कक्षा 6 संस्कृत ( दीपकम )शिक्षक डायरी ( Class 6 Sanskrit Teacher Diary )हेतु प्रमुख अध्यापन बिंदु

शिक्षक डायरी हेतु प्रमुख अध्यापन बिंदु

पाठ 1: वयं वर्णमालां पठामः

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1स्वर एवं व्यंजन वर्णों का परिचयछात्र स्वर और व्यंजन में अंतर कर सकेंगे
2स्वरों के प्रकार – समानाक्षर व संध्यक्षरछात्र सभी स्वरों को पहचान कर पढ़ सकेंगे
3व्यंजनों के भेद – वर्गीय, अन्तःस्थ, ऊष्म, अयोगवाहछात्र व्यंजनों का सही उच्चारण कर सकेंगे
4गुणिताक्षरों का निर्माणछात्र व्यंजन + स्वर मात्रा से गुणिताक्षर बना सकेंगे
5संयुक्त व्यंजनछात्र संयुक्त व्यंजनों को पढ़ और लिख सकेंगे
6वर्ण-विच्छेद (वर्णों का अलग-अलग लेखन)छात्र शब्दों का वर्ण-विच्छेद कर सकेंगे
7उच्चारण स्थान – कंठ, तालु, मूर्धा, दंत, ओष्ठ, नासिकाछात्र वर्णों के उच्चारण स्थान जान सकेंगे
8नामांताक्षरी क्रीड़ाछात्र खेल-खेल में संस्कृत नामों को पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: वर्णमाला चार्ट, फ्लैश कार्ड्स, इंटरैक्टिव बोर्ड


पाठ 2: एषः कः? एषा का? एतत् किम्?

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1पुंलिग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग की पहचानछात्र शब्दों का लिंग पहचान सकेंगे
2तद् और एतद् सर्वनामों का प्रयोगछात्र ‘सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्’ का प्रयोग कर सकेंगे
3एकवचन, द्विवचन, बहुवचनछात्र वचन के अनुसार शब्दों को बदल सकेंगे
4प्रश्नवाचक शब्द – कः, का, किम्छात्र प्रश्न पूछ सकेंगे और उत्तर दे सकेंगे
5क्रियापद – पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडतिछात्र विभिन्न क्रियाओं को पहचान सकेंगे
6अकारान्त, आकारान्त, ईकारान्त शब्दछात्र शब्दों के प्रकार पहचान सकेंगे
7चित्र-पहचान एवं संस्कृत शब्दों से संबंधछात्र चित्रों को संस्कृत में पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: चित्र चार्ट, वस्तुएं, इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर


पाठ 3: अहं च त्वं च

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1सर्वनाम – अहम्, आवाम्, वयम् (उत्तम पुरुष)छात्र अपने बारे में बात कर सकेंगे
2सर्वनाम – त्वम्, युवाम्, यूयम् (मध्यम पुरुष)छात्र दूसरों को संबोधित कर सकेंगे
3‘अस्’ धातु के रूप (अस्मि, स्थः, स्मः, असि, स्थः, स्थ)छात्र ‘हूँ, हो, हैं’ का सही प्रयोग कर सकेंगे
4व्यवसायों/पदों के नाम (छात्रः, चिकित्सकः, शिक्षकः, गायिका आदि)छात्र विभिन्न व्यवसायों को संस्कृत में कह सकेंगे
5पुरुष और वचन का सही समन्वयछात्र क्रिया का पुरुष और वचन से मेल कर सकेंगे
6‘त्वमेव माता…’ श्लोक का पाठछात्र श्लोक का अर्थ समझ सकेंगे
7संवाद-निर्माण (परिचय देना)छात्र अपना परिचय संस्कृत में दे सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: भूमिका-निर्वाह कार्ड्स, संवाद चार्ट


पाठ 4: अहं प्रातः उत्तिष्ठामि

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1समय बताना (सपाद, सार्ध, पादोन, वादनम्)छात्र संस्कृत में समय बता सकेंगे
2दिनचर्या के क्रियापद – उत्तिष्ठामि, करोमि, पिबामि, गच्छामिछात्र अपनी दिनचर्या बता सकेंगे
3संख्या 1-12 का ज्ञानछात्र संख्या 1-12 पढ़ और लिख सकेंगे
4शिष्टाचार एवं संस्कार – माता-पिता का सम्मानछात्र शिष्टाचार के महत्व को समझ सकेंगे
5प्रश्न – “कः समयः?”छात्र समय पूछ सकेंगे और बता सकेंगे
6भारतीय ज्ञान परंपरा – समय मापन यंत्र (घटीयन्त्र)छात्र प्राचीन भारतीय समय मापन से परिचित होंगे
7प्रातः स्मरण एवं भूमि वंदना के श्लोकछात्र प्रातःकालीन श्लोकों को समझ सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: घड़ी मॉडल, दिनचर्या चार्ट


