गतिविधि दिवस की गतिविधियाँ : छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सत्र सत्र 2026-27 में माह के प्रत्येक शनिवार को होगा बस्ता विहीन होगा । इस दिन बच्चे बिना बस्ते के विद्यालय आएंगे। इसका तात्पर्य कदापि यह नहीं है कि इस दिन कोई पढ़ाई नहीं होगी बल्कि इस दिन सीखने सिखाने का अंदाज रोचक एवं नवाचारी गतिविधियों से भरपूर होगा।
पोस्ट विवरण
शासकीय प्राथमिक शाला की गतिविधियां
01.शारीरिक शिक्षा (खेल योग) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
कक्षा 1ली व 2री-
विश्व जनसंख्या दिवस–
- शिक्षक बच्चों को बताऐं कि विश्व जनसंख्या दिवस प्रतिवर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है।
- बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण भोजन, आवास, पानी आदि कम हो रही है।
- शिक्षक बच्चों से उनके परिवार के बारे में बातचीत करें।
- संयुक्त परिवार, एकल परिवार के बारे में बताएँ।
Activity –
- शिक्षक कागज से दो रोटियों की आकृतियाँ बनाएँ।
- एक रोटी कक्षा के 10 बच्चों में बाँट दे व दूसरी रोटी को 2 बच्चों में बाँटे।
- अब उनसे पूछें कि किसको रोटी का बड़ा टुकड़ा मिला है और किसको छोटा।
- बच्चों से पूछे कि रोटी का छोटा टुकड़ा मिलने से क्या होगा और बड़ा टुकड़ा मिलने से क्या होगा?
- इस तरह बच्चों को जनसंख्या वृद्धि के परिणामों के बारे में बताएं।
- बच्चें अपने परिवार का चित्र बनाएँ और चित्र के माध्यम से अपने परिवार के बारे एक या दो वाक्य लिखकर प्रस्तुत करें।
- अपने परिवार का वंश वृक्ष बनाकर प्रस्तुत करें
कक्षा 3री से 5वीं –
रथ यात्रा –
- रथ यात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है।
- इस दिन बलभद्र उनकी बहन सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है।
- भगवान अपने गर्भ गृह से निकलकर प्रजा के सुख-दुख को देखने के लिय स्वयं रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं।
- भक्तों द्वारा इनके रथों को खीचकर पूरे शहर की सड़कों पर ले जाया जाता हैं ताकि प्रत्येक व्यक्ति उनका आशीर्वाद ले सकें ।
- भगवान बलभद्र, सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का पृथक-पृथक रथ होता है।
- भगवान बलभद्र के रथ में 16 पहिये, भगवान जगन्नाथ के रथ में 18 पहिये और सुभद्रा के रथ में 14 पहिये होते हैं।
आओ रथ बनाएं Activity –
- सामग्री-
- चार्ट पेपर एवं रंगीन कागज-
- बतंलवदे
- स्केल
- गोंद
- खाली बॉक्स
- सुतली
- टेप एवं डबल साइड टेप
- खिलौने वाले कार
रथ यात्रा संबंधी प्रश्न –
- क्या तुमने रथ यात्रा देखी है ?
- रथ यात्रा में क्या किया जाता है ?
- इस दिन प्रसाद के रूप में क्या दिया जाता है ?
- बनाएं गए रथों का बच्चों द्वाराप्रदर्शन करें ?
