स्कूल मर्ज और प्रभारी: HM नहीं है तो वरिष्ठतम शिक्षक या PS HM?
शिक्षा विभाग में आए दिन विद्यालयों के मर्ज के आदेश जारी होते रहते हैं। कई बार प्राथमिक विद्यालय (PS) को मिडिल स्कूल (MS) में मर्ज कर दिया जाता है। मर्ज के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि शाला का प्रभारी कौन होगा?
खासकर ऐसी स्थिति में जब:
- PS का MS में मर्ज हो चुका है,
- MS में HM का पद रिक्त है,
- शाला में केवल 3 शिक्षक पदस्थ हैं,
- और PS में HM मौजूद है।
तो क्या PS के HM स्वतः पूरी शाला के प्रभारी बन जाएंगे, या फिर उपलब्ध 3 शिक्षकों में से वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा? आइए इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

सबसे पहले जानें सामान्य नियम
शिक्षा विभाग के सामान्य प्रावधानों के अनुसार, जिस विद्यालय में नियमित प्रधानाध्यापक (HM) पदस्थ नहीं होता, वहाँ वरिष्ठतम शिक्षक को शाला का प्रभारी बनाया जाता है। इसे प्रभारी प्रधानाध्यापक, इंचार्ज HM या हैंड टीचर कहा जाता है।
लेकिन यह नियम हर राज्य में एक जैसा नहीं है। कई राज्यों में जिला वरिष्ठता सूची से प्रभारी नियुक्ति की जाती है, तो कई राज्यों में विद्यालय स्तर की वरिष्ठता सूची देखी जाती है।
PS HM की भूमिका क्या होगी?
यह मान लेना गलत होगा कि PS में HM होने के कारण वह स्वतः MS का भी प्रभारी बन जाएगा। इसके लिए कई बातें देखी जाती हैं:
- वरिष्ठता सूची: PS HM और MS के शिक्षकों में कौन वरिष्ठ है।
- वरिष्ठ शिक्षक किसे माना जाएगा: जिला एवं राज्य की वरिष्ठता सूची में जिसका नाम वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर है वह वरिष्ठ शिक्षक माना जाएगा ।
- कैडर: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के HM का कैडर अलग हो सकता है।
- विभागीय आदेश: मर्ज के समय जारी आदेश में क्या कहा गया है।
- छात्र संख्या: कुछ राज्यों में छात्र संख्या के आधार पर प्रभारी तय होता है।
- जिला/राज्य के नियम: हर राज्य के शिक्षा विभाग के अपने परिपत्र होते हैं।
इसलिए, PS HM के होने का मतलब यह नहीं कि वह हर हाल में पूरी मर्ज शाला का प्रभारी बनेगा।
3 शिक्षक पदस्थ हैं, तो प्रभारी कौन?
अगर MS में HM नहीं है और शाला में 3 शिक्षक पदस्थ हैं, तो सामान्यतः उन 3 शिक्षकों में से सबसे वरिष्ठ शिक्षक को शाला का प्रभारी बनाया जाएगा।
लेकिन अगर PS के HM भी उसी मर्ज शाला में सेवारत हैं और वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर हैं, तो विभागीय आदेश के आधार पर उन्हें प्रभारी बनाया जा सकता है।
दूसरे शब्दों में:
- वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी बनाया जा सकता है।
- PS HM को भी प्रभारी बनाया जा सकता है, लेकिन केवल तभी जब वे वरिष्ठता और विभागीय नियमों में खरे उतरते हों।
- स्वतः कोई अधिकार नहीं मिलता।
राज्यवार स्थिति
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग के नवीनतम शासनादेश और न्यायिक स्पष्टीकरण के अनुसार, जिन विद्यालयों में HM का पद रिक्त है, वहाँ जिला वरिष्ठता सूची से प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त किए जाने की बात कही गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी कुछ मामलों में स्पष्ट किया है कि प्रभारी नियुक्ति जिला स्तरीय वरिष्ठता सूची से होनी चाहिए।
हालांकि, छात्र संख्या 100 से कम या अधिक होने पर अलग-अलग प्रावधान भी देखने को मिलते हैं। इसलिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी ताजा आदेश देखना जरूरी है।
बिहार
