छत्तीसगढ़: खाली पदों पर शिक्षकों के विषय आबंटन को लेकर DPI का बड़ा आदेश, सुचारू रूप से चलेंगी क्लासें

छत्तीसगढ़ के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश 16 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है, जिसमें खाली पदों के एवज में उपलब्ध व्याख्याताओं (Lecturers) को विषय आबंटन (Subject Allocation) के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़: खाली पदों पर शिक्षकों के विषय आबंटन को लेकर DPI का बड़ा आदेश, सुचारू रूप से चलेंगी क्लासें

इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

क्या है आदेश की मुख्य बातें?

स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय (छ.ग. शासन) के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में जारी इस आदेश में विज्ञान और कला संकाय के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं:

1. विज्ञान संकाय (Science Stream) के लिए नियम

  • राज्य के हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी स्कूलों में यदि गणित, भौतिकी, रसायन या जीवविज्ञान के व्याख्याता का पद खाली है, तो वहां पदस्थ अन्य व्याख्याताओं को विषय आबंटित किया जाएगा।
  • विषय आबंटन उनके स्नातक स्तर (B.Sc.) पर अध्ययन किए गए विषयों के आधार पर होगा।
  • विशेष निर्देश: यदि कोई व्याख्याता गणित/भौतिकी में से किसी एक विषय का है, तो उसे दूसरे विषय का भी अध्यापन करना होगा। इसी तरह, यदि कोई रसायन/जीवविज्ञान में से किसी एक का है, तो उसे दूसरे विषय की भी क्लास लेनी होगी।

2. कला संकाय (Arts Stream) के लिए नियम

  • इसी प्रकार, कला संकाय के पदों (जैसे- राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र या अन्य कला विषय) के खाली होने की स्थिति में, वहां पदस्थ व्याख्याताओं को उनके स्नातक स्तर (B.A.) पर अध्ययन किए गए विषयों के अनुसार काम सौंपा जाएगा।

क्यों है यह आदेश महत्वपूर्ण?

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्सर कई विषयों के शिक्षकों के पद खाली रहते हैं। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ता है। DPI के इस नए निर्देश से यह सुनिश्चित होगा कि:

  1. क्लासें नहीं होंगी प्रभावित: शिक्षकों की कमी के बावजूद सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो सकेगी।
  2. संसाधनों का सही उपयोग: उपलब्ध शिक्षकों की क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सकेगा।
  3. शैक्षणिक गुणवत्ता: विषय विशेषज्ञता (B.Sc./B.A. के आधार पर) के अनुसार पढ़ाई होने से बच्चों को बेहतर समझ मिलेगी।

निष्कर्ष

लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग) और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यह कदम छत्तीसगढ़ के शिक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

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