ULLAS योजना 2026: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम क्या है? शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक, शिक्षार्थी, पात्रता, पंजीयन, FLNAT और पूरी जानकारी

भारत में शिक्षा को केवल बच्चों तक सीमित न रखते हुए उन युवाओं और वयस्कों तक पहुंचाने के लिए भी कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाया। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ULLAS – Nav Bharat Saaksharta Karyakram लागू किया गया है।

ULLAS योजना 2026: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम क्या है? शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक, शिक्षार्थी, पात्रता, पंजीयन, FLNAT और पूरी जानकारी

ULLAS का पूरा नाम है:

Understanding of Lifelong Learning for All in Society

इसे New India Literacy Programme (NILP) या नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के नाम से भी जाना जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति को पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं है, बल्कि उसे संख्या ज्ञान, डिजिटल जानकारी, वित्तीय समझ, स्वास्थ्य, कानूनी जागरूकता, रोजगार से जुड़े कौशल और निरंतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

इस योजना का मूल संदेश है:

“जन जन साक्षर”

यह कार्यक्रम NEP 2020 की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है और 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन गैर-साक्षर लोगों पर केंद्रित है जिन्हें उचित स्कूली शिक्षा का अवसर नहीं मिल सका।

ULLAS योजना क्या है?

ULLAS भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के Department of School Education & Literacy द्वारा संचालित एक Centrally Sponsored Scheme है।

इस योजना का कार्यान्वयन FY 2022-23 से FY 2026-27 की अवधि में किया जा रहा है।

योजना का व्यापक लक्ष्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। Foundational Literacy and Numeracy के लिए पांच वर्षों में 5 करोड़ learners तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया था, यानी लगभग 1 करोड़ learners प्रति वर्ष

योजना के लिए स्वीकृत वित्तीय परिव्यय ₹1,037.90 करोड़ है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी शामिल है।

ULLAS का उद्देश्य क्या है?

सरल शब्दों में ULLAS का उद्देश्य है:

जो व्यक्ति औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गया है, उसे पढ़ने-लिखने और गणना की बुनियादी क्षमता देने के साथ-साथ उसे दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना।

इसलिए ULLAS को केवल Adult Literacy Programme समझना सही नहीं होगा।

यह एक व्यापक Education for All और Lifelong Learning Programme है।

योजना के अंतर्गत literacy के साथ-साथ:

  • Financial Literacy
  • Digital Literacy
  • Legal Literacy
  • Health Awareness
  • Child Care
  • Family Welfare
  • Vocational Skills
  • Basic Education
  • Continuing Education

पर भी ध्यान दिया जाता है।

ULLAS किन लोगों के लिए है?

ULLAS का प्रमुख target group है:

15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर व्यक्ति

इसमें ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने:

  • स्कूल जाना शुरू नहीं किया,
  • बीच में पढ़ाई छोड़ दी,
  • किसी कारण से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके,
  • पढ़ना-लिखना और बुनियादी गणना नहीं सीखी।

योजना का उद्देश्य इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और जीवन में आवश्यक शिक्षा एवं कौशल प्रदान करना है।

ULLAS और Adult Education में क्या अंतर है?

यह एक महत्वपूर्ण बात है जिसे शिक्षक अपने विद्यार्थियों और समुदाय को समझा सकते हैं।

पहले सरकारी योजनाओं में Adult Education शब्द का अधिक प्रयोग होता था। NEP 2020 के संदर्भ में इसे व्यापक रूप से “Education for All” के रूप में देखा गया है।

ULLAS में केवल अक्षर ज्ञान या हस्ताक्षर करना सिखाना उद्देश्य नहीं है।

यह व्यक्ति को:

पढ़ना + लिखना + गणना + डिजिटल समझ + वित्तीय समझ + जीवन कौशल + रोजगार कौशल + आगे सीखने के अवसर

से जोड़ने का प्रयास करता है।

NCERT के अनुसार ULLAS के अंतर्गत Foundational Literacy and Numeracy तथा Critical Life Skills के लिए विभिन्न learning resources विकसित किए गए हैं।

