Charcha Patra 2026 : FLN व दक्षता विकाश संबंध में पढ़े विस्तार से….
एजेंडा एकः जलवायु परिवर्तन संबंधी गतिविधियाँ
Details
- 🌍 जलवायु परिवर्तन का भारतीय शहरों पर प्रभाव
(शिक्षकों हेतु चर्चा एवं पहल पत्र)
गत माह के चर्चा पत्र में हमने जलवायु परिवर्तन से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियों के सुझाव साझा किए थे। आशा है कि आप में से अनेक साथियों ने उन दस गतिविधियों में से कुछ को अपने स्तर पर प्रारंभ कर लिया होगा।
यदि अभी तक इन गतिविधियों को प्रारंभ नहीं किया गया है, तो आपसे विनम्र आग्रह है कि अपने एवं अपने पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन कार्यों को बच्चों के साथ अवश्य प्रारंभ करें।
🔎 आत्मचिंतन के लिए प्रश्न
क्या हमने जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषय पर विद्यार्थियों के साथ सार्थक गतिविधियाँ प्रारंभ की हैं?
क्या बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक रूप से जागरूक करने हेतु कोई पहल की गई है?
यदि नहीं, तो अब तक देरी क्यों हुई?
यदि अब तक कोई प्रयास नहीं हुआ है, तो कृपया सावधान हो जाएँ और मिलकर ठोस एवं प्रभावी कदम शीघ्र प्रारंभ करें। यह केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।
⚠️ जलवायु परिवर्तन के विद्यालयों पर प्रभाव
आज जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे आसपास निम्न समस्याएँ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं—
लोगों में श्वसन संबंधी समस्याओं में वृद्धि
बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान
विद्यालय के सक्रिय शिक्षण दिवसों की संख्या में कमी
विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में वृद्धि
परिवारों के पलायन के कारण बच्चों का स्कूल न जा पाना
यदि समय रहते हमने जागरूकता और संरक्षण के प्रयास नहीं किए, तो यह संकट और गहरा सकता है।
🌱 विद्यालय स्तर पर आवश्यक पहल
प्रत्येक शाला में इको क्लब – मिशन फॉर लाइफ का गठन किया जाए तथा उसके माध्यम से निम्न गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएँ:
📌 संभावित गतिविधियाँ
पर्यावरण शपथ कार्यक्रम
वृक्षारोपण एवं पौध संरक्षण अभियान
प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान
जल संरक्षण परियोजना
ऊर्जा बचत सप्ताह
स्वच्छता अभियान
स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं पर सर्वेक्षण
पोस्टर / निबंध / वाद-विवाद प्रतियोगिता
सुबह की सभा में पर्यावरण विषयक प्रस्तुति
प्रकृति भ्रमण एवं शैक्षणिक पिकनिक
🎯 बच्चों में संवेदनशीलता विकसित करने के उपाय
पर्यावरण क्लब के माध्यम से नियमित गतिविधियाँ
प्रातःकालीन सभा में पर्यावरण संदेश
खेलकूद एवं प्रतियोगिताएँ पर्यावरण थीम पर
प्रकृति भ्रमण एवं पिकनिक द्वारा प्रत्यक्ष अनुभव
स्थानीय विशेषज्ञों / वन विभाग अधिकारियों को आमंत्रित कर वार्ता
इन प्रयासों से बच्चों में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक परिवर्तन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
🌿 निष्कर्ष
जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक संकट है, पर उसका समाधान स्थानीय स्तर से ही प्रारंभ होता है। विद्यालय इस परिवर्तन के केंद्र बन सकते हैं।
आइए, हम सब मिलकर बच्चों को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने का संकल्प लें।
आज किया गया छोटा प्रयास, आने वाले कल की बड़ी सुरक्षा है।
एजेंडा दोः स्कूल बैंड प्रतियोगिता
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- 🎺 राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता
देशभक्ति, अनुशासन और एकता का उत्सव
राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर के स्कूली बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन, टीमवर्क और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाती है।
🇮🇳 आयोजन की विशेषता
प्रतियोगिता का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर किया जाता है।
देश के चारों क्षेत्र — पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से चयनित टीमें ग्रांड फिनाले में भाग लेती हैं।
प्रत्येक श्रेणी में 4-4 टीमें अंतिम प्रस्तुति देती हैं।
🎶 प्रतियोगिता की प्रमुख श्रेणियाँ
ब्रास बैंड (लड़के)
ब्रास बैंड (लड़कियाँ)
पाइप बैंड (लड़के)
पाइप बैंड (लड़कियाँ)
🏆 पुरस्कार एवं सम्मान
प्रत्येक श्रेणी में:
🥇 प्रथम स्थान – ₹51,000 (नकद), ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र
🥈 द्वितीय स्थान – ₹31,000 (नकद), ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र
🥉 तृतीय स्थान – ₹21,000 (नकद), ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र
🎖 अन्य प्रतिभागी टीमें – ₹11,000 (सांत्वना पुरस्कार)
टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त जूरी करती है, जिसमें थल सेना, नौ सेना एवं वायु सेना के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
🎯 क्यों आवश्यक है स्कूल बैंड?
