Charcha Patra [चर्चा पत्र दिसम्बर 2023]

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charcha patra : हर माह में शाला में विभिन्न गतिविधियाँ होते रहते हैं । तो उन सब कार्यक्रमों, गतिविधियों व शाला संबंधी योजनाओं को चर्चा पत्र पर जगह दिया जाता है | Edudepart.com द्वारा चर्चा पत्र का विश्लेष्ण कर आसान तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है । जिससे कि विभाग के हर गतिविधि से हर कोई अपडेट रहें । तो देखें और अपने आपको Update रखें।

पोस्ट विवरण

चर्चा पत्र दिसम्बर 2023 में क्या है खास ?

[charcha patra december]

चर्चा-पत्र Charcha Patra December
चर्चा-पत्र Charcha Patra December

FLN में दिए गए प्रावधान अनुसार प्रत्येक बच्चे को अपने कक्षा स्तर की न्यूनतम बुनियादी साक्षरता एवं गणितीय कौशल की समझ विकसित करना हम सभी की जवाबदेही है

इसी मूल मंत्र को ध्यान में रख कर हमारे राज्य के बहुत से शिक्षक अन्य की अपेक्षा अलग कार्य कर रहें । इस माह के चर्चा पत्र में ऐसे शिक्षकों के प्रयास एवं उनकी शिक्षण तकनीकी को स्थान दिया गया है, और इन शिक्षण अधिगम के माध्यम से हम भी अपनी शालाओं में FLN के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बेहतर कार्य कर सकते हैं ।

एजेंडा 1. कहानी से भाषा शिक्षण

कहानी उत्सव का आयोजन

charcha patra december में स्थानीय लोक कहानी को बढ़ावा देने एवं शाला में कहानी संग्राहालय बनाने हेतु एक कार्यक्रम चला सकते हैं । प्रत्येक शनिवार को अपने शाला में बुजुर्ग को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ की स्थानीय विलुप्त होती लोक कहानियों पर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। इस प्रयास से शाला में बच्चो की नियमित उपस्थिति में जरुर सुधार होगी। ऐसे ही कहानी उत्सव के माध्यम से बच्चों को FLN में दक्ष बना सकते हैं।

बिग बुक से भाषा सिखाना

बिग बुक यानी अधिगम को बड़े रुप में प्रस्तुत करना । जैसे किसी विषय वस्तु कविता कहानियों को ड्राईंग सिट पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखकर समझाने से वे जल्दी व सहज ढंग से पढ़ना सिख सकते हैं।

स्थानीय भाषा में शिक्षण

जब शाला के बच्चों की बोल चाल की भाषा व स्कूल की भाषा में भिन्नता हो तो शिक्षक व बच्चों को अध्ययन अध्यापन कराने में बहुत कठिनाई होती है। ऐसे बच्चों को स्थानीय बोली में उनके स्तर अनुसार पढ़ाने पर उनकी उपस्थिति व दक्षता में सुधार संभव हैं।

एजेंडा 2. स्थानीय संसाधनों का उपयोग

स्थानीय संसाधन से शिक्षण

charcha patra december में सीखने के लिए सम्पूर्ण संसाधनों का होना जरूरी नही बल्कि जितने अपने पास हैं वही पर्याप्त हैं। बच्चों में प्रतिभा जन्म जात होती है। बस आवश्यकता है उसे पहचान कर सीखने का अवसर देने की। हमें प्रकृति ने सीखने के लिए संसाधन व अवसर दिया है। बच्चों को उनके परिवेश की चीजें की सहायता से सिखाकर FLN के लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं।

एजेंडा 3. प्रतियोगिता आधारित शिक्षण

मौखिक गणित पर नवाचार, बुझो अंक ज्ञान,बनो बुद्धिमान

charcha patra december मे मौखिक गतिविधि बच्चों में अंक ज्ञान के साथ साथ सोचने समझाने तर्क करने की क्षमता में वृद्धि होती है | बच्चों की झिझक कम होती है शिक्षक से वार्तालाप होने से एक प्रखर वक्ता बनते हैं उनका मनोबल व आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे बच्चे गणित के साथ अन्य विषय को बहुत ही सहज ढंग से सीख सकते हैं |

एजेंडा 4. LOS सीखने के प्रतिफल आधारित शिक्षण

गणित के LOS पर फोकस

charcha patra december में हमारे व्यवहारिक जीवन सुबह उठने से लेकर रात्रि में सोने तक के सम्पूर्ण समय में बच्चे गणितीय क्रियायों से गुजरते रहते है | हम व्यवहारिक ज्ञान को गणित में स्थान दे कर गणित विषय की डर दूर सरल रूप में गतिविधि करके गणित सीखा सकते हैं। हम अपनी कक्षा में गणित विषय के सीखने के प्रतिफल LOS को ध्यान में रख कर काम करें तो निश्चित ही हमको सफलता मिलेगी |

हथेली पर मेहंदी से भाषा

हाथ की मेहंदी को निकले में अधिक समय लगता है इस कारण बच्चे बहुत दिनों तक उसे दोहरते हैं अपने सहपाठियों के अलावा अपने परिवार के सदस्यों के साथ चर्चा करते हैं इससे उनकी समझ बनती है व कमजोर बच्चों को भाषा गणित सिखाकर FLN में दक्ष बन बना सकते हैं।

एजेंडा 5. अभिनय आधारित शिक्षण

कठपुतली शिक्षण

charcha patra december में बच्चों का संगीत के प्रति रुची होना स्वाभाविक है। इन्ही रूचि को ध्यान में रख कर कठपुतली प्रदर्शन द्वारा बच्चों से संवाद कर उन्हें आपस में चर्चा करने, उन्हें अपने विचार रखने, प्रश्नों के उत्तर देने के अवसर दे सकतें हैं। क्योंकि मनोरंजक शिक्षण विधि से बच्चों की उपस्थिति नियमित रहती है उनकी एकाग्रता शक्ति भी बढ़ती है। इस तरह से भाषा व गणित सिखा कर FLN के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