ULLAS के 5 प्रमुख Components

ULLAS योजना को पांच प्रमुख components में समझा जा सकता है।

1. Foundational Literacy and Numeracy — FLN

यह ULLAS का सबसे बुनियादी हिस्सा है।

इसमें व्यक्ति को:

  • पढ़ना
  • लिखना
  • समझना
  • बुनियादी गणना करना

सिखाया जाता है।

लेकिन इसका उद्देश्य केवल अक्षर पहचानना नहीं है। व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में literacy और numeracy का उपयोग कर सके, यह अधिक महत्वपूर्ण है।

2. Critical Life Skills

दूसरा महत्वपूर्ण component है Critical Life Skills

इसमें दैनिक जीवन के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार की जानकारी और कौशल शामिल हैं।

जैसे:

Financial Literacy

  • पैसे की समझ
  • बैंकिंग से जुड़ी जानकारी
  • लेन-देन की समझ

Digital Literacy

  • मोबाइल का उपयोग
  • डिजिटल सेवाओं का उपयोग
  • ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करना
  • डिजिटल भुगतान जैसी आवश्यक गतिविधियों की समझ

Legal Literacy

  • अपने मूल अधिकारों और आवश्यक कानूनी जानकारी की समझ

Health Awareness

  • स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
  • स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता

Child Care and Education

  • बच्चों की देखभाल
  • बच्चों की शिक्षा

Family Welfare

  • परिवार कल्याण से संबंधित जानकारी

इसके अलावा environmental awareness, disaster management और commercial skills जैसे विषय भी critical life skills के दायरे में आते हैं।

3. Basic Education

ULLAS का तीसरा component है Basic Education

इसमें उन learners को आगे की शिक्षा के समकक्ष स्तर से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

इसके अंतर्गत broadly:

  • Preparatory Stage — Classes III–V
  • Middle Stage — Classes VI–VIII
  • Secondary Stage — Classes IX–XII

की equivalency का प्रावधान है।

इस component के implementation में NIOS/SIOS की भूमिका है।

इसका मतलब यह है कि कोई learner केवल साक्षर होकर रुक न जाए, बल्कि आगे भी शिक्षा प्राप्त करने का रास्ता अपना सके।

4. Vocational Skills

ULLAS में शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

Vocational Skills Development के माध्यम से neo-literates को:

  • स्थानीय रोजगार प्राप्त करने,
  • skill development,
  • reskilling,
  • upskilling

के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

इस component को विभिन्न Ministries/Departments के साथ convergence के माध्यम से लागू करने की व्यवस्था है।

शिक्षक के लिए इसका महत्व

यदि कोई learner पढ़ना-लिखना सीखने के बाद कोई skill सीखना चाहता है, तो ULLAS का उद्देश्य उसे केवल literacy तक सीमित नहीं रखना, बल्कि आगे skill और livelihood opportunities से जोड़ना भी है।

5. Continuing Education

पांचवां component है:

Continuing Education / Lifelong Learning

इसमें learner अपनी रुचि के अनुसार लगातार सीखता रह सकता है।

इसके अंतर्गत:

  • Arts
  • Science
  • Technology
  • Culture
  • Sports
  • Recreation
  • Hobby
  • Craft
  • अन्य रुचि आधारित विषय

शामिल हो सकते हैं।

NCERT के अनुसार Continuing Education का उद्देश्य learners को जीवन के किसी भी चरण में अपनी रुचि के विषयों में ज्ञान और कौशल हासिल करने की flexibility देना है।

ULLAS में शिक्षक की भूमिका क्या है?

यह भाग शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

ULLAS की सफलता केवल सरकारी विभागों से संभव नहीं है। इसका एक महत्वपूर्ण आधार है:

Volunteerism यानी स्वयंसेवा

योजना में volunteer teachers, students, educational institutions और community participation की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसलिए शिक्षक ULLAS में केवल “पढ़ाने वाले” व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे समुदाय को साक्षर बनाने वाले परिवर्तनकारी व्यक्ति बन सकते हैं।

Volunteer Teacher (VT) क्या है?

