क्रमोन्नत वेतनमान / समयमान वेतनमान कब और कैसे मिलता है? [When and how to get promoted pay scale / 3rd time scale pay scale?]

प्रमुख बिंदु:-

    क्रमोन्नत वेतनमान / समयमान वेतनमान कब और कैसे मिलता है?

    पंचायत संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन शिक्षा विभाग में 01-07-2018 को हुआ है। संविलियन के बाद पंचायत संवर्ग के शिक्षकों के लिये संविलियन आदेश जारी कर अलग कैडर एल.बी.-संवर्ग में रखा गया है। साथ ही कहा गया कि पंचायत संवर्ग के शिक्षकों का शिक्षा विभाग में नयी नियुक्ति 01 जुलाई 2018 को माना जायेगा और पंचायत विभाग के किसी भी प्रकार का एरियर्स या सिनियर्टी से वेतन का लाभ देय नहीं होगा। केवल LPC के आधार पर इंक्रीमेंट देय होगा। जिसका निर्धारण 2018 में किया गया।

    अब बात आती है क्रमोन्नति की तो हम अब पुर्ण रुप से शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं तो उनके समस्त लाभ व समस्त नियम हम पर भी लागू होंगे। क्रमोन्नति का प्रावधान पंचायत विभाग में तो नहीं था पर शिक्षा विभाग में है तो यह लाभ नियमित शिक्षकों के समान हमको भी मिलेंगे । इस पोस्ट में हम क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान के प्रावधानों के बारे में जानेंगे।

    क्रमोन्नत वेतनमान /समयमान वेतनमान क्या है :-

    क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान तब दिया जाता जब कर्मचारी की आवश्यक योग्यता होने पर भी पदोन्नति प्राप्त नहीं होता। तो उनके लिए क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान का प्रावधान किया गया है। इसमें कर्मचारी का वेतनमान अगले पद का मिलता है लेकिन वह उसी पद में रहता है।

    क्रमोन्नति वेतनमान का समयमान वेतनमान के रुप में संशोधन :-

    राज्य की सिविल सेवा के सदस्यों को सेवा में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से दिनाँक 28-04-2008 को क्रमोन्नति योजना का संशोधित करते हुए समयमान वेतन उपलब्ध कराने की योजना लागू किया गया । और यह संशोधन 01 अप्रैल 2006 से प्रभावशील हुआ तथा स्पष्ट किया गया कि इस योजना के अलावा पृथक से कोई विशिष्ट योजना प्रभावशील नहीं होगा ।

    क्रमोन्नत वेतनमान का समयमान वेतनमान योजना में संशोधन संबंधी आदेश दिनाँक 28-04-2008👇

    समयमान वेतनमान का निर्धारण :-

    • समयमान वेतनमान योजना के अंतर्गत सिविल सेवा के जिन संवर्गों में सीधी भर्ती या संवर्गीय पदोन्नति होती है, उन सेवा में नियुक्ति के पश्चात 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर समयमान वेतनमान उपलब्ध होगा ।
    • इस योजना के अंतर्गत निर्धारित शर्तों के अधीन उच्चतर वेतनमान की पात्रता उन शासकीय सेवकों को भी होगी जिन्हें प्रारंभिक नियुक्ति के पद से एक, दो अथवा दो से अधिक पदोन्नति का लाभ प्राप्त हो चुका है।
    • समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्त करने के लिये आवश्यक योग्यता पूर्ण करना होगा जो पदोन्नति के लिये निर्धारित है।
    • समयमान वेतनमान से वेतनवृद्धि की तिथि पूर्ववत् ही रहेगी ।
    • यदि इस योजना के अंतर्गत प्रथम उच्चतर वेतनमान में नियुक्त रहते हुये कोई शासकीय सेवक उसी वेतनमान में पदोन्नति का लाभ प्राप्त करता है तो उसके द्वितीय उच्चतर वेतनमान की पात्रता की गणना प्रथम उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने की तिथि से की जावेगी।
    • इस योजना के अंतर्गत उच्चतर वेतनमान का लाभ लेने के पश्चात यदि कोई कर्मचारी बाद में नियमित पदोन्नति स्वीकार करने से इंकार करता है तो उसे पूर्व से स्वीकृत उच्चतर वेतनमान का लाभ वापिस नहीं लिया जायेगा, परन्तु बाद में उसे किसी अन्य उच्चतर वेतनमान की पात्रता नहीं होगी ।