दिए गए लिंक के आधार पर रथ बनाइये –
02.कला शिक्षा(बाँसुरी) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
हमारा राष्ट्रगान-
- भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” है।
- इसे नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा मूल रूप से बंगाली भाषा में लिखा गया था।
- भारत की संविधान सभा द्वारा इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था।
- राष्ट्रगान के पूर्ण संस्करण को गाने की अवधि लगभग 52 सेकंड होती है।
- इसके गायन के दौरान राष्ट्रगान का पूरा सम्मान करना अनिवार्य है।
वस्तुओं की व्यवस्था-
- बच्चों में संज्ञानात्मक विकास (कोग्निटिव स्किल), समस्या समाधान, और स्थानिक जागरूकता (Spatial awareness) को बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी होती है।
- यह गतिविधि ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने की क्षमता और रचनात्मकता को विकसित करने में मदद करती है।
वस्तुओं की व्यवस्था संबंधी प्रमुख गतिविधियाँ:
- आकार और क्रम के अनुसार जमाना (Seriation) –
- इसमें बच्चों को अलग-अलग आकार की वस्तुएं (जैसे – छोटी, मध्यम और बड़ी) दी जाती हैं।
- बच्चे उन्हें छोटे से बड़े या बड़े से छोटे क्रम में व्यवस्थित करते हैं।
- यह गतिविधि लंबाई, ऊंचाई और आयतन की समझ विकसित करती है।
- रंग और पैटर्न बनाना (Patterning)
- इस गतिविधि में, बच्चों को रंगीन मोतियों, ब्लॉकों या कार्डों को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित करने को कहा जाता है (उदाहरण: लाल, नीला, लाल, नीला)।
- यह बच्चों की तार्किक क्षमता और पूर्वानुमान लगाने की क्षमता को बढ़ाता है।
- गुणों के आधार पर वर्गीकरण (Sorting by attributes)
- बच्चों को विभिन्न प्रकार की वस्तुएं (जैसे – प्लास्टिक की गेंदें, लकड़ी के ब्लॉक, धातु के चम्मच आदि) दी जाती हैं।
- उन्हें पदार्थों के गुण (जैसे – कठोरता, पारदर्शिता, या पानी में तैरना/डूबना) के आधार पर वस्तुओं को अलग-अलग समूहों में छांटकर व्यवस्थित करना होता है।
- डायोरोमा और दृश्य निर्माण (Diorama making)
- बच्चों को अलग-अलग बनाई गई कलाकृतियों या वस्तुओं (जैसे – जानवरों, पेड़ों या वाद्ययंत्रों के मॉडल) को एक गत्ते के डिब्बे में इस तरह व्यवस्थित करना होता है, जो एक असली दृश्य (Foreground, Middle ground, और Background) की तरह लगे।
- इससे स्थानिक व्यवस्था और कलात्मक कौशल का विकास होता है।
03.बागवानी / हाउस कीपिंग / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
बागवानी–
- बागवानी घर और बगीचे को स्वच्छ, हरा-भरा और व्यवस्थित रखने के बेहतरीन तरीके हैं। इन गतिविधियों से न केवल पर्यावरण सुंदर बनता है, बल्कि शारीरिक व्यायाम और मानसिक शांति भी मिलती है। यहाँ कुछ प्रमुख गतिविधियाँ और सुझाव दिए गए हैं:
- 🌿 बागवानी (Gardening)
- धूप की जांच (Sun): पौधों के लिए कम से कम 2 से 4 घंटे की धूप बहुत आवश्यक है।
- मिट्टी का मिश्रण (Soil Preparation): गमलों या क्यारियों के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें नमी बनाए रखने की क्षमता और कार्बनिक पोषक तत्व हों।
- मौसम के अनुसार पौधे (Season): अपने क्षेत्र की जलवायु और मौसम के अनुसार ही फल, फूल या सब्जियां चुनें।
- खरपतवार निकालना: नियमित रूप से अवांछित पौधों (खरपतवार) को हटाते रहें।
- बच्चों की गतिविधियाँ: घर के बच्चों को भी बीजों की बुवाई, पौधों को पानी देने और छोटे बगीचे के डिज़ाइन बनाने जैसे कामों में शामिल करें।
हाउसकीपिंग –
- हाउसकीपिंग केवल झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी स्थान (घर, कार्यालय, होटल या अस्पताल) को स्वच्छ, सुरक्षित, और व्यवस्थित रखने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यक्षमता को बढ़ाना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