विदेशों में अधिकांश विद्यालयों में अपना स्वयं का बैंड होता है।
स्कूल बैंड के माध्यम से विद्यार्थियों में—
अनुशासन
टीम भावना
नेतृत्व क्षमता
आत्मविश्वास
सांस्कृतिक गर्व
राष्ट्रभक्ति
का विकास होता है।
🏫 क्या आप अपने विद्यालय में स्कूल बैंड का गठन नहीं करना चाहेंगे?
यदि आपके विद्यालय में अभी तक स्कूल बैंड का गठन नहीं हुआ है, तो यह एक उत्कृष्ट अवसर है—
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच देने का
विद्यालय की पहचान बढ़ाने का
बच्चों में संगीत एवं अनुशासन के माध्यम से समग्र विकास का
📺 कार्यक्रम देखने हेतु
राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता से संबंधित प्रस्तुति देखने के लिए लिंक:
https://www.youtube.com/live/UgsEsNXCUFQ?si=kSMmjQI1ZOu3ib6
🌟 निष्कर्ष
स्कूल बैंड केवल संगीत नहीं,
यह राष्ट्र भावना का स्वर है।
आइए, अपने विद्यालय में भी बैंड गठन की दिशा में पहल करें और बच्चों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का संकल्प लें।
एजेंडा तीनः परीक्षा की तैयारी
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- 📚 परीक्षा पे चर्चा 2026
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन
आप प्रतिवर्ष “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी से परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन अवश्य सुनते और पढ़ते होंगे। यह कार्यक्रम पिछले आठ वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है और विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को परीक्षा संबंधी तनाव से मुक्त होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
🎯 प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए प्रमुख परीक्षा टिप्स
1️⃣ जीवन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक
प्रतिस्पर्धा जीवन का हिस्सा है, लेकिन स्वयं पर अनावश्यक दबाव न डालें। स्थिरता बनाए रखते हुए अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ें।
2️⃣ बच्चों की तुलना न करें
अभिभावक बच्चों की आपस में तुलना करने से बचें। अधिक समझाने या दबाव बनाने से बच्चों में तनाव एवं हीनभावना उत्पन्न होती है।
3️⃣ प्रतिस्पर्धा नहीं, प्रेरणा लें
दूसरों से ईर्ष्या नहीं, बल्कि प्रेरणा लें। अपने लक्ष्य स्वयं तय करें और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
4️⃣ शिक्षक कक्षा को आनंदमय बनाएं
शिक्षक यदि विद्यार्थियों से आत्मीय संबंध विकसित करें, तो परीक्षा का तनाव स्वतः कम हो जाता है।
5️⃣ परीक्षा से पूर्व मन को शांत रखें
एग्जाम हॉल में प्रवेश से पहले कुछ मिनट स्वयं को दें। गहरी सांस लें, सकारात्मक सोच रखें और आत्मविश्वास बनाए रखें।
6️⃣ लिखने का अभ्यास करें
केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है। उत्तर लिखने का अभ्यास करें, समय प्रबंधन सीखें और पहले पूरा प्रश्नपत्र पढ़ें।
7️⃣ नियमित व्यायाम और संतुलित आहार
अच्छी सेहत के लिए दैनिक व्यायाम, संतुलित भोजन और धूप आवश्यक है। देर रात तक पढ़ाई से बचें।
8️⃣ पूरी नींद लें
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचें। शरीर को भी चार्ज करना आवश्यक है। पर्याप्त नींद से ही एकाग्रता बनी रहती है।