ULLAS में ऐसे व्यक्ति जो learners को शिक्षा देने में सहयोग करते हैं, उन्हें Volunteer Teacher (VT) के रूप में जोड़ा जाता है।

इनका काम केवल textbook पढ़ाना नहीं है।

Volunteer Teacher को learner की आवश्यकता के अनुसार:

  • पढ़ना
  • लिखना
  • numeracy
  • जीवन कौशल
  • डिजिटल जानकारी
  • दैनिक जीवन में literacy के प्रयोग

को समझाने में मदद करनी होती है।

योजना में volunteers के लिए training, orientation और workshops की व्यवस्था की जाती है।

कौन बन सकता है Volunteer Teacher?

ULLAS का आधार ही volunteerism है। इसमें community members के साथ-साथ विभिन्न educational institutions से जुड़े volunteers की भागीदारी का प्रावधान है।

विशेष रूप से:

  • School students
  • Higher Education Institutions के students
  • Teacher Education Institutions के students
  • Teachers
  • Community volunteers
  • अन्य इच्छुक स्वयंसेवी

इस अभियान में भाग ले सकते हैं।

Student Volunteers के लिए भी अवसर

योजना में student volunteers को उनके योगदान के लिए:

  • Certificates
  • Appreciation Letters
  • Felicitation
  • Educational Credits

जैसे प्रोत्साहन देने की व्यवस्था का उल्लेख है। UGC, AICTE और NCTE द्वारा संबंधित संस्थानों को ULLAS volunteering में सक्रिय students को credits देने के संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

ULLAS में School की भूमिका

ULLAS में School को implementation की महत्वपूर्ण unit माना गया है।

स्कूलों का उपयोग:

  • learners की पहचान/सर्वेक्षण,
  • volunteers की पहचान,
  • learning activities,
  • literacy centres,
  • assessment जैसी गतिविधियों

के लिए किया जा सकता है।

इसलिए स्कूल के शिक्षक समुदाय के गैर-साक्षर लोगों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Samajik Chetna Kendra क्या है?

ULLAS में स्थानीय स्तर पर learning के लिए Samajik Chetna Kendra की अवधारणा भी सामने आई है।

सरल शब्दों में इसे ऐसे learning/community centre के रूप में समझ सकते हैं जहां adult learners को सीखने का अवसर मिले।

2026-27 के सरकारी outcome framework में CSCs और schools को Samajik Chetna Kendras के रूप में उपयोग करने का लक्ष्य रखा गया है।

2026-27 के लिए ऐसे 4 लाख Samajik Chetna Kendras के उपयोग का लक्ष्य दर्ज है।

ULLAS Mobile App क्या है?

ULLAS को digital technology से भी जोड़ा गया है।

इसके लिए ULLAS Mobile App उपलब्ध है, जिसे National Informatics Centre (NIC) से संबंधित official platform के रूप में उपलब्ध कराया गया है।

ULLAS Mobile App – Google Play

App के माध्यम से learners और volunteers के registration तथा learning resources तक पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

ULLAS Portal पर Registration कैसे होता है?

Official ULLAS portal पर Registration of VT and Learner की सुविधा उपलब्ध है।

Portal पर registration प्रक्रिया broadly इस प्रकार दिखाई गई है:

Step 1

Begin Your Registration

Step 2

Find Your School

Step 3

Choose Your Role

Step 4

Complete Your Registration Details

ULLAS Registration & Tagging Portal

ULLAS में School कैसे खोजें?

Registration page पर school खोजने के लिए UDISE Code का विकल्प उपलब्ध है।

Official registration interface में:

  • UDISE Code
  • School Pincode

के आधार पर school search करने की सुविधा दिखाई देती है।

इसलिए शिक्षक/volunteer registration करते समय अपने school का सही UDISE Code जानना उपयोगी रहेगा।

ULLAS में Learner और Volunteer को Tag करना क्या है?

ULLAS portal में Tagging by Registered Volunteers की सुविधा भी दी गई है।

Official portal के अनुसार registered volunteer:

  1. अपने registered mobile number से login करता है।
  2. OTP से identity verify करता है।
  3. Untagged learners की list देख सकता है।
  4. संबंधित learner को tag कर सकता है।

यह सुविधा विशेष रूप से directly registered learners और registered volunteers के बीच mapping में उपयोगी है।

ULLAS में Digital Learning कैसे होता है?

