हमसे जुड़ें:

Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

पदोन्नति जानकारी [Promotion information 2022]

25,801

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

प्रमुख बिन्दु :-

पदोन्नति जानकारी [Promotion information 2022]

दुर्ग संभाग प्रधान पाठक(मिडिल) पदोन्नति निरस्त :-

  • दिनाँक 29.01. 2022 को 633 शिक्षक एल.बी. ई संवर्ग के व 64 शिक्षक एल.बी.टी. सबर्ग को प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला टी संवर्ग के पद पर पदोन्नति दी गई थी।
  • पदोन्नत हुए कुछ शिक्षको का अंतरजिला स्थानांतरण में आने संबंधी आवेदन संयुक्त संचालक दुर्ग में किया गया था।
  • चूँकि संविलियन निर्देश प्रमाक 05 के अनुसार शिक्षक (पं./न.नि.) संवर्ग के कई वरीष्ठता का निर्धारण किया जाना है।
  • अत: जो व्यक्ति स्वैच्छिक स्थानांतरण से वर्तमान पद में आये हैं उनकी वरिष्ठता का निर्धारण स्थानांतरित निकाय में कार्यभार ग्रहण तिथि से किया जाना है।
  • अत:उक्त निर्देश के तहत सेवा अभिलेख से परीक्षण कर शिक्षक के वरिष्ठता के संबंध में किसी प्रकार की त्रुटि पायी जाती है तो उन्हें पदोन्नत संस्था हेतु कार्यमुक्त कार्यभार ग्रहण नहीं कराने के निर्देश दिये गये हैं।
आदेश विवरण डाउनलोड आदेश
दुर्ग संभाग प्रधान पाठक(मिडिल) पदोन्नति निरस्त आदेश दिनाँक 28-02-2022Click Here
दुर्ग संभाग प्रधान पाठक(मिडिल) पदोन्नति हेतु वरीष्ठता परीक्षण आदेश दिनाँक 15-02-2022Click Here

व्याख्याता पद पर पदोन्नत प्रकिया प्रारंभ :-

  • शिक्षक/प्रधान पाठक(प्राथमिक) से व्याख्याता पद में पदोन्नति हेतु प्रक्रिया प्रारंभ।
  • लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा सभी संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगी गयी जानकारी।
  • राज्य स्तर पर होनी है व्याख्याता पद पर पदोन्नति।
  • जिसके लिये शिक्षक, शिक्षक (एल.बी.) तथा प्रधान पाठक(प्राथमिक शाला) स्नातकोत्तर (प्रशिक्षित ) की वरिष्ठता सूची दिनांक 01.04.2022 की स्थिति में राज्य स्तर पर की जानी है प्रकाशित।
  • वन टाईम रिलेक्सेसन के तहत राजपत्र में व्याख्याता पद पर भी पदोन्नति हेतु दी गई है छुट।
  • राजपत्र में प्रकाशित कर एक बार के लिये पदोन्नति हेतु 5 वर्ष की सेवा को किया गया है 3 वर्ष।
  • सभी JD व DEO से जिले में कार्यरत शिक्षक , शिक्षक (एल.बी.) एवं प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला ) स्नातकोत्तर प्रशिक्षित की संभागवार / जिलावार वरिष्ठता सूची सात दिवस के भीतर के भीतर मंगायी गयी जानकारी।
  • जिससे एकजाई कर दिनांक 01.04.2022 की स्थिति में राज्य स्तर पर वरिष्ठता सूची का प्रकाशन संचालनालय स्तर से किया जा सके।
  • शिक्षक (एल.बी.) की वरीष्ठता सूची पृथक एवं शिक्षक व प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) की वरिष्ठता सूची पृथक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं ।
  • राज्य स्तर व्याख्याताओं के कुल स्वीकृत पद का 50% पद सीधी भर्ती से व 50% पद पदोन्नति से भरे जाने का है प्रावधान।
  • पदोन्नति से भरे जाने वाले 50% पदों में से आधे यानी कि 50% पद ई-संवर्ग(नियमित शिक्षकों) से व 50% पद एल.बी.संवर्ग से भरे जायेंगे।
  • यदि ई-संवर्ग में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होते हैं तो पदों को एल.बी.संवर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति द्वारा भरा जायेगा।
  • यही प्रक्रिया टी-संवर्ग के लिये अपनाया जायेगा।
  • समस्त पदोन्नति विषयवार व सेटअप आधारित राज्य स्तर पर होगी।