9️⃣ करियर चयन में आत्मविश्वास रखें
दुविधा से बाहर आएं। अपने निर्णय स्वयं लें और स्वयं पर विश्वास रखें।
🔟 माता-पिता का विश्वास बनाए रखें
बच्चों और अभिभावकों के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होना चाहिए। संवाद की कमी तनाव और अवसाद का कारण बन सकती है।
📊 पंजीयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
इस वर्ष 11 जनवरी 2026 तक 29.29 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया।
गत वर्ष की तुलना में 7.16 लाख अधिक पंजीयन हुआ।
पिछले वर्ष पूरे देश में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर था।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़ और लक्ष्यद्वीप के बाद चौथे स्थान पर है।
राज्य में 1.41 लाख पालकों ने पंजीयन कराया — जो बच्चों की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
एजेंडा चारः राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
Details
- 📘 राज्य स्तरीय निर्देश
(NEP 2020 अंतर्गत फरवरी माह की प्रगति समीक्षा हेतु)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत राज्य में विभिन्न घटकों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रतिमाह इन गतिविधियों की जानकारी निर्धारित पोर्टल में अपलोड की जानी अनिवार्य है।
माह फरवरी 2026 में निम्नलिखित कार्यों का विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना है तथा उनकी प्रगति पोर्टल में अद्यतन की जानी है:
📌 सुनिश्चित किए जाने वाले प्रमुख बिंदु
1️⃣ स्कूलों में पोषण वाटिका का निर्माण एवं देखरेख
विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका का विकास।
विद्यार्थियों की सहभागिता से नियमित देखभाल।
स्थानीय, मौसमी एवं पोषक फसलों का रोपण।
2️⃣ उच्च प्राथमिक स्तर पर अनुभव-आधारित शिक्षा
गतिविधि-आधारित एवं प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण।
प्रयोग, मॉडल, शैक्षणिक भ्रमण एवं स्थानीय संसाधनों का उपयोग।
विषयों को जीवन से जोड़कर शिक्षण।
3️⃣ मूलभूत भाषा एवं गणित (FLN) कौशल विकास
दैनिक अभ्यास सत्र।
पठन, लेखन एवं संख्यात्मक दक्षता पर विशेष ध्यान।
कार्यपत्रक, समूह गतिविधि एवं मूल्यांकन आधारित सुधार।
4️⃣ एलुमनी (भूतपूर्व विद्यार्थी) समूह का गठन
पूर्व विद्यार्थियों की पहचान एवं सूची तैयार करना।
एलुमनी समूह का निर्माण।
विद्यालय विकास गतिविधियों में उनकी सहभागिता।
5️⃣ PM E-Vidya चैनल का नियमित उपयोग
कक्षाओं में ई-विद्या सामग्री का समावेशन।
समय-सारणी के अनुसार चैनल का उपयोग।
विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं सहभागिता का अभिलेखन।
6️⃣ प्राथमिक स्तर पर बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था
मातृभाषा/स्थानीय भाषा का समुचित उपयोग।
बहुभाषीय शिक्षण-सामग्री की उपलब्धता।
बच्चों की भाषा-समझ के अनुसार शिक्षण पद्धति अपनाना।
⚠️ विशेष निर्देश
उपरोक्त सभी बिंदुओं पर प्रत्येक विद्यालय में कार्य सतत रूप से जारी रखा जाए।
पोर्टल में समयबद्ध एवं सत्यापित जानकारी अपलोड करना सुनिश्चित करें।
राज्य स्तर से इन बिंदुओं की सीधे विद्यालयों से समीक्षा की जाएगी।
अतः सभी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगण आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
