Sughghar Padwaiya Yojana : “सुघ्घर पढ़वईया” योजना किसी भी विद्यालय के लिए पूर्णतः स्वेच्छिक और स्वप्रेरणा पर आधारित है। यह योजना उनके लिए है जो अपने विद्यार्थियों को ऊँची उड़ान के लिए पंख देना चाहते हैं। इसमें विद्यालय की स्पर्धा किसी अन्य विद्यालय से ना होकर स्वयं से है। अपने विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की चुनौती स्वीकार करना ही उत्कृष्टता का आरम्भ है इसलिए यदि विद्यालय चाहे तो उनके इस प्रयास में विभाग द्वारा शिक्षकों की क्षमता विकास के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराये जा सकते हैं। उत्कृष्ट विद्यालय की चुनौती पर खरा उतरने वाले विद्यालयों को उत्कृष्टता का प्लैटिनम/ गोल्ड/ सिल्वर प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा।
पोस्ट विवरण
सुघ्घर पढ़वईया योजना
[Sughghar Padwaiya Yojana]
कार्यक्रम का उद्देश्य-
- यह पूरी तरह से स्वेच्छा और स्वप्रेरणा पर आधारित योजना है जिसमें कोई भी शिक्षक शामिल हो सकते हैं |
- स्वप्रेरणा से अच्छे कार्य एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित कर सकेंगे,
- उन्हें देखकर और शिक्षक भी अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित हो सकेंगे,
- अधिक से अधिक शिक्षक सकारात्मक कार्य करने हेतु टीम बनाकर बेहतर माहौल बनाने में सफल हो सकेंगे.
कार्यक्रम विवरण(प्रथम चरण)-
“सुघ्घर पढ़वईया” योजना के प्रथम चरण प्रत्येक में विद्यालय के लिये दक्षताओं में परिवर्तन किया गया है और प्रत्येक शाला से ये अपेक्षा कि जाती है कि सभी विद्यार्थियों में बुनियादी दक्षताएं प्राप्त की जाए ।
- जुलाई से सितम्बर माह के बाद होना है प्रथम चरण का आकलन ।
- कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी की दक्षताओं की जांच की जाएगी,
- कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी एवं पर्यावरण की दक्षताओं की जांच की जाएगी,
- कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान की दक्षताओं की जांच की जाएगी,
- पोर्टल में कक्षावार-विषयवार निर्धारित दक्षताएं तथा आकलन के उपकरण अपलोड किए गए हैं ।
- विद्यार्थियों की कुल दर्ज संख्या का 98% उपस्थिति होने पर ही दल द्वारा आकलन किया जाएगा ।
- कक्षावार विषयवार आकलन में 95% से अधिक विद्यार्थियों सुघ्घर पढ़वईया प्लेटिनम प्रमाण पत्र
- 85%से अधिक किन्तु 90% से कम अंक पर सुघ्घर पढ़वईया गोल्ड और
- 80%से अधिक किन्तु 85% से कम अंक पर सुघ्घर पढ़वईया सिल्वर का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा ।
विषयवार न्यूनतम दक्षता – (कक्षा 1 से 5)
विषयवार न्यूनतम दक्षता – (कक्षा 6 से 8)
विषय | दक्षता | उपकरण |
अंग्रेजी | Open | Open |
हिन्दी | Open | Open |
गणित | Open | Open |
विज्ञान | Open | Open |
सा.विज्ञान | Open | Open |
विषयवार दक्षताओं की संख्या – (कक्षा 1 से 5)
विषय | दक्षता |
अंग्रेजी | 21 |
हिन्दी | 10 |
गणित | 18 |
पर्यावरण | 22 |
विषयवार दक्षताओं की संख्या – (कक्षा 6 से 8)
विषय | दक्षता |
अंग्रेजी | 9 |
हिन्दी | 11 |
गणित | 14 |
विज्ञान | 15 |
सा.विज्ञान | 13 |
विद्यालय द्वारा योजना में शामिल होने की प्रक्रिया –
- विद्यालय स्तर अनुरूप (प्राथमिक/उच्च प्राथमिक) प्रत्येक कक्षा के लिए विषयवार अपेक्षित बुनियादी दक्षताओं तथा नमूने के तौर पर दिए गए उपकरण का अध्ययन करेंगे ।
- विद्यालय प्रमुख अपने शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श कर इस चुनौती को स्वीकार करने की आपसी सहमति बनाएँगे ।
- सहमति उपरांत पोर्टल पर अपने विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में प्रमाणीकरण हेतु आवेदन करेंगे ।
- विद्यालय को जब लगे कि उसके विद्यार्थी कक्षावार, विषयवार निर्धारित बुनियादी दक्षताओं को सफलतापूर्ण प्रदर्शित करते हैं तो वह विद्यालय स्वयं का आकलन करेगा ।
- योजना में शामिल विद्यालय जब स्व-आकलन से संतुष्ट हो जायें कि उनके सभी विद्यार्थियों में कक्षा अनुरूप अकादमिक कौशल विकसित हो गये हैं, तो वे वेब-पोर्टल पर थर्ड-पार्टी आकलन के लिये आवेदन कर सकेंगे।
- कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी की दक्षताओं की जांच की जाएगी।
- कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी , पर्यावरण की दक्षताओं की जांच की जाएगी।
- कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान की दक्षताओं की जांच की जाएगी।
सुघ्घर पढ़वईया योजना का लाभ
- इस कार्यक्रम में सभी को एक दूसरे के साथ मिलकर एक टीम के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा|
- यदि किसी की वजह से स्कूल के अंक कम होते हैं जो अन्य सभी मिलकर एक टीम के रूप में स्कूल के अंक सुधारने की दिशा में काम करेंगे|
- ऐसे में सभी मिलकर एक दूसरे को सहयोग देंगे और साथ मिलकर आगे बढ़ने की संस्कृति विकसित होगी|
- टीमवर्क के माध्यम से सफलता का जश्न मनाने के अवसर मिलेगा|
बेहतर कार्य करने हेतु एक स्पष्ट टार्गेट की उपलब्धता
- इस कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार टूल के आधार पर स्कूलों को बेहतर प्रदर्शन करने हेतु स्पष्ट टार्गेट दिखाई देता है|
- स्कूलों को अपने यहाँ सीखने का वातावरण बनाने हेतु आवश्यक कार्यक्षेत्र के साथ-साथ शिक्षकों को अपने अपने विषय में प्रत्येक बच्चे द्वारा बेहतर प्रदर्शन कर सकने हेतु विशेष फोकस के साथ काम करने हेतु प्रेरित किया जा सकेगा|
- सामने टार्गेट होने पर कार्य करना आसान हो जायेगा|
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चन्द्रप्रकाश नायक , जो कि वर्तमान में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं . अभी आप Edu Depart में नि:शुल्क मुख्य संपादक के तौर पर अपनी सेवा दे रहे हैं .