व्याख्याता पदोन्नति हेतु दिशा-निर्देश दिनाँक 27-01-2022👇

सहायक शिक्षक(एल.बी.) से शिक्षक(एल.बी.) में पदोन्नति हेतु दिशा निर्देश ।

  1. सीधी भर्ती या पदोन्नति की स्थिति में वरीष्ठता का निर्धारण कार्यभार ग्रहण तिथि से नहीं नियुक्ति तिथि से की जाये।
  2. संविदा एवं शिक्षा गारंटी शिक्षक को शिक्षा कर्मी के पद पर 01.05.2005 से शिक्षाकर्मी के पद पर नियमित किया गया है अतः उनकी वरिष्ठता का निर्धारण 01.05.2005 से की जाये ।
  3. आपसी स्थानांतरण / पति-पत्नि स्थानांतरण एवं स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण होने पर वरिष्ठता संबंधित जिले में पदस्थापना दिनांक/कार्यभार ग्रहण दिनाँक से मानी जाये।
  4. वर्ष 2014 एवं 2017 में किए गए अतिशेष के तहत युक्तियुक्तिकरण के तहत विषय में भरें गये पद मान्य नहीं होगा, शिक्षक का जिस विषय में नियुक्ति हुआ होगा उसका मूल विषय ही मान्य होगा यानि वह पद जो विकल्प से भरें गए को रिक्त मानकर उन पदों को रिक्त माना जायें।
  5. जिला पंचायत द्वारा एकीकृत वरिष्ठता के आधार पर अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार की जाये।
  6. डबल स्नातकधारी शिक्षक को उनके पदोन्नति में उसी विषय का लाभ मिलेगा जिस विषय में उनके द्वारा सहमति दी गई है। बशर्ते वह विषय सेवा पुस्तिका में इन्द्राज हो एवं प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पूर्व में अनुमति प्रदान की गई हो।
  7. सेवाकाल के दौरान किये गये वह शैक्षिक व व्यवसायिक योग्यता मान्य होगा जो सेवा पुस्तिका में दर्ज हो एवं विधिवत प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमति प्राप्त कर किया गया हो।
  8. पहले सहायक शिक्षक(वर्ग-3) से उच्च वर्ग शिक्षक(वर्ग-2) के पद पर पदोन्नति होनी है ।
  9. उसके बाद सहायक शिक्षक(वर्ग-3) से प्रधान पाठक (प्राथमिक) शाला में पदोन्नति होगी जिससे शिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा रिक्तियां मिलेगी और पदोन्नति के ज्यादा अवसर मिलेंगे ।

उच्च वर्ग शिक्षक पदोन्नति हेतु रायपुर संभाग का वरीष्ठता निर्धारण आदेश 22-01-2022👇

डबल स्नातक होने पर एक विषय में पदोन्नति हेतु सहमति के लिये प्रपत्र यहाँ से Download करें।