खिलौना संग्रहालय

खिलौने का उपयोग भाषा एवं गणित शिक्षण में कर सकते हैं । खिलौने से बच्चों को सीखने का अवसर मिलता है शाला में बच्चे स्वयं खिलौना निकाल कर खेलते सीखते हैं । बच्चों की सबसे अधिक रुचि खेलने में होती है अध्यापन में खिलौना का उपयोग करने से बच्चों को सिखाने में आसानी होती है।

मुखौटा से भाषा सिखाना

पाठ के एवं बच्चों के पसंद के कार्टून पात्र का मुखौटा बनाकर अभिनय के साथ पढ़ा सकते हैं बच्चों को अभिनय कराने का अवसर दे सकते है। इस तरह से गतिविधि करने से बच्चे स्वयं किसी भी कार्य को कराने के लिए आगे आते है आपसी विचार विमर्श से उनमें तर्क करने, सोचने, समझने, सुनाने, बोलने की क्षमता का विकास होता है। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता एवं पढ़ने में रूचि लेते हैं ।

एजेंडा 6. त्रिभाषा का बेहतर उपयोग

त्रिभाषा शिक्षण की तकनीक

charcha patra december में स्थानीय भाषा के साथ स्कूल की भाषा फिर अंग्रेजी के किट की सहायता से त्रिभाषा तकनीक का उपयोग कर पाठ्य पुस्तक में दिए शब्दों को तोड़ तोड़ कर पढ़ा सकते हैं | इससे अंग्रेजी विषय की झिझक दूर होगी व नई राष्ट्रीय शिक्षा निति की त्रिभाषीय फार्मूला को अपने शाला में लागु कर बच्चों को निपुण बना सकते हैं ।

एजेंडा 7. समुदाय के साथ बेहतर तालमेल

समुदाय के सहयोग से कार्य

charcha patra december में शाला में पालक,महिला, युवा,एवं बुजुर्गों की समिति बनाकर लोगों को शाला से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का कार्य कर बच्चों की नियमित उपस्थिति, उनकी पढ़ाई की जाँच, सप्ताहिक बैठक से कार्ययोजना बना कर निपुण भारत के लक्ष्य को पूरा कराने का कार्य किया जा सकता है।

एक्टिव लर्निंग ग्रुप

बच्चों के पालकों के साथ साथ ग्राम की महिलाओं से चर्चा कर एक्टिव लर्निंग ग्रुप बना सकते है। ग्राम की महिलाओं को अँगना म शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ कर बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देने हेतु मेला आयोजन कर बच्चों के नियमित उपस्थित के साथ साथ उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता पर सुधार किया जा सकता है |

एजेंडा 8. खेल खेल में गणित

करके सीखो भाषा गणित

charcha patra december में किसी भी विषय को जानने समझने और अनुकरण की प्रवृत्ति बच्चों में बहुत अधिक होती है वे अपने परिवेश की हर चीजों, घटनाओं को बहुत ही बारीकी से आबजर्व करते हुए सीखते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रख कर बच्चों को भाषा व गणित में निपुण कर सकते है।

खेल गणित

बच्चों को सीधा गणित सिखाने से उन्हें बोझिल लगता है गणित के प्रति बचपन से ही उनके मन में भय रहता है कि यह कठिन विषय है इसे दूर भगाने के लिए स्थानीय खेल को जोड़ कर अंक गणित, आकृतियों की पहचान, गिनतारा का उपयोग कर जोड़ घटाव जैसे सृजनात्मक रचनात्मक खेल की सहायता से गीत सिखा सकते हैं । बच्चे भी मनोरंजक खेलों के माध्यम से बहुत जल्दी खेल खेल में गणित सिखते हैं ।

एजेंडा 9. खुला पुस्तकालय

धाराप्रवाह पठन हेतु खुला पुस्तकालय

बच्चों को रोज एक एक किताब देकर उनके साथ किताब पढ़ सकते हैं, उस पर चर्चा कर सकते हैं। इससे बच्चों में पठन कौशल, मौखिक अभिव्यक्ति, शब्द भंडार में वृद्धि होती है। बच्चे किताबों की दुनिया से जुड़े रहते हैं तो उनमें धाराप्रवाह पठन कौशल के साथ ही FLN का लक्ष्य प्राप्त कर सकतें है।

एजेंडा 10. लेखन अभ्यास हेतु कार्य

स्लेट पेन्सिल से हैंडराइटिंग सुधार

लेखनअभ्यास में कमी होने के कारण अधिकांश बच्चों की हैंडराइटिंग खराब होती है । इस हेतु शाला के दीवार को बच्चों के पहुंच तक ग्रीन बोर्ड का स्वरुप देकर बच्चों को चित्रकारी हेतु चाक प्रदान कर बच्चों को स्लेट में लिखने जैसे अवसर दे सकते हैं। बच्चों की लिखावट की जांच के साथ साथ आवश्यक सुधार के लिये प्रयास कर सकते हैं |

मुद्दे की बात :-

  1. FLN के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षक अपने स्तर पर प्रयास कर सकता है ।
  2. अपने संकुल में FLN के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये विभिन्न कार्ययोजना बना सकते हैं ।
  3. आपके संकुल में बेहतर कार्य कर रहे शिक्षकों की अगुवाई से अपने संकुल को बेहतर बना सकते हैं ।

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