प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM पोषण) योजना

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM पोषण) योजना, जिसे पहले मिड-डे मील (Mid-Day Meal) के नाम से जाना जाता था, स्कूली बच्चों के पोषण स्तर और नामांकन को सुधारने के लिए केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है。यह योजना देश भर के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी पात्र बच्चों को मुफ्त, गर्म पका हुआ भोजन प्रदान करती है。

योजना के मुख्य उद्देश्य

  • कुपोषण मिटाना: स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन देकर उनके पोषण के स्तर में सुधार करना。
  • नामांकन और उपस्थिति: वंचित वर्गों के गरीब बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करना और स्कूल छोड़ने (Drop-out) की दर को कम करना。
  • शैक्षणिक ध्यान: भूखे पेट स्कूल आने वाले बच्चों को कक्षा की गतिविधियों में बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद करना。

किसे मिलता है लाभ?

  • सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, स्थानीय निकाय विद्यालयों, विशेष प्रशिक्षण केंद्रों (STC), और मदरसों व मकतबों में पढ़ने वाले बच्चे。
  • कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के छात्र और कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के छात्र
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस योजना का विस्तार प्री-प्राइमरी/बालवाटिका (3 से 5 वर्ष की आयु वर्ग) के बच्चों तक भी किया गया है。

प्रावधान एवं पोषण मानक

प्रति बच्चे, प्रति विद्यालय दिवस के हिसाब से भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा तय की गई है:

  • प्राथमिक (कक्षा 1-5): 100 ग्राम खाद्यान्न (न्यूनतम 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन)।
  • उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8): 150 ग्राम खाद्यान्न (न्यूनतम 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन)।
  • अतिरिक्त पोषण: आकांक्षी (Aspirational) जिलों और एनीमिया (खून की कमी) से प्रभावित क्षेत्रों में दूध और अंडे जैसी अतिरिक्त सामग्री भी शामिल की जाती है。

योजना का क्रियान्वयन

  • खाद्यान्न आपूर्ति: खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से गेहूं (₹2/किग्रा) और चावल (₹3/किग्रा) जैसी दर पर उपलब्ध कराया जाता है。
  • सामग्री की लागत (Cooking Cost): भोजन पकाने की लागत (दालें, सब्जियां, तेल, मसाले, ईंधन) केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा साझा की जाती है।
  • Tithi Bhojan: सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए त्योहारों या विशेष अवसरों पर समुदाय द्वारा बच्चों को विशेष भोजन (तिथि भोजन) उपलब्ध कराने की अनूठी पहल भी शामिल है。
  • सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit): पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर राज्य में प्रत्येक स्कूल का अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण किया जाता है。

योजना के संबंध में अधिक विस्तृत दिशा-निर्देश और जानकारी शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक पीएम पोषण शक्ति निर्माण (PM-POSHAN) वेबसाइट या माय स्कीम पोर्टल पर देखी जा सकती है。

📊 पोषण और खाद्य मानक (प्रति बच्चा, प्रति दिन)

  • प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5): 450 कैलोरी, 12 ग्राम प्रोटीन, 100 ग्राम खाद्यान्न, 20 ग्राम दाल, 50 ग्राम सब्जी और 5 ग्राम तेल/वसा।
  • उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8): 700 कैलोरी, 20 ग्राम प्रोटीन, 150 ग्राम खाद्यान्न, 30 ग्राम दाल, 75 ग्राम सब्जी और 7.5 ग्राम तेल/वसा।

💰 प्रमुख वित्तीय और परिचालन प्रावधान

  • खाद्यान्न दर (NFSA के तहत): मोटा अनाज ₹1/किग्रा, गेहूं ₹2/किग्रा और चावल ₹3/किग्रा।
  • रसोइयों का मानदेय: ₹2000 प्रति माह (वर्ष में 10 महीने के लिए)।
  • किचन-कम-स्टोर (रसोईघर): 100 छात्रों तक के लिए 20 वर्ग मीटर जगह। प्रत्येक अतिरिक्त 100 छात्रों पर 4 वर्ग मीटर अतिरिक्त जगह। 10 साल पुराने किचन की मरम्मत के लिए ₹10,000 प्रति यूनिट।
  • बालवाटिका का समावेशन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब कक्षा 1 से पहले की प्रारंभिक कक्षाओं (बालवाटिका) के बच्चों को भी इसमें शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM-POSHAN) योजना (पूर्व में मध्याह्न भोजन योजना / Mid-Day Meal Scheme) के अंतर्गत भोजन पकाने की लागत (Cooking Cost / Material Cost) को सरकार द्वारा खाद्य मुद्रास्फीति (महंगाई) के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है।

नवीनतम संशोधनों के अनुसार, प्रति छात्र प्रति दिन भोजन पकाने की निर्धारित दरें निम्नलिखित हैं:

संशोधित भोजन पकाने की लागत (Cooking Cost)

इस लागत के तहत मुख्य रूप से दालें, सब्जियां, तेल, मसाले और ईंधन (LPG आदि) शामिल होते हैं (इसमें खाद्यान्न और परिवहन की लागत शामिल नहीं है):

कक्षा समूह (Class Group)प्रति छात्र प्रति दिन लागत (Cooking Cost)
बालवाटिका और प्राथमिक कक्षाएं (Balvatika & Primary: कक्षा 1 से 5)₹6.78
उच्च प्राथमिक कक्षाएं (Upper Primary: कक्षा 6 से 8)₹10.17

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