मिडिल स्कूलों में शिक्षकों के पदोन्नति हेतु विषयों का क्रम:-

दर्ज संख्या के मान से शालाओं में शिक्षकों का सेटअप विवरण आदेश:-

दर्ज संख्याआवश्यक शिक्षकों की संख्या(प्रधानपाठक सहित)
105 तक1 अंग्रेजी +1 हिन्दी/संस्कृत+ 1 गणित + 1 विज्ञान +1 कला , कुल=5
106 से 140 तक2 अंग्रेजी +1 हिन्दी/संस्कृत+ 1 गणित + 1 विज्ञान +1 कला , कुल=6
141 से 175 तक 2 अंग्रेजी +2 हिन्दी/संस्कृत+ 1 गणित + 1 विज्ञान +1 कला , कुल=7
176 से 215 तक 2 अंग्रेजी +2 हिन्दी/संस्कृत+ 2 गणित + 1 विज्ञान +1 कला , कुल=8
216 से 250 तक 2 अंग्रेजी +2 हिन्दी/संस्कृत+ 2 गणित + 2 विज्ञान +1 कला , कुल=9
251 से 285 तक 3 अंग्रेजी +2 हिन्दी/संस्कृत+ 2 गणित + 2 विज्ञान +2 कला , कुल=10
286 से 320 तक 3 अंग्रेजी +3हिन्दी/संस्कृत+ 2 गणित + 2 विज्ञान +2 कला , कुल=11

सहायक शिक्षक(एल.बी.) से शिक्षक(एल.बी.) के पद में पदोन्नति हेतु विषय निर्धारण:-

शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 👇

क्रमांकविषयविषय समूह
01.अंग्रेजीअंग्रेजी साहित्य स्नातक स्तर पर एक विषय रहा हो |
02.हिन्दी (कला)हिन्दी साहित्य स्नातक स्तर पर एक विषय रहा हो |
03.सामाजिक विज्ञान (कला) इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र अथवा राजनीति विज्ञान में से एक विषय अनिवार्य होगा।
04.जीवविज्ञानरसायनशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, सैन्य विज्ञान एवं भू-गर्भ विज्ञान में से कोई दो विषय स्नातक स्तर पर हो।
05.गणितगणित के साथ निम्नलिखित में से कोई दो विषय भौतिकी / रसायन /इलेक्ट्रॉनिक्स / कम्प्यूटर साइंस / सांख्यिकी, सैन्य विज्ञान / भू-गर्भ विज्ञान।
06.संस्कृतसंस्कृत साहित्य स्नातक स्तर पर एक विषय रहा हो अथवा बी.ए. (क्लासिक्स) अथवा संस्कृत में स्नातकोत्तर उपाधि |

संस्कृत विषय का शिक्षक(एल.बी.) के पद में पदोन्नति हेतु विषय निर्धारण दुर्ग संभाग का आदेश👇

नियुक्ति, पदोन्नति एवं स्थानांतरण पर कर्मचारियों का वरीष्ठता निर्धारण:-

सहायक शिक्षक (एल.बी.) (ई/टी) (प्रशिक्षित / स्नातक) एवं शिक्षक (एल.बी.) ( ई / टी) की 01.01.2022 की स्थिति में अंतिम वरिष्ठता सूची जारी किया गया है। जिसमें वरिष्टता निर्धारण कैसे हुआ इसे जानने के लिए समस्त नियमों कों जानते है |

