छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों व स्कूल प्रबंधनों के लिए सख्त गाइडलाइंस और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके तहत स्कूल संचालन, कैंपस में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक, आपातकालीन बचाव, और छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षित रवानगी के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

🏫 टॉयलेट से लेकर मैदान तक झांकेंगे प्राचार्य – बच्चों की सुरक्षा पर नया आदेश
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। अब छुट्टी के बाद व स्कूल बंद करने से पहले प्राचार्य और नोडल शिक्षक पूरे परिसर की जांच करेंगे। अब स्कूल की छुट्टी की घंटी बजते ही गुरुजी की छुट्टी नहीं होगी। पहले बच्चों को विदा करेंगे। फिर पूरा स्कूल छान मारेंगे । क्लासरूम देखेंगे । टॉयलेट देखेंगे । लैब देखेंगे । मैदान भी देखेंगे । उसके बाद ही ताला लगेगा ।

स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्र सुरक्षा को लेकर नया आदेश जारी किया है। मकसद साफ है। कोई बच्चा गलती से स्कूल के भीतर न छूट जाए और कोई हादसा न हो।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संयुक्त संचालकों को निर्देश भेज दिए हैं। अब हर दिन स्कूल बंद होने से पहले संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि परिसर का कोई भी हिस्सा बिना जांच के न रह जाए। कक्षा, शौचालय, प्रयोगशाला और खेल मैदान, लवकी जांच होगी। यानी अब प्रिसिपल सिर्फ दफ्तर नहीं संभालेंगे, बल्कि पूरे परिसर की सुरक्षा की अंतिम जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
- गुरुजी की हरी झंडी पर लगेगा ताला – आदेश में एक और नई व्यवस्था की गई है। हर स्कूल में रोजाना एक नोडल शिक्षक या कर्मचाटी की ड्यूटी लगेगी। यह ड्यूटी रोटेशन से बदलेगी । इस शिक्षक की जिम्मेदाटी होगी कि छुट्टी के बाद पूटा परिसर घूमकर देखे। यह सुनिश्चित करें कि कोई बच्या अंदर नहीं है। इसके बाद ही स्कूल में ताला लगाया जाएगा। अगर चूक हुई तो जवावदेही भी तय होगी।
- गेट पर भी अब होगी गुरुजी की पहरेदारी – स्कूल शिक्षा विभाग ने छुट्टी के समय मुख्य गेट पर शिक्षकों की मौजूदगी भी अनिवार्य कर दी है। अक्सर छुट्टी के समय गेट पर भीड़ लग जाती है। बच्चे दौड़ते हुए बाहर निकलते हैं। हादसे का खतटा रहता है। अव शिक्षक खुद गेट पर खड़े रहेंगे। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालेंगे। अभिभावकों और वाहनों की भीड़ भी संभालेंगे।
- बारिश का मौसम… इसलिए बढ़ी सख्ती – मानसून को देखते हुए विभाग ने अलग से सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। स्कूल परिसर में यदि कोई खुला गट्टा या चोरवेल है तो उसे तुरंत चंद कटाया जाएगा। विजली के तार खुले नहीं रहने चाहिए। गीली दीवारों औट खराब वायरिंग से करट फैलने का खतरा रहता है। इसलिए सभी बिजली कनेक्शन जाचकर दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
- हाल की घटनाओं के बाद जागा विभाग – पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों के स्कूल में छूट जाने, टॉयलेट में बंद होने और परिसर में हादसों की खबरें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
विभाग का मानना है कि छोटी-सी लापरवाही भी चड़ा हादसा वन सकती है। इसलिए अब सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं दी जाएगी। इस नए आदेश के बाद स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई नहीं, सुरक्षा व्यवस्था का भी रोजाना टेस्ट होगा। प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक और कर्मचाटी तक सभी की जिम्मेदाटी तय कर दी गई है।