बिहार शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, जिन मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदस्थापित नहीं हैं, वहाँ वरीय शिक्षक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाता है। यह व्यवस्था बबन प्रसाद सिंह बनाम बिहार सरकार मामले में आए न्यायादेश के आलोक में लागू की गई है। ऐसे प्रभारी शिक्षक को अतिरिक्त वेतन या मानदेय नहीं दिया जाता।
अन्य राज्य
मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में भी शिक्षा विभाग के अपने-अपने परिपत्र हैं। कहीं विद्यालय स्तर की वरिष्ठता देखी जाती है, तो कहीं ब्लॉक या जिला स्तर की। इसलिए राज्य के नियम जरूर देखें।
प्रभारी तय करते समय ये बातें जरूर देखें
| बिंदु | क्या देखें |
|---|---|
| वरिष्ठता सूची | विद्यालय या जिला स्तर की सूची |
| सेवा काल | नियुक्ति तिथि और कुल सेवा |
| PS HM की स्थिति | कैडर, वरिष्ठता और आदेश |
| छात्र संख्या | राज्य के नियमानुसार |
| विभागीय आदेश | जिला/राज्य का ताजा परिपत्र |
| लिखित जिम्मेदारी | प्रभार आदेश लिखित में लें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या PS के HM स्वतः MS के प्रभारी बन जाएंगे?
नहीं। यह वरिष्ठता, कैडर और विभागीय आदेश पर निर्भर करता है।
2. MS में HM नहीं है और 3 शिक्षक पदस्थ हैं, तो प्रभारी कौन होगा?
सामान्यतः उन 3 शिक्षकों में से सबसे वरिष्ठ शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा।
3. क्या प्रभारी को अतिरिक्त भत्ता मिलता है?
यह राज्य और विभागीय नियमों पर निर्भर करता है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त इंसेंटिव मिलता है, तो कुछ में नहीं।
4. अगर वरिष्ठतम शिक्षक अवकाश पर हैं?
ऐसी स्थिति में अगले वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभार दिया जा सकता है।
5. क्या मौखिक आदेश से प्रभारी बनाया जा सकता है?
बेहतर होगा कि प्रभार आदेश लिखित में लिया जाए, ताकि भविष्य में विवाद न हो।
निष्कर्ष
अगर प्राथमिक विद्यालय मिडिल स्कूल में मर्ज हो चुका है, MS में HM नहीं है और 3 शिक्षक पदस्थ हैं, तो सामान्यतः वरिष्ठतम शिक्षक को शाला का प्रभारी बनाया जाएगा। PS में HM होने का मतलब यह नहीं कि वह स्वतः पूरी शाला का प्रभारी बन जाएगा। प्रभारी नियुक्ति के लिए वरिष्ठता सूची, विभागीय आदेश और राज्य के नियम निर्णायक होते हैं।
इसलिए किसी भी विद्यालय में प्रभारी तय करने से पहले संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी, बीईओ या बीएसए कार्यालय से ताजा और लिखित आदेश अवश्य लें।
संदर्भ:
- उत्तर प्रदेश शासनादेश दिनांक 14 अक्टूबर 2025 (प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्ति संबंधी)
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय का प्रभारी प्रधानाध्यापक से संबंधित न्यायिक स्पष्टीकरण
- बिहार शिक्षा विभाग का निर्देश (बबन प्रसाद सिंह बनाम बिहार सरकार)
- संबंधित राज्यों के शिक्षा विभाग के परिपत्र एवं शासनादेश
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यह कानूनी या प्रशासनिक सलाह नहीं है। प्रभारी नियुक्ति के लिए अपने राज्य/जिले के शिक्षा विभाग के नवीनतम आदेश और परिपत्र देखें।


शाला में वरिष्ठतम शिक्षक को ही प्रधानपाठक की अनुपस्थिति में प्रभार दिया जा सकता है क्योंकि शाला में सबसे पहले कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षक ही शाला में वरिष्ठ होते है।
लेकिन पदोन्नति विभागीय होती है इसलिए इसमें वरिष्ठता विभागीय होना चाहिए ,अर्थात जिस स्तर पर नियुक्ति की गई है उस स्तर पर वरिष्ठता प्रभावित होती है।
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