सीधी भर्ती एवं पदोन्नति पर वरीष्ठता निर्धारण:-

  • किसी पद पर सीधी भर्ती द्वारा किसी व्यक्ति की वरिष्ठता का निर्धारण उस पद ग्रहण की दिनांक के आधार पर की जायेगी, जिस क्रम में उसकी नियुक्ति हुई है। इस विभाग में पहले नियुक्त व्यक्ति बाद में नियुक्त हुये व्यक्ति से वरिष्ठ होता है।
  • जहाँ पदोन्नति किसी विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर की जाती है, तब इस प्रकार पदोन्नत व्यक्तियों का वरिष्ठता उस क्रम में होगी, जिस क्रम में समिति द्वारा पदोन्नति की अनुशंसा की है। अर्थात नियुक्ति आदेश दिनाँक से वरिष्ठता का निर्धारण होता है।
  • किसी पद पर पदोन्नति वरीष्ठता के आधार पर की जाती है, जब किसी व्यक्ति को पदोन्नति के लिए अनुपयुक्त पाया जाता है एवं उसके किसी कनिष्ठ व्यक्ति को पदोन्नति हेतु उपयुक्त पाया जाता है तथा पदोन्नत किया जाता है, तब उस व्यक्ति की वरिष्ठता उन कनिष्ठ व्यक्तियों के वरिष्ठता के नीचले क्रम में होता है ।
  • किसी ऐसे व्यक्ति की वरिष्ठता, जिसका प्रकरण विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा वार्षिक चरित्रावली के अभाव में या अन्य कारणों से रोका गया हो, किन्तु बाद में उस तारीख से पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया हो, जिस दिनांक से उसके कनिष्ठ व्यक्ति को पदोन्नत किया गया था, वरीयता सूची में उससे तत्काल कनिष्ठ व्यक्ति की पदोन्नति के दिनांक से या उस दिनांक से जिस दिनांक को विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा उसे उपयुक्त पाया गया हो, वरीष्ठता निर्धारित किया जायेगा ।
  • सीधी भर्ती एवं पदोन्नति द्वारा व्यक्तियों के बीच वरिष्ठता का निर्धारण नियुक्ति या पदोन्नति आदेश जारी दिनांक से की जायेगी। परन्तु यदि कोई व्यक्ति उससे वरिष्ठ व्यक्ति के पूर्व नियुक्त या पदोन्नत किया जाता है तो ऐसे व्यक्ति की वरिष्ठता संबंधित विभाग द्वारा तैयार की गई वरीष्ठता सूची के आधार पर होगी। अर्थात वह कनिष्ठ व्यक्ति विभाग में वरिष्ट होगा |
  • यदि किसी सीधी भर्ती की परिवीक्षा अवधि या किसी पदोन्नति व्यक्ति की परीक्षण अवधि बढ़ाई गई हो, तो संबंधित विभाग तय करेगी कि क्या उसे वरिष्ठता दी जानी चाहिए अथवा नहीं, अगर वह परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गयी हो।
  • यदि सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के आदेश एक ही दिन जारी होते है तब पदोन्नत व्यक्ति सीधी भर्ती किए गए व्यक्ति से वरिष्ठ होंगे।

स्थानांतरण पर वरीष्ठता निर्धारण:-

  • एल.बी.संवर्ग के शिक्षक जो पहले पंचायत विभाग में कार्यरत थे संविलियन के पूर्व अन्य जनपद पंचायत या जिला पंचायत से स्थानांतरित होकर स्वयं के व्यय से अन्य जनपद पंचायत या जिला पंचायत में आये है, तो उनकी वरिष्ठता का निर्धारण नये जनपद पंचायत या जिला पंचायत में कार्यभार ग्रहण दिनांक से किया जाएगा अर्थात वरीष्ठता प्रभावित होगी। प्रशासनिक रुप से स्थानांतरण होने पर वरीष्ठता प्रभावित नहीं होगी।
  • राज्य शासन में एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण द्वारा नियुक्त व्यक्तियों की वरिष्ठता ऐसे स्थानांतरणों के लिए उनके चयन के क्रम के अनुसार निर्धारित की जायेगी।
  • जहां कोई व्यक्ति, सीधी भर्ती या पदोन्नति द्वारा उम्मीदवारों की अनुपलब्धता पर नियुक्त किया गया हो तो ऐसे स्थिति में स्थानांतरित व्यक्ति यथा स्थिति सीधी भर्ती वाले व्यक्ति या पदोन्नत व्यक्ति एक ही अवसर पर चयनित सभी सीधी भर्ती वाले व्यक्तियों या पदोन्नति व्यक्तियों से नीचे रखा जायेगा।
  • ऐसे व्यक्तियों के प्रकरण में जो आरंभ में प्रतिनियुक्ति पर रखे गए हो तथा बाद में उनका संविलियन किया गया हो, ऐसे संवर्ग में जिसमें वह संविलियनित किया गया हो, उसके वरीयता की गणना उसके संविलियन तिथि से की जावेगी। परन्तु, यदि वह उसके मूल विभाग में नियमित आधार पर उसी या समकक्ष संवर्ग में पहले से ही कार्य कर रहा हो, तो संवर्ग में उसके नियमित सेवा को भी उसकी वरीयता का निर्धारण करते समय इस शर्त के अध्याधीन उसे उस तारीख से वरीयता दी जावेगी, जिसको वह प्रतिनियुक्ति पद धारण कर रहा था या उस तिथि को जिसको वह उसके वर्तमान विभाग में उसी या समकक्ष संवर्ग में नियमित आधार पर, जो भी बाद में हो, नियुक्त किया गया था।