एजेंडा पांच: ICT केंद्र द्वारा इस माह के लिए प्रस्तावित कार्य
Details
- 📘 विकासखंड स्तरीय कार्य निर्देश
(BRC ICT केंद्रों के प्रभावी उपयोग हेतु)
राज्य के BRC केन्द्रों में ICT केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना एवं विद्यालयों को तकनीकी सहायता प्रदान करना है। विकासखंड स्तर पर इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
📌 प्रमुख गतिविधियाँ
1️⃣ FLN / FLS दक्षताओं के आकलन हेतु ICT केंद्र का उपयोग
विकासखंड की अधिकतम प्राथमिक शालाओं से वीडियो कॉल माध्यम से संपर्क स्थापित करें।
बच्चों का मूलभूत भाषा एवं गणित (FLN/FLS) कौशल का नियमित आकलन करें।
आकलन के आधार पर शिक्षकों को सुधारात्मक तैयारी हेतु प्रेरित एवं जागरूक करें।
यह सुनिश्चित करें कि विकासखंड के सभी विद्यालय FLN दक्षताओं में पूर्ण कुशलता की ओर अग्रसर हों।
ICT केंद्र के माध्यम से:
मासिक ऑनलाइन मूल्यांकन
डेमो कक्षाएँ
शिक्षकों हेतु मार्गदर्शन सत्र
प्रगति रिपोर्ट साझा करना
👉 उद्देश्य: प्रत्येक विद्यालय को FLN लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में निरंतर प्रोत्साहित करना।
2️⃣ मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान अंतर्गत समीक्षा
विकासखंड में चयनित विद्यालयों का निरीक्षण करते समय जिन बिंदुओं पर “नहीं” (Not Achieved) टीप प्राप्त हुई है, उन बिंदुओं की सूची तैयार करें।
संबंधित विद्यालयों को लिखित निर्देश जारी कर:
स्पष्ट सुधारात्मक कार्ययोजना दें।
प्रत्येक बिंदु हेतु समयसीमा निर्धारित करें।
आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें।
निर्धारित समयावधि के भीतर प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
सुधार की स्थिति का दस्तावेजीकरण कर अद्यतन रिपोर्ट तैयार करें।
👉 उद्देश्य: सभी विद्यालयों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाना।
⚠️ विशेष निर्देश
ICT केंद्र का उपयोग केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि इसे शैक्षणिक सुधार का सक्रिय मंच बनाया जाए।
FLN एवं गुणवत्ता अभियान दोनों ही राज्य की प्राथमिकता हैं, अतः इन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रगति की समीक्षा सतत एवं प्रमाणिक हो।
🎯 अपेक्षित परिणाम
विकासखंड के सभी विद्यालयों में FLN दक्षताओं में उल्लेखनीय सुधार।
गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत चिन्हित कमियों का समयबद्ध समाधान।
डिजिटल माध्यम से शैक्षणिक निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था।
एजेंडा छहः इस माह स्कूलों में क्या होते हुए देखें?
Details
- 📘 मासिक निरीक्षण हेतु फोकस बिंदु
(संकुल समन्वयक से जिला शिक्षा अधिकारी स्तर तक)
इस माह शालाओं के निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना सुनिश्चित करें। निरीक्षण केवल औपचारिक न होकर सुधारात्मक एवं परिणामोन्मुख हो।
📌 1️⃣ गुणवत्ता अभियान अंतर्गत सुधार की स्थिति
क्या चयनित विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान “नहीं” टीप प्राप्त बिंदुओं पर नियमित सुधारात्मक कार्य किया जा रहा है?
क्या विद्यालयों में वास्तविक एवं दृश्यात्मक सुधार दिखाई दे रहा है?