- हाउसकीपिंग गतिविधियों को मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
- १. दैनिक हाउसकीपिंग गतिविधियाँ (Daily Activities)
- यह वे काम हैं जो हर दिन किए जाते हैं ताकि जगह साफ और आकर्षक दिखे:
- धूल साफ करना (Dusting): फर्नीचर, खिड़कियों और सतहों से धूल पोंछना।
- झाड़ू और पोछा (Sweeping and Mopping): फर्श को साफ और कीटाणुरहित रखना।
- कचरा प्रबंधन (Waste Management): डस्टबिन को खाली करना और कचरे का सही तरीके से निपटान करना।
- बाथरूम की सफाई: शौचालय, वॉशबेसिन और यूरिनल की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन।
- व्यवस्था (Tidying up): इस्तेमाल की गई चीजों को उनके निर्धारित स्थान पर रखना।
उच्च शासकीय प्राथमिक शाला की गतिविधियां
कक्षा 6वीं से 8वीं–
01.साप्ताहिक खेल (खेल यात्रा) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
रथ यात्रा –
- रथ यात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है।
- इस दिन बलभद्र उनकी बहन सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है।
- भगवान अपने गर्भ गृह से निकलकर प्रजा के सुख-दुख को देखने के लिय स्वयं रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं।
- भक्तों द्वारा इनके रथों को खीचकर पूरे शहर की सड़कों पर ले जाया जाता हैं ताकि प्रत्येक व्यक्ति उनका आशीर्वाद ले सकें ।
- भगवान बलभद्र, सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का पृथक-पृथक रथ होता है।
- भगवान बलभद्र के रथ में 16 पहिये, भगवान जगन्नाथ के रथ में 18 पहिये और सुभद्रा के रथ में 14 पहिये होते हैं।
आओ रथ बनाएं Activity –
- सामग्री-
- चार्ट पेपर एवं रंगीन कागज-
- बतंलवदे
- स्केल
- गोंद
- खाली बॉक्स
- सुतली
- टेप एवं डबल साइड टेप
- खिलौने वाले कार
रथ यात्रा संबंधी प्रश्न –
- क्या तुमने रथ यात्रा देखी है ?
- रथ यात्रा में क्या किया जाता है ?
- इस दिन प्रसाद के रूप में क्या दिया जाता है ?
- बनाएं गए रथों का बच्चों द्वाराप्रदर्शन करें ?
02.कला शिक्षा (कृति) / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
संगीत: 6. संगीत एवं भाव (गतिविधि 3, 4),
संगीत एवं भावउद्देश्य – संगीत के किसी अंश को सुनकर यह समझना कि वे किस प्रकार मनोदशा और भावना को प्रभावित करते ह ैं और संगीत के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओ का प्रकट करना रना सीखना ।
गतिविधि ३ सुनिए और अनुभव कीजिए –
- प्रातः से साय काल तक हम विभिन्न प्रकार के संगीत से घिरे रहते हैं।
- जब हम विभिन्न प्रकार की संगीत ध्वनियाँ सुनते हैं, तो हमारे मन में क्या भावनाएँ आती हैं?
- शहनाई, नागस्वरम्, ढोल, डमरू, इडाइक्का की ध्वनि या किसी मधुर गीत की ध्वनि को याद कीजिए।
- इनकी मधुरता को सुनते समय हम क्या अनुभव करते हैं?
- क्या वे हमें प्रसन्न करते हैं, आपको नृत्य करने के लिए प्रेरित करते हैं, शांति की भावना पैदा करते हैं, जिसका आप एकांत में आनंद लेना चाहते हैं, या क्या वे आपको साथ में गाने के लिए विवश करते हैं?
- इन मधुर ध्वनियों को सुनकर आपके जीवन में भाव आते हैं, उन्हें भावनाएँ कहा जाता है। भावना सभी मनुष्यों में निहित एक प्राकृतिक गुण है।
- ऐसे ही कुछ वाद्ययंत्र सुनकर भी ऐसा ही अनुभव करें।
- इन सांगीतिक अंशों को सुनते समय आपको क्या अनुभव हुआ, अपनी भावनाएँ
- जिस तरह आप अपने कंठ की ध्वनि से किसी भावना को अभिव्यक्त कर सकते हैं- जैसे कि खुशी, उदासी, प्रबल और मृदु, ठीक उसी प्रकार एक वाद्ययंत्र भी किसी भी भाव को अभिव्यक्त करने में सक्षम होता है।
- हम भारत में प्रचलित अन्य वाद्ययंत्रों को भी सुनने का प्रयास करें ।