सेवा संबंधी वरीष्ठता निर्धारण:-

  • संविदा में की गई नियुक्ति के लिये वरीष्ठता का निर्धारण नियमित करने की तिथी से मान्य किया जावेगा। जैसे कई शिक्षक साथी जिनकी नियुक्ति 2002, 2003 या 2004 में संविदा के रुप में हुई थी उनकी वरिष्ठता दिनाँक 01-05-2005 होगी ।
  • निम्न से उच्च पद में या समान पद में अनुमति या बिना अनुमति के जाने पर वरीष्ठता का निर्धारण उच्च पद में कार्यभार ग्रहण दिनाँक से किया जायेगा। केवल वेतन निर्धारण के लिये वरीष्ठता का निर्धारण निम्न पद से होगा।
  • किसी शिक्षक की नियुक्ति तिथि या पदोन्नति तिथि समान होने पर वरिष्ठता का निर्धारण जन्मतिथी के आधार पर किया जायेगा।

पदोन्नति में शैक्षिक योग्यता निर्धारण :-

  • यदि किसी सहायक शिक्षक या शिक्षक ने दो विषय में स्नातक किया है तो प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति प्राप्त होने एवं सेवा पुस्तिका में इन्द्राज होने पर संबंधित के द्वारा जिस विषय में अपना सहमति देगा वही मान्य किया जाएगा।
  • सेवा पुस्तिका में दर्ज शैक्षिक योग्यता व व्यवसायिक योग्यता ही अंतिम रुप से मान्य होगा।
  • विभाग में आने के पश्चात हासिल की गई शैक्षिक योग्यता या व्यावसायिक योग्यता विभाग से अनुमति प्राप्त कर किया गया हो तो उनकी प्रविष्टी अनिवार्य रूप से सर्विस बुक व वरिष्टता सूचि में दर्ज करायें।

पदोन्नति पर वेतन निर्धारण संबंधी नियम।

वेतन निर्धारण:-

वेतन निर्धारण निम्न परिस्थितियों के कारण निर्मित होता है।

  1. शासकीय कर्मचारी के मौलिक या स्थापान्न रूप से प्रथम नियुक्ति होने पर
  2. जब शासकीय कर्मचारी स्थानान्तरण द्वारा एक पद से दूसरे पद पर मौलिक स्थानापन्न रूप से नियुक्त होता है।
  3. जब प्रचलित वेतनमान संशोधित कर नया वेतनमान लागू होता हो।
  4. किसी शासकीय सेवक के पदोन्नत होने के कारण पदोन्नत वेतनमान लागू करें के लिए।
  5. सेवा में व्यवधान फलस्वरूप पुनर्नियुक्ति पर
  6. जब मूल वेतन, वेतन वृद्धि या अन्य किसी कारण से स्थानापन्न वेतन से अधिक हो जाने और वेतन निर्धारण शासकीय कर्मचारी के लिए लाभप्रद हो।
  7. जब कोई शासकीय सेवक दण्ड स्वरूप कनिष्ठ पर पदावनत हो।

पदोन्नति पर वेतन निर्धारण का मूल नियम:-

  • मूल नियम 22-डी-कोई शासकीय सेवक जब पदोन्नत होता है। तब उसका वेतन मूल नियम 22-डी के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
  • इस नियम के अनुसार, निचले पद के वेतनमान में एक वेतन वृद्धि जोड़कर जो प्रकम आए, उच्च पद के वेतनमान में उससे आगे की स्टेज पर वेतन निर्धारित होगा।
  • यदि कर्मचारी अपने निचले पद के अधिकतम पर है अथवा गतिरोध भत्ते के सहित वेतन आहरित कर रहा है तब भी अंतिम वेतन वृद्धि बराबर वेतन नोशनली (Notionally) बढ़ाया जायेगा।
  • यह नियम स्थाई, स्थानापन्न अथवा अस्थाई सभी प्रकार के शासकीय सेवकों पर लागू होता है।

