Charcha Patra 2025 : FLN व दक्षता विकाश संबंध में पढ़े विस्तार से….
एजेंडा एकः सबको प्रवेश- क्या आपका गाँव शून्य ड्रॉप आउट गाँव है?
- स्कूलों एवं छात्रावासों का बेहतर एवं प्रभावी उपयोग हेतु पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध हों।
- हमारे आसपास शाला में ऐसे बच्चे जिनके शाला त्याग की संभावना है, उनके पालकों से संपर्क कर उनके बच्चों का प्रवेश ऐसे छात्रावासों में करवाने में सहयोग कर सकते हैं।
- NEP 2020 में हमें शाला त्याग की समस्या को जल्दी से जल्दी जड़ से समाप्त करना है।
एजेंडा दोः स्कूल कैसे शाला त्याग को रोक सकते हैं ?
- एक अच्छे शिक्षक होने के नाते हम बच्चों के शाला त्याग के कारणों की पड़ताल करें।
- स्कूल से जुड़े कुछ कारण इस प्रकार से हो सकते हैं:-
- कक्षाओं का नियमित रूप से नहीं लगना-
- खाली पीरियड
- पढाई को रोचक तरीके से करवाने में असमर्थता
- स्कूल में साथियों के साथ गलत संगत में पड जाना
- स्कूल की भाषा का घर की भाषा से अलग होना
- शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ भेदभाव
- बच्चों को शाला में प्रताड़ित महसूस होना
एजेंडा तीनः स्कूल रेडीनेस कार्यक्रमः शाला के लिए तैयारी
- प्रत्येक प्राथमिक शाला में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए इस वर्ष 90 दिनों का अर्थात तीन माह का स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम संचालित किया जाना है। इस हेतु
- तीन माह की अवधि के दौरान बच्चों से अभ्यास पुस्तिकाओं पर नियमित रूप से काम करवाएं।
- उनके लेखन कौशल के विकास हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर उँगलियों की पेशियों में मजबूती प्रदान करे।
एजेंडा चारः सौ दिन सौ कहानियाँ
- नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग कर अपने पठन कौशल का विकास किया गया एवं पढ़कर समझने के कौशल, पढने के स्पीड में भी बहुत बढ़ोत्तरी बच्चों में स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस वर्ष भी संकुल की सभी प्राथमिक उच्च प्राथमिक शालाओं में सौ दिन सौ कहानी कार्यक्रम को नियमित रूप से संचालित करें जिससे
- बच्चों के पठन कौशल का विकास किया जा सकेगा।
- समय समय पर स्पीड रीडिंग का आयोजन कर समय में हो रही वृद्धि को देखें।
एजेंडा पांचः विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय इतिहास लेखन
- NEP 2020 Task # 207: कक्षा 1 से 12वीं में एक अनुभवात्मक गतिविधि के रूप में छात्रों द्वारा स्थानीय क्षेत्र और स्कूल के इतिहास का मानचित्रण लेखन रणनीतिक योजना और सुदृढ़ीकरण का क्रियान्वयन करना।
एजेंडा छहः शाला संकुल की अवधारणा को लागू करना
- ऐसे हाई या हायर सेकन्डरी स्कूल हैं जिन्हें शाला संकुल के रूप में चिह्नांकित कर उनके क्षेत्र के बालवाडी से लेकर उच्च प्राथमिक स्कूल तक के स्कूल हैं।
- अपने शाला को अपने संकुल में एक आदर्श शाला के रूप में विकसित करना।
- इस प्रकार से एक सिस्टम विकसित करना होगा:-
- जिले के समस्त शाला संकुलों का एक सोशियल मीडिया समूह बनाकर योजनाओं का विवरण साझा किया जाए।
- संकुल के भीतर की सभी शालाओं, आंगनबाडी, बालवाडी का एक समूह बना लें जिसमें वे विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए निर्देश, फीडबेक एवं फोलो अप ले सके।
- संकुल स्रोत्त समन्वयक शाला संकुल प्राचार्य के माध्यम से इस योजना को अपने शाला संकुल की सभी शालाओं के समूह में प्रेषित करें।
- संकुल समन्वयक संकुल की शालाओं के भ्रमण के दौरान शालाओं में योजना क्रियान्वयन में आवश्यक समर्थन दें।
- प्राचार्य, शाला संकुल अपने शाला के विषय शिक्षकों को संकुल की शालाओं को गोद लेने हेतु प्रेरित करें ।
एजेंडा सातः राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरुप कौशल विकास
- इस बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा को समय की मांग अनुरुप प्रधानता दी गयी है।