ULLAS का implementation केवल offline classroom तक सीमित नहीं है।

योजना में hybrid mode का उपयोग किया जाता है।

अर्थात:

Online + Offline

दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Volunteers की training/orientation/workshops face-to-face mode में हो सकती हैं, जबकि learning resources को digital माध्यमों से उपलब्ध कराया जाता है।

ULLAS में DIKSHA की भूमिका

ULLAS के learning resources के लिए DIKSHA platform का भी उपयोग किया जाता है।

DIKSHA पर ULLAS के अंतर्गत:

  • Primers
  • Worksheets
  • Assessment Items
  • Test Papers
  • Audio Programmes
  • Video Programmes
  • Margdarshika for Volunteer Teachers
  • Learning Outcomes & Pedagogical Process
  • Interactive Programmes

जैसी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

DIKSHA – ULLAS Learning Resources

ULLAS Primer क्या है?

ULLAS Primer learners के लिए महत्वपूर्ण teaching-learning material है।

इसका उद्देश्य learner को उसकी भाषा और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से सीखने में मदद करना है।

NCERT के अनुसार ULLAS के लिए primer, worksheets, assessment items, videos और audio programmes सहित विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार की गई है।

इसलिए शिक्षक यदि ULLAS class लेते हैं तो केवल सामान्य school textbooks के बजाय उपलब्ध ULLAS-specific learning resources का उपयोग कर सकते हैं।

ULLAS में कितनी भाषाओं में सामग्री उपलब्ध है?

सरकारी जानकारी के अनुसार ULLAS Portal/Mobile App पर learners के लिए स्थानीय/क्षेत्रीय भाषाओं में learning content उपलब्ध कराने पर जोर है। PIB की जानकारी में ULLAS platform के लिए 22 भाषाओं में सामग्री का उल्लेख किया गया है।

इससे उन adult learners को काफी मदद मिलती है जो अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में सीखने में अधिक सहज महसूस करते हैं।

ULLAS में Assessment कैसे होता है?

ULLAS में Foundational Literacy and Numeracy की उपलब्धि को जांचने के लिए: FLNAT – Foundational Literacy and Numeracy Assessment Test आयोजित किया जाता है।

यह assessment मुख्य रूप से learner की:

  • Reading
  • Writing
  • Numeracy

skills को जांचता है।

एक official FLNAT आयोजन में तीनों क्षेत्रों के लिए 50-50 अंक, यानी कुल 150 अंक का assessment बताया गया था।

FLNAT कौन आयोजित करता है?

FLNAT के assessment और certification में National Institute of Open Schooling (NIOS) की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Official ULLAS records में NIOS द्वारा FLNAT results घोषित किए जाने के अनेक उदाहरण उपलब्ध हैं।

इसलिए शिक्षक के लिए यह समझना जरूरी है कि ULLAS की learning के बाद assessment और certification की प्रक्रिया भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

FLNAT पास करने के बाद क्या मिलता है?

FLNAT में सफल learners को literacy certificate दिए जाने की व्यवस्था है।

Official ULLAS portal पर certificate download की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां registered mobile number और FLNAT examination date के माध्यम से certificate प्राप्त किया जा सकता है।

ULLAS Certificate Download Portal

ULLAS Certificate क्यों महत्वपूर्ण है?

यह केवल एक certificate नहीं है।

यह learner के लिए:

  • आत्मविश्वास,
  • शिक्षा की उपलब्धि,
  • आगे सीखने की प्रेरणा,
  • basic literacy प्राप्त करने की पहचान

का माध्यम बन सकता है।

इसके बाद learner को Basic Education, Vocational Skills और Continuing Education जैसे आगे के अवसरों से जोड़ना ULLAS की व्यापक सोच का हिस्सा है।

ULLAS में शिक्षक के लिए Teaching Strategy कैसी होनी चाहिए?