पदोन्नति पश्चात वेतन निर्धारण :-

वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत 01 जनवरी, 2016 को या उसके पश्चात् पदोन्नति पर वेतन निर्धारण पुनरीक्षित वेतन संरचना में एक लेवल से दूसरे लेवल में पदोन्नति के मामले में वेतन निर्धारण हेतु जिस लेवल से शासकीय सेवक पदोन्नत होता है, उस लेवल में एक वेतनवृद्धि दी जायेगी और उसे इस पद पर जिसमें पदोन्नति दी गई है, के लेवल में इस प्रकार से प्राप्त राशि के समतुल्य कोटिका में रखा जायेगा और यदि ऐसी कोई कोष्टिका उस लेवल में जिसमें पदोन्नति दी गई है, की बीच उपलब्ध नहीं है तो उस लेवल में अगली उच्चतर कोष्टिका में रखा जायेगा।

पदोन्नति संबंधी विविध जानकारी।
पदोन्नति संबंधी विविध जानकारी।

वेतनमान निर्धारण का स्पष्टीकरण:- वर्तमान में शिक्षक संवर्ग का पदोन्नति प्रक्रियाधीन है जिसमें वेतनमान के निर्धारण को नीचे बताया गया है। जिसमें-

👉सहायक शिक्षक(वेतन लेवल-6) की पदोन्नति शिक्षक व प्रधान पाठक (प्राथमिक) के पद वेतन लेवल-8 पर होना है।

👉 शिक्षक(वेतन लेवल-8) की पदोन्नति व्याख्याता व प्रधान पाठक (मिडिल) के पद वेतन लेवल-9 पर होना है।

👉वेतन चार्ट:-

इस वेतन चार्ट में वेतनमान संबंधी 4 कॉलम हैं प्रत्येक कॉलम को समझते हैं जिसके आधार पर वेतन निर्धारण हुआ है।

1️⃣मौजुदा मूलवेतन:- इस कॉलम में वर्तमान में प्राप्त मूलवेतन को दर्शाया गया है। जिसके आधार पर अगले लेवल के मूलवेतन का निर्धारण किया गया है। चूँकि किसी पद में 6 महिने या 180 दिन से अधिक सेवा अवधि पूरी हो जाती है तो वेतनवृद्धि की पात्रता होती है। इस आधार पर 1 जुलाई 2018 को संविलयन होने के पश्चात हर साल जुलाई माह में इंक्रीमेंट देय होता है। अत: मौजुदा पद के मूलवेतन में 6 माह से अधिक की अवधि हो चुकी है तो पदोन्नति पश्चात इंक्रीमेंट के साथ अगले लेवल के मूलवेतन का निर्धारण होगा।

2️⃣पदोन्नत पश्चात मूलवेतन:- वर्ग-3, सहायक शिक्षक(एल.बी.) संवर्ग के शिक्षकों का पदोन्नत पश्चात मूलवेतन का निर्धारण लेवल-6 के मौजुदा मूलवेतन में एक इंक्रीमेंट के साथ अगले मूल के अनुसार लेवल-8 के मूल का निर्धारण होगा।

जैसे:-

  • 2005 नियुक्ति वाले शिक्षकों का मूल वेतन 10वें इंक्रीमेंट के साथ 33100 है उसके 1 इंक्रीमेंट देय पर मूल 34100 हो जायेगा। जो लेवल-8 में 34100 के बराबर या उससे उच्चतर राशि 35400 पर मूलवेतन निर्धारित होगा ।
  • अतः 2005 नियुक्ति वाले शिक्षकों का मूल वेतन प्रधान पाठक में पदोन्नति पश्चात 35400 होगा।
  • साथ ही आप चार्ट में देख सकते हैं कि 2003 से लेकर 2018 तक नियुक्त सभी शिक्षकों का मूल 35400 से कम है अत: इन सभी वर्षों में नियुक्त शिक्षकों का लेवल-8 में मूल 35400 पर निर्धारित होगा।
  • उसके बाद 2001-2002 वालों का मौजुदा मूल वेतन 11वें इंक्रीमेंट के साथ 35100 है जिसका 1 इंक्रीमेंट पश्चात मूल 36200 होगा जो लेवल-8 में 36500 के मूल पर वेतन निर्धारित होगा।
  • उसी प्रकार 1998-1999-2000 वालों का मूल वेतन 12वें इंक्रीमेंट के साथ 36200 है जिसका 1 इंक्रीमेंट पश्चात मूल 37300 होगा जो अगले लेवल-8 में 37500 के मूल पर नये वेतन निर्धारित होगा।