पाठ 5: शूराः वयं धीराः वयम्

कालखंड: 3-4 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1गीत का सामूहिक गायन और भावार्थछात्र देशभक्ति गीत को गा सकेंगे और उसका अर्थ समझ सकेंगे
2नए शब्द – शूराः, धीराः, वीराः, सुतराम्, गुणशालिनःछात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे और प्रयोग कर सकेंगे
3भारतीय वीरों एवं वीरांगनाओं का परिचयछात्र देश के वीरों के बारे में जान सकेंगे
4प्रथम विभक्ति बहुवचन रूपछात्र बहुवचन रूपों का प्रयोग कर सकेंगे
5देशभक्ति के मूल्यछात्र देशभक्ति, साहस, धैर्य के गुणों को समझ सकेंगे
6राष्ट्रनायकों की पहचानछात्र महापुरुषों के चित्रों को पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: गीत के श्लोक चार्ट, महापुरुषों के चित्र


पाठ 6: सः एव महान् चित्रकारः

कालखंड: 3-4 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1रंगों के नाम संस्कृत में – हरितः, रक्तः, नीलः, पीतः, श्वेतःछात्र विभिन्न रंगों को संस्कृत में कह सकेंगे
2प्राकृतिक वस्तुओं की पहचान – पुष्पाणि, पर्णानि, खगाःछात्र प्रकृति के अंगों को पहचान सकेंगे
3संवाद पठन एवं अभिनयछात्र संवाद को पढ़ और समझ सकेंगे
4प्रश्नोत्तर – एकपद एवं पूर्णवाक्य मेंछात्र प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
5राष्ट्रध्वज के रंगछात्र तिरंगे के रंगों को जान सकेंगे
6रंगों के पर्यायवाची शब्दछात्र एक रंग के अनेक पर्याय जान सकेंगे
7प्रकृति में ईश्वर का चित्रणछात्र प्रकृति में ईश्वर की रचना को पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: रंग चार्ट, फूल/पत्ते, राष्ट्रध्वज, चित्र


पाठ 7: गोमाता

कालखंड: 3-4 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1गाय की महिमा और ‘गावो विश्वस्य मातरः’छात्र गाय के महत्व को समझ सकेंगे
2पंचगव्य एवं पंचामृत का महत्वछात्र पंचगव्य के घटक और उपयोग जान सकेंगे
3गोदुग्ध, घृत, दधि, तक्र के लाभछात्र गो-उत्पादों के पोषण मूल्य को समझ सकेंगे
4आयुर्वेद में गोमूत्र और गोमय का उपयोगछात्र गो-उत्पादों के औषधीय गुण जान सकेंगे
5भारत में गाय की विभिन्न नस्लेंछात्र गाय की नस्लों के नाम जान सकेंगे
6गोवर्धन पूजा एवं गाय का धार्मिक महत्वछात्र गोवर्धन पूजा का महत्व समझ सकेंगे
7गोगीत – मंगलकत्रीं अम्बाऽस्माकं गोमाताछात्र गोगीत गा सकेंगे और उसका अर्थ समझ सकेंगे
8अव्ययों का परिचय – सदा, नूनम्, तथैवछात्र अव्यय शब्दों को पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: गाय का चित्र, दुग्ध उत्पाद, आयुर्वेदिक जानकारी


पाठ 8: बुद्धिः सर्वार्थसाधिका

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1कथा-पठन – शशक और गजराज की कहानीछात्र कथा को पढ़ और समझ सकेंगे
2बुद्धि का महत्व (बुद्धिः सर्वार्थसाधिका)छात्र बुद्धि की श्रेष्ठता को समझ सकेंगे
3नए शब्द – सरोवरः, गजः, शशकः, मूताः, भीताः, प्रतिबिम्बम्छात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे और प्रयोग कर सकेंगे
4लट् लकार (वर्तमान काल) – तिप्, तस्, झि, सिप्, थस्, थ, मिप्, वस्, मस्छात्र वर्तमान काल के क्रियापद बना सकेंगे
5धातु की पहचान – गम्, स्था, कृ, कथ्छात्र धातुओं को पहचान सकेंगे और उनके रूप बना सकेंगे
6वचन एवं पुरुष की पहचानछात्र क्रियापदों का वचन और पुरुष निर्धारित कर सकेंगे
7बुद्धि के उदाहरणछात्र जीवन में बुद्धि के उपयोग को समझ सकेंगे
8पर्यायवाची शब्दों का मेलनछात्र पर्यायवाची शब्दों को पहचान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: कथा चित्र, बुद्धि से संबंधित उदाहरण


