 वर्ष या उससे अधिक शेष है।
- यह परीक्षा उनके सेवा में बने रहने या पदोन्नति (Promotion) के लिए अनिवार्य होगी।
परीक्षा का आयोजन कैसे होगा?
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रस्तावित और शासन द्वारा स्वीकृत इस योजना के तहत:
- साल में दो बार परीक्षा: गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए साल में न्यूनतम 02 बार टीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
- CBT मोड: यह परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल (CGSSB) के अलावा एक निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी।
- एक समान स्तर: परीक्षा एक से अधिक पालियों (Shifts) में हो सकती है, लेकिन सभी पालियों के लिए प्रश्नपत्र का स्तर एक समान रहेगा।
- प्रमाण पत्र: परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) रायपुर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
यह आदेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के उस निर्णय के आधार पर है, जिसमें राज्यों को निर्देशित किया गया था कि गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का विशेष आयोजन किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के पास समुचित स्तर की टीईटी उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- तिथि: आदेश जारी होने की तिथि 21 अक्टूबर 2026 है।
- लाभार्थी: कक्षा 1 से 8 के सेवारत शिक्षक।
- आवश्यकता: 5 वर्ष या अधिक सेवा शेष वाले शिक्षकों को टीईटी पास करना होगा।
- परीक्षा माध्यम: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)।
- आवृत्ति: वर्ष में कम से कम 2 बार।
यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और शिक्षकों की योग्यता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सभी संबंधित शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे इस परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
Source: https://drive.google.com/file/d/1IM8g1mI5ZDn2Apjuvaf5h1exmPxmlJU_/view?usp=drive_link