क्या सुधार हेतु निर्धारित समयसीमा का पालन किया जा रहा है?
👉 निरीक्षण में केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि वास्तविक क्रियान्वयन देखें।
📌 2️⃣ प्राथमिक शालाओं में FLS/FLN अध्ययन
क्या निर्धारित लर्निंग आउटकम के अनुसार नियमित अभ्यास कार्य कराया जा रहा है?
क्या बच्चों में भाषा एवं गणितीय दक्षताओं में प्रगति परिलक्षित हो रही है?
क्या अभ्यास पुस्तिकाओं का नियमित उपयोग हो रहा है?
👉 बच्चों से प्रत्यक्ष प्रश्न पूछकर उनकी वास्तविक समझ का आकलन करें।
📌 3️⃣ उच्च प्राथमिक स्तर पर व्यवसायिक जागरूकता
क्या बच्चों को किसी न किसी व्यवसाय/कौशल की जानकारी दी जा रही है?
क्या कौशल विकास गतिविधियाँ (जैसे हस्तकला, स्थानीय व्यवसाय, तकनीकी जानकारी) संचालित हो रही हैं?
क्या व्यवसायिक शिक्षा कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है?
📌 4️⃣ हाई एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रयोगात्मक शिक्षा
क्या विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोग करके सीखने के पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं?
क्या प्रयोगशालाओं का नियमित उपयोग हो रहा है?
क्या गतिविधि-आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण अपनाया जा रहा है?
📌 5️⃣ समग्र रिपोर्ट कार्ड एवं प्रगति अभिलेखन
क्या प्राथमिक शालाओं में समग्र रिपोर्ट कार्ड में विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित प्रविष्टि की जा रही है?
क्या शिक्षक समय-समय पर अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से अवगत करा रहे हैं?
📌 6️⃣ अभ्यास पुस्तिकाओं का उपयोग
क्या सभी बच्चे अभ्यास पुस्तिकाओं पर नियमित कार्य कर रहे हैं?
क्या उनके कार्य में सुधार एवं दक्षता वृद्धि दिखाई दे रही है?
क्या शिक्षक फीडबैक देकर सुधार सुनिश्चित कर रहे हैं?
⚠️ विशेष निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रत्यक्ष अवलोकन, बच्चों से संवाद एवं अभिलेखों की जांच अनिवार्य है।
प्रत्येक बिंदु पर संक्षिप्त टिप्पणी सहित सुधारात्मक सुझाव दर्ज करें।
अगले निरीक्षण में पूर्व टिप्पणियों पर हुई प्रगति की समीक्षा अवश्य करें।
🎯 अपेक्षित परिणाम
विद्यालयों में वास्तविक एवं मापनीय शैक्षणिक सुधार।
FLN/FLS दक्षताओं में वृद्धि।
व्यवसायिक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा का सुदृढ़ क्रियान्वयन।
समग्र मूल्यांकन प्रणाली का प्रभावी संचालन।
एजेंडा सातः मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान में आगे क्या?