पाठ 9: यो जानाति सः पण्डितः

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1प्रहेलिकाओं का परिचय एवं उनका हलछात्र प्रहेलिकाओं को समझ सकेंगे और उनके उत्तर खोज सकेंगे
2गुरु-शिष्य परंपराछात्र गुरु-शिष्य संबंधों को समझ सकेंगे
3ग्रन्थ और उनके रचयिताछात्र प्रमुख ग्रंथों और उनके रचयिताओं को जान सकेंगे
4पति-पत्नी संबंध (पौराणिक)छात्र पौराणिक पति-पत्नी संबंधों को जान सकेंगे
5षष्ठी विभक्ति (संबंध कारक) – रूपों की पहचानछात्र षष्ठी विभक्ति रूपों का प्रयोग कर सकेंगे
6कुटुम्ब का परिचय संस्कृत मेंछात्र अपने परिवार का परिचय दे सकेंगे
7सर्वनाम षष्ठी विभक्ति – मम्, तव, तस्य, तस्याःछात्र सर्वनामों का प्रयोग संबंध कारक में कर सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: प्रहेलिका कार्ड्स, परिवार वृक्ष चार्ट


पाठ 10: त्वम् आपणं गच्छ

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1बाजार जाना – व्यवहारिक संस्कृतछात्र बाजार में खरीदारी के लिए संस्कृत में बात कर सकेंगे
2आज्ञार्थक (लोट् लकार) का परिचयछात्र आज्ञा और प्रार्थना के लिए लोट् लकार का प्रयोग कर सकेंगे
3लोट् लकार के रूप – पठतु, पठताम्, पठन्तुछात्र लोट् लकार के रूप बना सकेंगे
4सामान एवं उनके मूल्यछात्र सामानों के नाम संस्कृत में जान सकेंगे
5सब्जियाँ और मसालों के नाम – मुद्रः, शर्करा, गुङः, द्विदलम्, सर्षपःछात्र विभिन्न वस्तुओं के नाम जान सकेंगे
6संख्या 1-500 का ज्ञानछात्र बड़ी संख्याओं को पढ़ और लिख सकेंगे
7सुभाषितों में लोट् लकारछात्र सुभाषितों में प्रयुक्त लोट् लकार को पहचान सकेंगे
8सड़क नियमों का ज्ञानछात्र सड़क नियमों को संस्कृत में जान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: बाजार की वस्तुओं के चित्र, रोल-प्ले सेटअप


पाठ 11: पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1सुभाषितों का पठन एवं भावार्थछात्र 7 सुभाषितों को पढ़, समझ और स्मरण कर सकेंगे
2तीन रत्न – जलम्, अन्नम्, सुभाषितम्छात्र जीवन में जल, अन्न और सुवचन के महत्व को समझ सकेंगे
3‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भावछात्र विश्वबंधुत्व के भाव को समझ सकेंगे
4उद्यम एवं परिश्रम का महत्वछात्र परिश्रम की आवश्यकता समझ सकेंगे
5विद्या से सुख तक का क्रमछात्र विद्या → विनय → पात्रता → धन → धर्म → सुख को समझ सकेंगे
6‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’छात्र मातृभूमि के प्रति प्रेम को समझ सकेंगे
7प्रथमा विभक्ति – लिंगानुसार शब्दों की पहचानछात्र प्रथमा विभक्ति के पुंलिग, स्त्रीलिग, नपुंसकलिग शब्दों को पहचान सकेंगे
8ग्रंथों का परिचय – चाणक्यनीति, मनुस्मृति, पंचतंत्र, हितोपदेशछात्र प्रमुख संस्कृत ग्रंथों को जान सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: सुभाषित चार्ट, सचित्र पोस्टर


पाठ 12: आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1कथा-पठन – भिक्षुक और धनिकछात्र कथा को पढ़ और समझ सकेंगे
2आलस्य और उद्यम का विरोधछात्र आलस्य के दोष और उद्यम के गुण को समझ सकेंगे
3द्वितीया विभक्ति (कर्म कारक) का परिचयछात्र द्वितीया विभक्ति रूपों का प्रयोग कर सकेंगे
4द्वितीया विभक्ति – पुंलिग, स्त्रीलिग, नपुंसकलिग रूपछात्र विभिन्न लिंगों में द्वितीया विभक्ति रूप बना सकेंगे
5एकवचन से बहुवचन में परिवर्तनछात्र वाक्यों में वचन परिवर्तन कर सकेंगे
6सर्वनामों की द्वितीया विभक्ति – माम्, त्वाम्, तम्छात्र सर्वनामों का प्रयोग कर्म कारक में कर सकेंगे
7क्रियापदों की पहचानछात्र क्रियापदों को पहचान सकेंगे
8भाषा क्रीड़ा – कर्म कारकछात्र खेल-खेल में कर्म कारक सीख सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: कथा चित्र, कार्ड्स, कर्म कारक चार्ट