- मिडिल स्तर से ही बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा से परिचय दिए जाने हेतु बस्ताविहीन कक्षाओं का आयोजन किया जाता है।
- प्रत्येक जिले से प्रति वर्ष 30 मिडिल स्कूलों का चयन कर उनमें व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत किसी एक व्यवसाय का चयन कर उस व्यवसाय में किसी स्थानीय कुशल व्यक्ति का चयन कर उनके माध्यम से बच्चों में उस चयनित कौशल से परिचित करवाते हुए अभ्यास करवाया जाता है।
- इसके बाद उस कौशल से संबंधित क्षेत्र के अध्ययन हेतु एक्सपोजर भ्रमण का आयोजन होता है।
- अंत में बच्चों द्वारा बनाई गयी सामग्री या विकसित कौशल का समुदाय के मध्य प्रदर्शन किया जाता है।
एजेंडा आठ: स्कूलों में एलुमनी समूह बनाकर उन्हें जोड़ना
- इस सत्र में हम सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भूतपूर्व विद्यार्थियों को ढूंढकर उनका एक एलुमनी समूह बना लेना चाहिए। जिसके तहत-
- स्कूलों में एक एक बच्चे के लिए ट्यूटरिंग, साक्षरता शिक्षण और अन्य मदद हेतु अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करना,
- शिक्षकों को शिक्षण में मार्गदर्शन और मदद उपलब्ध कराना,
- विद्यार्थियों को व्यवसाय संबंधी मार्गदर्शन देना,
- प्रौढ शिक्षा केन्द्रों में प्रौढ साक्षरता में सहयोग करना;
- सहयोग के क्षेत्रों में NEP के अनुसार बच्चों के लिए विशेष कोचिंग,
- साक्षरता की कक्षाओं का संचालन,
- FLN के लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति हेतु आवश्यक समर्थन,
- शिक्षकों को बेहतर शिक्षण देने हेतु क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग,
- विद्यार्थियों को विभिन्न रोजगार के क्षेत्रों एवं व्यवसायों की जानकारी देना,
एजेंडा नौ: FLN के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समेकित प्रयास
- NEP 2020 के अनुसार FLN के तहत सभी बच्चों में मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशल विकसित हो जाने चाहिए।
- इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षकों का क्षमता विकास, विभिन्न खिलौने, पठन सामग्री, अभ्यास पुस्तिकाएँ. स्थानीय भाषा में कहानियाँ जैसे बहुत से संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं।
- कक्षा 1 से 3 तक के लिए निर्धारित दक्षताओं को प्राप्त करने का लक्ष्य बनाएं।
- बच्चे एक दूसरे से सीख सकें इस हेतु जोड़ी में सीखने (Peer learning) का अभ्यास करवाएं।
- बच्चों को पठन सामग्री एवं अभ्यास पुस्तिकाओं पर नियमित कार्य करने का अवसर प्रदान करें।
- प्रत्येक बच्चे को मुस्कान पुस्तकालय से प्रतिदिन कम से कम एक पुस्तक पढने का अवसर देवें।
- कुछ बोर्ड गेम को भी खेलने का अवसर देवें।
- रोज गणित के कुछ सवालों पर काम करने का अवसर दें ।
- शाला में बच्चों के सहयोग से मासिक दीवार पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ करें।
एजेंडा दसः थोडा चिंतन कर लें, चिंतनशील शिक्षक बने !
- चर्चा पत्र के माध्यम से अपने कार्यक्षेत्र में करने हेतु कुछ छोट छोटे सुझाव देते रहते हैं ।
- चर्चा पत्र के माध्यम से कुछ नवाचारी शिक्षकों द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा करते रहते हैं।
- हम सब शिक्षकों से विभाग की यह अपेक्षा रहती है कि हम इनमें से कुछ बिन्दुओं को अपनाने का प्रयास करेंगे ।
- लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्लान करेंगे तो हमको यह लक्ष्य आसन लगने लगेगा।
Charcha Patra

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सभी एजेंडा बहुत सराहनी है लेकिन प्राइमरी की शिक्षकों के पास उनको अपने शाला में अध्यापन कराने अन्य गतिविधि करने के लिए समय नहीं मिल पा रहा है क्योंकि उनके पास इतने अतिरिक्त काम हो चुका है कि क्या करें क्या ना करें क्योंकि इसी उलझन शिक्षक फंसा हुआ है। सादर निवेदन कि शिक्षकों को पढ़ने हेतु बच्चों के साथ गतिविधि करने के लिए मिले हुए सामग्री का सदुपयोग करने के लिए भरपूर समय दिया जाए एवं अन्य कार्यक्रम से प्राइमरी के शिक्षकों को मुक्त रखा जाए।