Details
- 📘 चयनित शालाओं हेतु सुधारात्मक कार्य निर्देश
(प्रथम एवं अंतिम निरीक्षण के मध्य गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित करने हेतु)
जिले की चयनित शालाओं में प्रथम निरीक्षण का कार्य संपन्न हो चुका है। निरीक्षण के दौरान जिन शालाओं को चयनित घटकों में “नहीं” (Not Achieved) टीप प्राप्त हुआ है, अब उन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना आवश्यक है।
🎯 अपेक्षित कार्यवाही
1️⃣ शालाओं की पहचान
अपने-अपने क्षेत्र में उन शालाओं की स्पष्ट सूची तैयार करें जिनको चयनित घटकों में “नहीं” प्राप्त हुआ है।
प्रत्येक विद्यालय के लिए सुधार योग्य बिंदुओं का पृथक विवरण तैयार करें।
2️⃣ सुधार हेतु अनुकूल वातावरण का निर्माण
विद्यालय स्तर पर बैठक आयोजित कर निरीक्षण टिप्पणियों की समीक्षा करें।
शिक्षकगण, प्रधानाध्यापक एवं शाला प्रबंधन समिति के साथ कार्ययोजना तैयार करें।
आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराएँ।
3️⃣ समयबद्ध कार्ययोजना
प्रत्येक “नहीं” बिंदु के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें।
सुधार हेतु समयसीमा तय करें।
नियमित अंतराल पर प्रगति की समीक्षा करें।
4️⃣ सतत निगरानी एवं मार्गदर्शन
केवल दस्तावेजी सुधार न होकर वास्तविक क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
विद्यालय भ्रमण कर प्रत्यक्ष अवलोकन करें।
सुधारात्मक सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
📈 अपेक्षित परिणाम
प्रथम और अंतिम निरीक्षण के बीच स्पष्ट एवं व्यापक सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
“नहीं” की स्थिति को “हाँ” में परिवर्तित किया जाए।
विद्यालयों में स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित हो।
⚠️ विशेष निर्देश
यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गुणवत्ता उन्नयन का अवसर है।
प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की प्रगति हेतु उत्तरदायी रहेगा।
सुधार की प्रक्रिया पारदर्शी, प्रमाणिक एवं परिणामोन्मुख होनी चाहिए।
🌟 निष्कर्ष
हमारा लक्ष्य केवल निरीक्षण में “हाँ” प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यालयों में वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता स्थापित करना है।
आइए, सभी मिलकर निरंतर प्रयास करें ताकि अंतिम निरीक्षण में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
एजेंडा आठः प्रेरणा कार्यक्रम (Experiential Learning Program)
Details
- 📘 प्रेरणा कार्यक्रम (Prerana Programme)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत अनुभव-आधारित शिक्षण पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अनुभव-आधारित सीख (Experiential Learning) पर विशेष बल दिया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए “प्रेरणा कार्यक्रम” संचालित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय शिक्षा प्रणाली के मूल सिद्धांतों एवं मूल्य-आधारित शिक्षा से जोड़ते हुए नेतृत्व, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
🌟 कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
प्रत्येक सप्ताह देश के विभिन्न राज्यों से 20 चयनित छात्र-छात्राएँ (10 लड़के एवं 10 लड़कियाँ) भाग लेंगे।
यह सप्ताह भर का आवासीय कार्यक्रम है।
आयोजन स्थल: गुजरात के वडनगर स्थित 1888 में स्थापित ऐतिहासिक वर्नाक्यूलर स्कूल।
प्रतिभागियों को प्रेरणा, नवाचार एवं आत्म-खोज की जीवन परिवर्तक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम पूर्ण होने पर विद्यार्थी अपने समुदाय में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे।
🎯 कार्यक्रम के प्रमुख मूल्य (9 Core Values)
पाठ्यक्रम निम्नलिखित मूल्यों पर आधारित है:
गरिमा और विनम्रता
वीरता और साहस
कड़ी मेहनत और समर्पण
करुणा और सेवा
विविधता और एकता
अखंडता और पवित्रता
नवाचार और जिज्ञासा
आस्था और विश्वास