    प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान का विभागवार व संवर्गवार वेतनमान निर्धारण संबंधी आदेश दिनाँक 04-10-2010👇

    समयमान वेतनमान निर्धारण मार्गदर्शन आदेश :-

    • किसी शिक्षक की नियुक्ति सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति से होती है तो उसे सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति की तिथि से नियुक्त माना जाकर समयमान वेतनमान की पात्रता होगी ।
    • यदि समान वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होता है तो पूर्व की सेवा अवधि उक्त संविलियन के पद पर समयमान वेतन की गणना हेतु शामिल किया जाएगा ।
    • यदि उच्च वेतनमान के पद पर संविलियन होता है तो उक्त उच्च पद पर समयमान वेतन की गणना हेतु पूर्व पद की सेवा अवधि शामिल नहीं की जाएगी, किन्तु यदि संविलियन के पूर्व पद में समयमान वेतन की पात्रता आती है तो उसे इसका लाभ प्राप्त होगा ।
    • यदि निम्न वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होता है तो उक्त पद पर समयमान वेतन की गणना हेतु पूर्व पद की सेवा अवधि ऐसा मानते हुये शामिल किया जाएगा जैसे कि संविलियन के पूर्व के पद पर उसकी नियुक्ति संविलियन के उपरांत धारित पद के वेतनमान पर हुई थी
    • सीधी भर्ती के आधार पर की गई नियुक्ति का पद समयमान वेतन की गणना नियुक्ति हुई है जो समयमान हेतु मान्य हेतु प्रथम नियुक्ति का पद माना जावेगा ।

    समयमान की गणना के लिये विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार समयमान वेतनमान का निर्धारण व देय लाभ संबंधी आदेश दिनाँक 10-08-2009👇

    तृतीय समयमान वेतनमान के लागू करने संबंधी :-

    • राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि शासकीय सेवकों को उनके पूर्ण शासकीय सेवाकाल में न्यूनतम तीन उच्च वेतनमान उपलब्ध कराया जाए। और इस समयमान योजना को विस्तारित करते हुए तृतीय समयमान वेतन प्रभावशील होगा ।
    • जिसके तहत शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति दिनांक से 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर तीसरा समयमान वेतनमान देय होगा।
    • शासकीय सेवक की तीसरे समयमान वेतनमान के लिये सेवा अवधि की गणना प्रतियोगी / चयन परीक्षा के माध्यम से किसी सीधी भर्ती के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से होगी।
    • राज्य शासन के ऐसे संवर्ग के शासकीय सेवक जिन्हें विशिष्ट योजनान्तर्गत समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्त है, को भी 30 वर्ष की सेवा के उपरांत तृतीय समयमान वेतनमान की पात्रता होगी ।
    • राज्य शासन के ऐसे कर्मचारियों को जिनके मूल पद के वेतनमान का उन्नयन दिनांक 1.4.2006 एवं इसके पश्चात् किया गया है, की तृतीय समयमान वेतन की पात्रता के लिए संशोधित वेतनमान में पूर्व नियुक्ति तिथि से काल्पनिक नियुक्ति मानी जाएगी।

    तृतीय समयमान वेतनमान लागू होने संबंधी आदेश दिनाँक 08-08-2018 👇

    तृतीय समयमान वेतनमान की पात्रता संबंधी :-

    तृतीय समयमान वेतनमान लागू करने संबंधी आदेश दिनांक 08.08.2018 में संशोधन कर शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति दिनांक से 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर तृतीय समयमान वेतनमान की पात्रता दिनांक 01.01.2016 को अथवा इसके पश्चात् होगी। शासकीय सेवक की तीसरे समयमान वेतनमान के लिए सेवा अवधि की गणना चयन / प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किसी सीधी भर्ती के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से होगी।

    तृतीय समयमान वेतनमान का क्रियान्वयन 01-01-2016 से करने संबंधी संशोधित आदेश दिनाँक 25-01-2021👇

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