ULLAS के adult learners बच्चों से अलग होते हैं।

इसलिए teacher को traditional school classroom की तरह केवल textbook-based teaching नहीं करनी चाहिए।

उदाहरण के लिए—

अगर learner को बैंक में काम करना है तो teaching में:

₹100 + ₹50 = ₹150

जैसी गणना के साथ बैंकिंग से जुड़े वास्तविक उदाहरण लिए जा सकते हैं।

यदि learner को मोबाइल इस्तेमाल करना है तो:

  • मोबाइल नंबर पढ़ना
  • OTP समझना
  • नाम पहचानना
  • SMS पढ़ना

जैसी activities कराई जा सकती हैं।

यदि learner बाजार जाता है तो:

  • कीमत पढ़ना
  • पैसे गिनना
  • छुट्टा समझना
  • बिल देखना

जैसी activities numeracy और literacy दोनों को मजबूत करती हैं।

यही ULLAS की खासियत है—

सीखना सीधे जीवन से जुड़ा हुआ हो।

Teacher के लिए ULLAS का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत

एक adult learner से यह कहना:

“तुम्हें यह नहीं आता।”

उसकी motivation कम कर सकता है।

इसके बजाय teacher को कहना चाहिए:

“आप यह कर सकते हैं, चलिए इसे साथ में सीखते हैं।”

ULLAS में community participation और volunteerism को महत्व दिया गया है। इसलिए learning का वातावरण सम्मानजनक, सहज और learner-centric होना अत्यंत जरूरी है।

2026-27 में ULLAS के महत्वपूर्ण सरकारी लक्ष्य

2026-27 के Ministry of Education के Outcome/Output framework में ULLAS के लिए कुछ महत्वपूर्ण targets निर्धारित किए गए हैं।

संकेतक2026-27 लक्ष्य
Enrolled Learners1.25 करोड़
Female Learners65%
Active Literacy Centres वाले Districts650
ULLAS content access45 लाख
Samajik Chetna Kendras के रूप में CSCs/Schools4 लाख
FLN learning 200 hours पूरा करने वाले enrolled learners80%
Registered Volunteer Teachers/Literacy Workers5 लाख
Average learners per Volunteer Teacher10
FLNAT के लिए उपस्थित learners80%
Current FY में full literacy प्राप्त करने वाले States/UTs10

ये 2026-27 के सरकारी output/outcome targets हैं; इन्हें उपलब्धि (actual achievement) के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।

ULLAS में महिलाओं पर विशेष ध्यान

ULLAS का उद्देश्य सभी eligible non-literate adults तक पहुंचना है, लेकिन सरकारी planning में महिलाओं और वंचित समूहों की literacy gap को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

2026-27 के framework में enrolled learners में 65% female learners का target रखा गया है। साथ ही priority geographies में महिलाओं तथा SC/ST/OBC और minority groups तक पहुंच बढ़ाने के लिए अलग indicators रखे गए हैं।

इसलिए teachers और volunteers को अपने आसपास उन महिलाओं तक विशेष रूप से पहुंच बनाने का प्रयास करना चाहिए जो शिक्षा से वंचित रह गई हैं।

ULLAS में Digital Literacy क्यों जरूरी है?

आज literacy का अर्थ केवल किताब पढ़ना नहीं रह गया है।

एक व्यक्ति यदि:

  • मोबाइल चला सके,
  • डिजिटल भुगतान समझ सके,
  • बैंकिंग सेवा का उपयोग कर सके,
  • आवश्यक online information खोज सके,
  • digital form समझ सके,

तो उसकी दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता काफी बढ़ सकती है।

इसीलिए ULLAS में digital literacy और financial literacy को Critical Life Skills का हिस्सा बनाया गया है।

ULLAS में Financial Literacy

Financial literacy के माध्यम से learner को दैनिक आर्थिक गतिविधियों को समझने में मदद की जाती है।

उदाहरण:

  • बैंक खाता
  • पैसे जमा/निकासी
  • डिजिटल भुगतान
  • खर्च और बचत
  • basic financial transactions

जैसी चीजों को learner के वास्तविक जीवन से जोड़कर समझाया जा सकता है।

इससे literacy केवल परीक्षा तक सीमित न रहकर जीवन उपयोगी शिक्षा बन जाती है।

ULLAS का उद्देश्य केवल Certificate देना नहीं है

यह बात शिक्षक और volunteers को हमेशा याद रखनी चाहिए।

ULLAS की यात्रा को इस प्रकार समझ सकते हैं:

Non-Literate Adult

⬇️

Registration

⬇️

Volunteer Teacher से Learning

⬇️

Foundational Literacy & Numeracy

⬇️

Critical Life Skills

⬇️

FLNAT Assessment

⬇️

Certification

⬇️

Basic Education / Vocational Skills / Continuing Education

यानी लक्ष्य learner को आगे बढ़ते रहने वाला lifelong learner बनाना है।

ULLAS में शिक्षक के लिए Practical Checklist

यदि आप शिक्षक हैं और अपने स्कूल/गांव/समुदाय में ULLAS के साथ काम कर रहे हैं तो यह checklist उपयोगी हो सकती है:

Learner Identification

☑ 15+ उम्र के गैर-साक्षर लोगों की पहचान करें।

Registration

☑ Learner का registration करवाएं।

Volunteer Mapping

☑ उपयुक्त Volunteer Teacher से learner को जोड़ें।

Learning

☑ ULLAS Primer और अन्य resources का उपयोग करें।

FLN

☑ Reading, Writing और Numeracy पर नियमित अभ्यास कराएं।

Life Skills

☑ Digital, Financial, Health और अन्य Critical Life Skills को दैनिक जीवन से जोड़ें।

Assessment

☑ Learner को FLNAT के लिए तैयार करें।

Certification

☑ Assessment के बाद certificate प्रक्रिया की जानकारी दें।

Further Education

☑ सफल learners को Basic Education, Vocational Skills और Continuing Education के अवसरों की जानकारी दें।

ULLAS में Teacher को कौन-कौन से Resources मिल सकते हैं?

शिक्षकों के लिए उपलब्ध digital resources में विभिन्न प्रकार की सामग्री शामिल है:

  • ULLAS Primer
  • Worksheets
  • Assessment Items
  • Test Papers
  • Audio Programmes
  • Video Programmes
  • Margdarshika for Volunteer Teachers
  • Learning Outcomes
  • Pedagogical Process
  • Interactive Programmes

इसलिए teacher को अपनी ओर से पूरी सामग्री तैयार करने की आवश्यकता नहीं है; उपलब्ध official resources को learner की आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।


ULLAS के महत्वपूर्ण Official Links

🌐 ULLAS Official Portal

ULLAS – Government of India Official Portal

📝 Volunteer/Learner Registration

ULLAS Registration & Tagging

📜 Certificate Download

ULLAS Certificate Download

📱 ULLAS Mobile App

ULLAS App – Google Play

📚 ULLAS Learning Material

DIKSHA – ULLAS Resources

📖 NCERT – Cell for National Centre for Literacy

NCERT – Cell for National Centre for Literacy

एक जरूरी नोट: ULLAS की “About Us” वेबसाइट

आपने जो ullas.education.gov.in/nilp/about-us लिंक दिया था, उसे मैंने सीधे भी जांचा। वर्तमान में उस URL पर “Not Found” दिखाई दे रहा है।

इसलिए मैंने केवल उस About Us page के आधार पर लेख नहीं बनाया, बल्कि official ULLAS portal के उपलब्ध registration/certificate pages, Ministry of Education के documents, PIB की जानकारी, NCERT और DIKSHA resources को मिलाकर जानकारी तैयार की है।

निष्कर्ष: ULLAS क्यों महत्वपूर्ण है?

ULLAS केवल साक्षरता अभियान नहीं है।

यह एक ऐसी पहल है जिसमें:

साक्षरता + संख्या ज्ञान + डिजिटल ज्ञान + वित्तीय समझ + जीवन कौशल + रोजगार कौशल + आगे की शिक्षा

को एक साथ जोड़ा गया है।

इसका सबसे मजबूत पक्ष है जनभागीदारी और Volunteerism

एक शिक्षक अपने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ यदि समुदाय के किसी ऐसे व्यक्ति को पढ़ने-लिखने में मदद करता है जो वर्षों पहले शिक्षा से वंचित रह गया था, तो वह केवल एक व्यक्ति को साक्षर नहीं बना रहा होता—वह उसके आत्मविश्वास, परिवार और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत कर रहा होता है।

इसी सोच के साथ ULLAS का संदेश है:

“जन जन साक्षर”

और इसका अंतिम उद्देश्य है ऐसा समाज बनाना जहां सीखने की कोई उम्र न हो और हर व्यक्ति को सीखने का अवसर मिले।

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