स्वतंत्रता और ज़िम्मेदारी
📝 पंजीयन प्रक्रिया
वर्तमान में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए पंजीयन प्रक्रिया संचालित है।
👉 सभी विद्यालयों से अनुरोध है कि योग्य विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें पंजीयन में आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
📌 आधिकारिक पोर्टल:
https://prerana.education.gov.in
🏅 प्राथमिकता हेतु पात्रता (विशेष उपलब्धियाँ)
निम्नलिखित विधाओं में पारंगत एवं पूर्व में सहभागिता रखने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी:
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
वीरता पुरस्कार
खेल सम्मान
कलोत्सव
INSPIRE/राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कार्यक्रम
HBCSE ओलंपियाड
आर्यभट्ट गणित चैलेंज
वीरगाथा पुरस्कार
NCC / Scout & Guide
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस
अन्य राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय उपलब्धियाँ
👉 आवेदन करते समय कम से कम चार प्रतिभाओं/उपलब्धियों एवं उनमें प्राप्त स्थान का उल्लेख करना आवश्यक होगा।
📢 अपेक्षित कार्यवाही
विद्यालय स्तर पर पात्र विद्यार्थियों की पहचान करें।
उनकी उपलब्धियों का सत्यापन करें।
समयसीमा के भीतर पंजीयन सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों को प्रेरित कर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें।
🌈 निष्कर्ष
“प्रेरणा कार्यक्रम” विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, चरित्र निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का अवसर प्रदान करता है।
आइए, हम अपने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय पहल का हिस्सा बनने हेतु प्रेरित करें।
एजेंडा नौः पसीना बहाने वाले खेल
Details
- 🚲 वो साइकिल… वो बचपन… और पसीने की खुशबू
इस तस्वीर को ज़रा ध्यान से देखिए…
एक छोटी-सी काया, और उससे कहीं ऊँची एक बड़ी साइकिल।
पैर पेडल तक ठीक से नहीं पहुँचते, फिर भी चेहरे पर अटूट आत्मविश्वास।
यही तो था हमारा बचपन।
चार–साढ़े चार दशक पहले का वह दौर—
जब किसी रिश्तेदार के घर जाते ही अगला मिशन होता था…
“चुपचाप उनकी साइकिल लेकर मैदान की ओर निकल जाना!”
दो मिनट में “कैची स्टाइल” से गद्दी पर चढ़ जाना,
बैलेंस ऐसा कि गिर भी जाएँ तो रोना नहीं—
बस उठकर फिर चल पड़ना।
घुटनों, कोहनियों और ठुड्डी पर हमेशा बैंडेड चिपकी रहती थी।
लेकिन आत्मविश्वास…?
वो किताबों में नहीं, पसीने में मिलता था।
🌤 तब का बचपन
बनियान और निक्कर
आसमान-सी ऊँची साइकिल
जेब में चूर्ण और मिठाई की गोली
और चेहरे पर पसीने की चमक
हम गिरते थे, उठते थे, सीखते थे।
पसीना बहाते थे… और उसी में आनंद ढूंढ लेते थे।
📱 आज का बचपन
आज उस जेब को मोबाइल ने “हैक” कर लिया है।
बचपन अब स्क्रीन में सिमट गया है।
पसीना बहाने की जगह उंगलियाँ स्क्रॉल कर रही हैं।
जरा सोचिए—
आख़िरी बार हमारे बच्चों ने कब किसी काम के लिए पसीना बहाया था?
👨👩👧 जिम्मेदारी किसकी?
यदि बच्चे पसीने का स्वाद नहीं चख पा रहे हैं,
तो कहीं न कहीं हम भी जिम्मेदार हैं।
पालक अपने काम में व्यस्त हैं,
हम शिक्षक पाठ्यक्रम में व्यस्त हैं—
लेकिन क्या हमने सोचा कि
“मेहनत” भी एक शिक्षा है?
👩🏫 शिक्षक की भूमिका
एक शिक्षक के रूप में हमें ऐसे अवसर देने होंगे—
खेलकूद प्रतियोगिताएँ
श्रमदान गतिविधियाँ
स्कूल गार्डन / पोषण वाटिका
प्रोजेक्ट आधारित कार्य
स्काउट-गाइड / NCC
खेल महोत्सव
योग एवं शारीरिक गतिविधियाँ
कला एवं हस्तकौशल कार्य
बच्चों को पसीना बहाना सिखाइए।
उन्हें श्रम का सम्मान करना सिखाइए।
उन्हें मेहनत का आनंद चखाइए।
🤝 पालकों और SMC से संवाद
पालकों एवं शाला प्रबंधन समिति के साथ चर्चा करें:
क्या हमारे बच्चे पर्याप्त शारीरिक श्रम कर रहे हैं?
क्या हम उन्हें सुरक्षित वातावरण में मेहनत का अवसर दे रहे हैं?
क्या हम स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं?
