छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी नए विस्तृत दिशा-निर्देशों में बच्चों को किताबी तनाव से मुक्त करने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की सिफारिशों के तहत अब प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में हर शनिवार को ‘गतिविधि दिवस’ (Bagless Activity Day) के रूप में मनाया जाएगा।

इस दिन छात्र बिना बस्ते के स्कूल आएंगे और पूरा दिन विभिन्न कौशलों व व्यावहारिक ज्ञान को सीखने में बिताएंगे। आइए जानते हैं कि शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइंस के अनुसार हर शनिवार को स्कूलों में क्या नियम होंगे और इसका संचालन कैसे किया जाएगा:
1. गतिविधि दिवस का मूल मंत्र: ‘नो बैग डे’ (No Bag Day)
- नए नियमों के अनुसार, शनिवार के दिन कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल में बस्ता (School Bag) लाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।
- इस दिन पारंपरिक चॉक-और-टॉक (किताबी पढ़ाई) की जगह पूरी तरह से गतिविधि-आधारित शिक्षण (Activity-based learning) को अनिवार्य किया गया है।
2. प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए गाइडलाइंस
प्राथमिक स्कूल के नन्हे बच्चों के लिए शनिवार का दिन उनके सामाजिक और मानसिक जुड़ाव का जरिया बनेगा।
- कक्षा 1 और 2: इन बच्चों के लिए ‘स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम’ और ‘जादुई पिटारा’ के विशेष खेल आयोजित किए जाएंगे। बच्चे मिट्टी के खिलौने बनाएंगे, कागज की कलाकृतियां (Mask/Origami) तैयार करेंगे और स्थानीय छत्तीसगढ़ी बाल-गीत गाएंगे।
- कक्षा 3 से 5: इन कक्षाओं के बच्चों के लिए निर्धारित किए गए नए विषयों जैसे बांसुरी वादन (कला शिक्षा) और खेल योग (शारीरिक शिक्षा) का विशेष सामूहिक अभ्यास इस दिन कराया जाएगा।
3. मिडिल स्कूल स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए गाइडलाइंस: ’10 बैगलेस शनिवार’
मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए शनिवार के दिन को बहुत ही व्यावहारिक और रोजगार-उन्मुख (Vocational) बनाया गया है:
- 10 बैगलेस शनिवार (कौशल बोध): पूरे सत्र में कुल 10 शनिवार ऐसे निर्धारित होंगे, जिनमें बच्चों को किताबी दुनिया से बाहर निकालकर स्थानीय उद्योगों, कौशल केंद्रों या सार्वजनिक स्थानों के भ्रमण (Field Trips) पर ले जाया जाएगा।
- व्यावहारिक भ्रमण: बच्चे अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में स्थानीय बैंक, पोस्ट ऑफिस, पुलिस थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, कृषि फार्म, डेयरी, कुटीर उद्योग, या मोटर गैराज का भ्रमण करेंगे। वहां वे व्यावहारिक जीवन में काम कैसे होता है, यह खुद देखकर सीखेंगे।
- स्कूल के भीतर गतिविधियां: शेष शनिवारों को स्कूल के भीतर कला शिक्षा (कृति-1), शारीरिक शिक्षा (खेल यात्रा-1) और कौशल बोध (व्यावसायिक शिक्षा) की नई पुस्तकों के आधार पर हैंड्स-ऑन एक्टिविटीज (जैसे बागवानी, बेसिक कोडिंग/कंप्यूटर ज्ञान, बढ़ईगीरी या बिजली के छोटे-मोटे काम की बुनियादी समझ) कराई जाएगी।
4. हाई और हायर सेकेंडरी स्तर (कक्षा 9 से 12) के लिए गाइडलाइंस
हालांकि बड़े बच्चों के लिए बस्ता पूरी तरह बंद नहीं रहेगा, लेकिन शनिवार के उत्तरार्ध (सेकंड हाफ) को उनके करियर और मानसिक मार्गदर्शन के लिए आरक्षित किया गया है:
- गाइडेंस एंड काउंसलिंग (Guidance & Counselling): 9वीं से 12वीं के किशोरों/युवाओं के लिए हर शनिवार को विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित होंगे। इसमें उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं (JEE, NEET, CUET) के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
- व्यावसायिक शिक्षा व अप्रेंटिसशिप: जिन स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स संचालित हैं, वहां के छात्रों को स्थानीय उद्योगों में Apprenticeship (प्रशिक्षुता) के लिए भेजा जाएगा। कृषि और वाणिज्य संकाय के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट्स, सर्वे और रिसर्च आधारित काम शनिवार को कराए जाएंगे।
5. मूल्यांकन का नियम: परीक्षा नहीं, केवल होलिस्टिक अवलोकन
- शनिवार की किसी भी गतिविधि के लिए बच्चों की कोई पेन-पेपर लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी।
- शिक्षक केवल बच्चों की सहभागिता, उनकी रुचि, टीमवर्क, और उनके व्यवहार का अवलोकन (Observation) करेंगे।
- इस पूरे प्रदर्शन की प्रविष्टि बच्चे के 360-डिग्री होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) में की जाएगी, जो उनके सर्वांगीण विकास का पैमाना बनेगा।
निष्कर्ष (Takeaway):
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में ‘गतिविधि दिवस’ की यह नई गाइडलाइन शिक्षा को रटने की बंद कमरों की संस्कृति से बाहर निकालकर व्यावहारिक और जीवनोपयोगी बनाती है। हर शनिवार को ‘नो बैग डे’ मनाकर सरकार बच्चों को तनाव-मुक्त, हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