- उदाहरण के लिए, बाँसुरी, सितार, शहनाई, तबला आदि और इन सभी वाद्ययंत्रों की विशेष ध्वनि को समझने का प्रयास कीजिए और साथ ही यह भी समझें कि किस प्रकार भिन्न-भिन्न ध्वनियों के माध्यम से भिन्न-भिन्न भावनाओं का जन्म होता है।
गतिविधि 4-
- हम चित्र बनाने के लिए रंगीन पेंसिल, कलम या रंगों का भी प्रयोग कर सकते हैं।
- चित्र को एक शीर्षक दीजिए।
03.व्यावसायिक शिक्षा / गतिविधि दिवस की गतिविधियां
बैंक का भ्रमण {जुलाई -2026}
गतिविधि के प्रकार – क्षेत्र भ्रमण एवं संवाद
अवधि – 3 से 4 घण्टे
कौशल – अवलोकन, तार्किक चिंतन, कम्यूनिकेशन, कौशल
लर्निंग आउटकम्स
- बैंक में होने वाले विभिन्न लेन-देन की गतिविधियों को समझ पाएँगे।
- विभिन्न खातों के प्रकार व उनकी कार्य प्रणाली को समझ पाएंगे।
प्रक्रिया
- बैंक मैनेजर से अनुमति लेकर बैंक का भ्रमण करें।
- बैंक से संबंधित अधिकारी / कर्मचारी से बैंक की कार्य प्रणाली जैसे-बचत खाता कैसे खोलते हैं, पैसेकैसे निकालते हैं? इस पर जानकारी प्राप्त करेंगे एवं चेक बुक, जमा पर्ची और निकासी पर्ची, बैंकड्राफ्ट आदि फार्मों का अवलोकन करेंगे और उसको भरकर देखेंगे।
- खाता खोलने के लिए किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
- इंटरनेट बैंकिंग को समझ सकेंगे।
आकलन
- शिक्षक बच्चों द्वारा बैंक से संबंधित भरी गई पर्चियों को देखें।
- बच्चों की बैंक भ्रमण की रिपोर्ट का अवलोकन करें।
कैरियर के अवसर
- बैंक का कर्मचारी, च्वाइस सेंटर
04.गतिविधि दिवस की गतिविधियां / बागवानी / हाउस कीपिंग / गीत/ संगीत/ खेल
बागवानी–
- बागवानी घर और बगीचे को स्वच्छ, हरा-भरा और व्यवस्थित रखने के बेहतरीन तरीके हैं। इन गतिविधियों से न केवल पर्यावरण सुंदर बनता है, बल्कि शारीरिक व्यायाम और मानसिक शांति भी मिलती है। यहाँ कुछ प्रमुख गतिविधियाँ और सुझाव दिए गए हैं:
- 🌿 बागवानी (Gardening)
- धूप की जांच (Sun): पौधों के लिए कम से कम 2 से 4 घंटे की धूप बहुत आवश्यक है।
- मिट्टी का मिश्रण (Soil Preparation): गमलों या क्यारियों के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें नमी बनाए रखने की क्षमता और कार्बनिक पोषक तत्व हों।
- मौसम के अनुसार पौधे (Season): अपने क्षेत्र की जलवायु और मौसम के अनुसार ही फल, फूल या सब्जियां चुनें।
- खरपतवार निकालना: नियमित रूप से अवांछित पौधों (खरपतवार) को हटाते रहें।
- बच्चों की गतिविधियाँ: घर के बच्चों को भी बीजों की बुवाई, पौधों को पानी देने और छोटे बगीचे के डिज़ाइन बनाने जैसे कामों में शामिल करें।
हाउसकीपिंग –
- हाउसकीपिंग केवल झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी स्थान (घर, कार्यालय, होटल या अस्पताल) को स्वच्छ, सुरक्षित, और व्यवस्थित रखने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यक्षमता को बढ़ाना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
- हाउसकीपिंग गतिविधियों को मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
- १. दैनिक हाउसकीपिंग गतिविधियाँ (Daily Activities)
- यह वे काम हैं जो हर दिन किए जाते हैं ताकि जगह साफ और आकर्षक दिखे:
- धूल साफ करना (Dusting): फर्नीचर, खिड़कियों और सतहों से धूल पोंछना।
- झाड़ू और पोछा (Sweeping and Mopping): फर्श को साफ और कीटाणुरहित रखना।
- कचरा प्रबंधन (Waste Management): डस्टबिन को खाली करना और कचरे का सही तरीके से निपटान करना।
- बाथरूम की सफाई: शौचालय, वॉशबेसिन और यूरिनल की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन।
- व्यवस्था (Tidying up): इस्तेमाल की गई चीजों को उनके निर्धारित स्थान पर रखना।
अन्य गतिविधि में गीत/ संगीत/ खेल शामिल करें…..
Bagless Day Activities
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