🌟 प्रेरणा की मिसाल
तेलंगाना के एक शिक्षक, श्रीनिवास जी,
जो प्रतिदिन यूनिफॉर्म में पढ़ाते हैं,
लेकिन किताबों से आगे बढ़कर बच्चों को “करके सीखना” सिखाते हैं।
ऐसे प्रयोग ही असली शिक्षा हैं।
(उनकी कहानी अवश्य देखें और प्रेरणा लें।)
🎯 चर्चा का विषय
आइए, समूह में बैठकर चर्चा करें—
आप अपने विद्यालय में बच्चों को पसीना बहाने के लिए कौन-सी गतिविधियाँ करवा रहे हैं?
और क्या नई पहल की जा सकती है?
क्या हम “मेहनत का उत्सव” मना सकते हैं?
अपने विचार साथियों से साझा करें।
🌱 अंतिम संदेश
ध्यान रखें—
जिस बचपन ने पसीना नहीं बहाया,
वह जीवन की धूप कैसे सह पाएगा?
बच्चों को मेहनत करना सिखाइए,
श्रम का सम्मान करना सिखाइए,
क्योंकि पसीने की खुशबू ही आत्मविश्वास की असली सुगंध है।
एजेंडा दसः अपनी बात रखने की कला
Details
- 📢 नवाचार साझा करें – सीखें और सिखाएँ
हाल ही में हमारे एक सोशल मीडिया समूह में “महात्मा हाई स्कूल” द्वारा बोर्ड परीक्षा की तैयारी संबंधी एक विज्ञापन देखा गया।
इसमें विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने एवं बिना तनाव के परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे विशेष प्रयासों का उल्लेख किया गया है।
यह एक सकारात्मक पहल है, जो दर्शाती है कि यदि हम संगठित रूप से कार्य करें तो बच्चों में आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
🎯 आप सभी से विनम्र आग्रह
आपकी शाला में भी निश्चित रूप से कई विशेष एवं उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे होंगे, जैसे—
बोर्ड परीक्षा विशेष तैयारी कक्षाएँ
तनाव प्रबंधन सत्र
मॉडल टेस्ट एवं उत्तर लेखन अभ्यास
मेंटरिंग व्यवस्था
अभिभावक-शिक्षक समन्वय बैठक
प्रेरक व्याख्यान
समय प्रबंधन प्रशिक्षण
👉 कृपया इन प्रयासों को व्यवस्थित रूप में तैयार करें।
👉 नवाचारी तरीके से प्रस्तुत करें।
👉 एक-दूसरे के साथ साझा करने की संस्कृति विकसित करें।
🤝 साझा करने से क्या लाभ?
एक विद्यालय दूसरे के उत्कृष्ट प्रयासों से सीख सकता है।
सफल मॉडल को अपने क्षेत्र में अपनाया जा सकता है।
विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकता है।
शिक्षकों में नवाचार की भावना विकसित होती है।
🌟 उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों को देखें
शिक्षकों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों एवं नवाचारी गतिविधियों को देखने के लिए “चर्चा पत्र” यूट्यूब चैनल से जुड़ें:
🎥 YouTube चैनल:
https://youtube.com/@samagrashikshacgcharchapatra
👉 लाइक एवं सब्सक्राइब करें।
👉 प्रेरणा लें और अपने कार्यों को भी साझा करें।
✨ निष्कर्ष
जब हम एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हैं,
तो शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती है।
आइए, नवाचार की संस्कृति विकसित करें और
अपने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करें।
Charcha Patra

शिक्षा सत्र 2025-26 में पाठ्यक्रम निर्धारण निर्देश
| शासकीय अवकाश-2025 | Open |
| शैक्षणिक कैलेण्डर | Open |
| शैक्षणिक कैलेण्डर कक्षा 1-5वीं 2025-26 | Open |
| शैक्षणिक कैलेण्डर कक्षा 6-8वीं 2025-26 | Open |
| Bagless Day Activity 1-8 | Open |
| आकलन एवं ब्लू प्रिंट | Open |