3️⃣पदोन्नति पश्चात कुल वेतन:- अब आपको पदोन्नत पश्चात लेवल-8 का मूलवेतन पता है तो इसके आधार पर आप अपना वेतन गणना कर सकते हैं

4️⃣पदोन्नति पश्चात प्राप्त वेतन:- समस्त कटौतियों पश्चात प्राप्त वेतन की गणना कर ऊपर के वेतन चार्ट में दिया गया है साथ ही नीचे दिये गये चार्ट से महंगाई भत्ता गृह भत्ता, एवं कटौति के साथ पूर्ण वेतन विवरण देख सकते हैं।

संविलियन वेतनमान महँगाई भत्ता 17% के आधार पर 👇

वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 👇

FOLLOW-Edudepart.com

FOLLOW – Edudepart.com

शिक्षा जगत से जुड़े हुए सभी लेटेस्ट जानकारी के लिए Edudepart.com पर विजिट करें और हमारे सोशल मिडिया @ Telegram @ WhatsAppFacebook @ Twitter @ Youtube को जॉइन करें। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये आदेशों व निर्देशों का अपडेट के लिए हमें सब्सक्राइब करें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

5 Comments
  1. Skumar says

    स्थानांतरण वालो का सविलियन नियुक्ति तिथि के आधार पर हुई है या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से। अगर नियुक्ति तिथि के आधार पर हुई है तो क्या 15/10/1998 उनकी नियुक्ति तिथि है और वह 2015 में अंदर जिला स्थानांतरण करके आया। तो क्या उसका वरिष्ठता 2015में आएगा या फिर 1998में ।अगर उनका वरिष्ठता 2015में आता है तो क्या हम यही माने की उनकी सिविलियन 2015 कार्यभार ग्रहण करने की तिथि में हुई । तभी उसका नाम 2015 वालो की वरिष्ठता सूची आया

  2. Skumar says

    सविलियन नियुक्ति तिथि के आधार क्रम में किया गया है जैसे 1998,2005,2006,2007इत्यादि या जो 8 वर्ष पूर्ण हो गया है देखकर कोई भी सन् को उठाकर सिविलियन करते गया ।अगर क्रम वार सिविलियन करते गया तो नियुक्ति तिथि के आधार पर शिक्षा विभाग में 1998 पहले गया चाहें वह स्थानांतरण वाला हो न हो इस हिसाब से वरिष्ठता तो क्रम वार जाएगा या नहीं

  3. वरीष्ठता 1998 से ही क्रमश: बनेगा पर स्थानान्तरण पर वरीष्ठता उसके नयी जगह में कार्यभार ग्रहण तिथि से तय होता है यह हर स्थानांतरण निती में क्लीयर एक बिन्दु होता है।

  4. संविलियन प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर हुई है। और केवल उसके वेतन निर्धारण के लिये उसके वरीष्ठता का लाभ दिया जा रहा। पर पदोन्नति के लिये वरीष्ठता का निर्धारण उनके नये पदभार ग्रहण तिथि होगी… क्योंकि हर स्थानांतरण नियम में क्लीयर लिखा है वरीष्ठता जायेगा।

  5. CHINTAMANI YADAV YADAV says

    2003 में टीजीटी 4600 नियुक्ति हुई 10 वर्ष पश्चात 2013 में चयन वेतनमान के साथ 4800 में हूं इसी लेवल में प्रवक्ता पद पर पदोन्नति( promotion) होने पर क्या एक अलग से वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा कि नहीं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.