स्कूलों में गाइडेंस एंड काउंसलिंग (Guidance & Counselling): गतिविधि दिवस पर कैसे होगी बोर्ड कक्षाओं के बच्चों की करियर काउंसलिंग?

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर में केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के बच्चों पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि हाई और हायर सेकेंडरी (कक्षा 9वीं से 12वीं) के विद्यार्थियों के मानसिक और करियर विकास के लिए भी एक बेहतरीन ढांचा तैयार किया गया है।

स्कूलों में गाइडेंस एंड काउंसलिंग (Guidance & Counselling): गतिविधि दिवस पर कैसे होगी बोर्ड कक्षाओं के बच्चों की करियर काउंसलिंग?

नए नियमों के अनुसार, बोर्ड कक्षाओं (विशेषकर 10वीं और 12वीं) के विद्यार्थियों को भविष्य की राह दिखाने और परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए हर शनिवार को होने वाले ‘गतिविधि दिवस’ (Bagless Activity Day) के उत्तरार्ध (सेकंड हाफ) में ‘गाइडेंस एंड काउंसलिंग’ (Guidance & Counselling) सत्र का आयोजन अनिवार्य कर दिया गया है।

आइए हमारे शिक्षक साथियों और विद्यार्थियों के लिए विस्तार से समझते हैं कि शनिवार के दिन यह करियर काउंसलिंग प्रोग्राम कैसे संचालित होगा:

1. शनिवार को काउंसलिंग सत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

बोर्ड कक्षाओं में आते ही विद्यार्थियों पर अच्छे अंक लाने का भारी मानसिक दबाव होता है। इसके साथ ही, 10वीं के बाद सही संकाय (Stream) चुनना और 12वीं के बाद सही करियर विकल्प का चयन करना उनके जीवन का सबसे कठिन निर्णय होता है। इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • तनाव प्रबंधन (Stress Management): परीक्षा के डर, एंग्जायटी और मानसिक तनाव को दूर करना।
  • सही करियर का चुनाव: विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और एप्टीट्यूड (Aptitude) के अनुसार सही दिशा दिखाना।
  • राष्ट्रीय परीक्षाओं की जानकारी: बच्चों को केवल पारंपरिक कोर्सेज तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं से परिचित कराना।

2. गतिविधि दिवस पर काउंसलिंग सत्र का पूरा प्लान (Execution Model)

शनिवार के दिन मध्याह्न भोजन (Mid-day Meal) या हाफ-डे के बाद का समय बड़े बच्चों की काउंसलिंग के लिए आरक्षित रहेगा। इसे निम्नलिखित तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा:

चरण A: करियर अवेयरनेस और इनफार्मेशन सेशन (Career Information)

  • पारंपरिक व आधुनिक करियर: शिक्षकों और करियर गाइडों द्वारा छात्रों को सिविल सर्विसेज, इंजीनियरिंग (JEE), मेडिकल (NEET) के साथ-साथ नए जमाने के करियर विकल्पों जैसे—डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिसिस, वोकेशनल कोर्सेज और कृषि उद्यमिता (Agri-entrepreneurship) के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
  • प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET), क्लैट (CLAT), एनडीए (NDA) और विभिन्न पॉलिटेक्निक/ITI प्रवेश परीक्षाओं के फॉर्म भरने की प्रक्रिया, सिलेबस और तैयारी की रणनीति पर विशेष सत्र होंगे।

चरण B: व्यक्तिगत और समूह काउंसलिंग (Group & Individual Sessions)

  • ग्रुप डिस्कशन: कक्षा में सामान्य विषयों जैसे—”टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?”, “स्मार्ट स्टडी कैसे करें?” या “एकाग्रता कैसे बढ़ाएं?” पर ग्रुप काउंसलिंग होगी।
  • वन-टू-वन काउंसलिंग: जो विद्यार्थी किसी विशेष मानसिक दबाव, पारिवारिक समस्या या करियर को लेकर अत्यधिक भ्रम की स्थिति में हैं, उनके लिए स्कूल के प्रशिक्षित शिक्षक या आमंत्रित काउंसलर व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे।

चरण C: गेस्ट लेक्चरर और सफल हस्तियों से संवाद (Industry Connect)

  • हर महीने कम से कम एक या दो शनिवार को स्कूल प्रबंधन द्वारा स्थानीय स्तर पर सफल नागरिकों, जैसे—डॉक्टर, इंजीनियर, बैंक मैनेजर, प्रशासनिक अधिकारी, प्रगतिशील किसान या सफल उद्यमियों को ‘अतिथि वक्ता’ (Guest Speaker) के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।
  • ये अतिथि बच्चों के साथ सीधे संवाद (Interactive Session) करेंगे और अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगे, जिससे बच्चों को वास्तविक दुनिया की व्यावहारिक समझ मिलेगी।

3. वोकेशनल कोर्सेज के छात्रों के लिए विशेष निर्देश: अप्रेंटिसशिप लिंकेज

जिन हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) संचालित है, वहां के छात्रों के लिए शनिवार का काउंसलिंग सत्र और भी खास होगा:

  • इंडस्ट्री और मार्केट ट्रेंड्स: व्यावसायिक प्रशिक्षक (Vocational Trainers) छात्रों को बताएंगे कि उनके ट्रेड (जैसे- IT, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर या रिटेल) में बाजार में क्या नई संभावनाएं हैं।
  • प्लेसमेंट और अप्रेंटिसशिप: छात्रों को स्थानीय उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) और अप्रेंटिसशिप के अवसरों से जोड़ा जाएगा ताकि वे स्कूल से निकलते ही आत्मनिर्भर बन सकें。

4. मूल्यांकन का तरीका: प्रोग्रेस कार्ड में अंकन

इस काउंसलिंग और गाइडेंस प्रोग्राम के दौरान बच्चों की सक्रियता, उनके आत्मविश्वास में आए सुधार और उनकी तार्किक क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसे किसी परीक्षा के नंबरों के रूप में नहीं, बल्कि छात्र के 360-डिग्री होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) में गुणात्मक फीडबैक (Qualitative Feedback) के रूप में दर्ज किया जाएगा।

ब्लॉग निष्कर्ष (Takeaway):

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शनिवार ‘गतिविधि दिवस’ पर ‘गाइडेंस एंड काउंसलिंग’ की यह अनिवार्य शुरुआत बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित होगी। यह व्यवस्था बच्चों को केवल किताबी कीड़ा बनने से रोकेगी और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत, जागरूक और अपने भविष्य के प्रति स्पष्ट सोच रखने वाला एक जिम्मेदार युवा बनाएगी।

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