पाठ 13: सङ्ख्यागणना ननु सरला

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1संख्या 1-50 का पठन एवं लेखनछात्र 1-50 संख्याओं को संस्कृत में पढ़ और लिख सकेंगे
2संख्यागीत का गायनछात्र संख्यागीत गा सकेंगे और संख्याओं को याद कर सकेंगे
31-50 के बीच संख्याओं का प्रयोगछात्र वाक्यों में संख्याओं का प्रयोग कर सकेंगे
4संख्या-प्रसिद्धः – एक ब्रह्म, द्वै अयने, त्रीणि वचनानि, चत्वारि युगानिछात्र संख्याओं के सांस्कृतिक महत्व को समझ सकेंगे
5पंच, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश की विशेषताछात्र 5,6,7,8,9,10 से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जान सकेंगे
6चित्रों में संख्याएँ पहचाननाछात्र चित्रों में संख्याओं को पहचान सकेंगे
7उपस्थिति पंजिका में संख्याएँ पढ़नाछात्र उपस्थिति पंजिका को पढ़ सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: संख्या चार्ट, संख्यागीत, चित्र


पाठ 14: माधवस्य प्रियम् अङ्गम्

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1शरीर के अंगों के नाम – नयनम्, कर्णः, मुखम्, पादः, हस्तः, उदरम्छात्र शरीर के अंगों को संस्कृत में पहचान सकेंगे
2कथा पठन – अंगों की चर्चाछात्र कथा पढ़ और उसका अर्थ समझ सकेंगे
3प्रत्येक अंग का कार्यछात्र अंगों के कार्यों को संस्कृत में बता सकेंगे
4शरीर के अंगों की संख्याछात्र अंगों की संख्या बता सकेंगे
5नाट्याभिनय – अंगों का संवादछात्र संवादों का अभिनय कर सकेंगे
6मधुराष्टकम् का पठनछात्र मधुराष्टकम् का एक भाग पढ़ सकेंगे और समझ सकेंगे
7‘सर्वाङ्गानि श्रेष्ठानि’ – सभी अंगों की उपयोगिताछात्र सभी अंगों के सामूहिक महत्व को समझ सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: शरीर का चित्र, अंगों के नाम चार्ट


पाठ 15: वृक्षाः सत्पुरुषाः इव

कालखंड: 4-5 सत्र

अध्यापन बिंदु:

क्रमअध्यापन बिंदुसीखने के प्रत्याशित परिणाम
1सुभाषितों का पठन एवं भावार्थछात्र 5 सुभाषितों को पढ़, समझ और स्मरण कर सकेंगे
2वृक्ष और सत्पुरुष की समानताछात्र वृक्षों के परोपकारी गुणों को समझ सकेंगे
3परोपकार का महत्व – वृक्ष, नदी, गाय, शरीरछात्र परोपकार के विभिन्न रूपों को समझ सकेंगे
4नए शब्द – आतपः, परार्थाय, सत्पुरुषाः, वापी, हृदः, द्रुमःछात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे
5वृक्षों से मिलने वाली वस्तुएँ – पुष्पम्, पत्रम्, फलम्, छाया, मूलम्, वल्कलम्, दारुछात्र वृक्षों के उपयोगों को जान सकेंगे
6‘वृक्षाः सत्पुरुषाः इव’ – उपमा की समझछात्र उपमा अलंकार को समझ सकेंगे
7विभक्तियों की पहचानछात्र विभिन्न विभक्तियों को पहचान सकेंगे
8प्रहेलिका – ‘वृक्षाग्रवासी…’छात्र प्रहेलिका को हल कर सकेंगे
9पर्यावरण संरक्षण का संदेशछात्र वृक्षों के संरक्षण का महत्व समझ सकेंगे

शिक्षण सहायक सामग्री: वृक्षों के चित्र, पर्यावरण पोस्टर, सुभाषित चार्ट


सारांश – वार्षिक अधिगम उद्देश्य

क्षेत्रसीखने के परिणाम
शब्दावलीलगभग 400-500 संस्कृत शब्दों का ज्ञान
व्याकरणलिंग, वचन, पुरुष, तीन काल, तीन विभक्तियाँ
लेखनवर्णमाला, शब्द, वाक्य लेखन
पठनसरल गद्यांश, सुभाषित, गीत का पठन
संवादपरिचय, दिनचर्या, बाजार आदि विषयों पर संवाद
सांस्कृतिकसंस्कृत साहित्य, परंपरा, मूल्यों का ज्ञान
मूल्यशिष्टाचार, देशभक्ति, परोपकार, पर्यावरण संरक्षण

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