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सुघ्घर पढ़वईया कार्यक्रम में थर्ड पार्टी निरीक्षण व अवलोकन निर्देशिका

सुघ्घर पढ़वईया कार्यक्रम में थर्ड पार्टी निरीक्षण व अवलोकन निर्देशिका

कोरोना लाकडाउन की वजह से बच्चों में हुए सीखने की क्षति को कम करते हुए उनमें सुधार लाने हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम “सुघ्घर पढ़वाईया” संचालित किया जा रहा है । इस कार्यक्रम के अंतर्गत आपके जिले की शालाओं की सहभागिता की स्थिति इस पत्र के साथ संलग्न टेबल में आपके अवलोकन एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु उपलब्ध करवाई जा रही है ।

थर्ड पार्टी निरीक्षण हेतु निर्देशClick Here
निरीक्षण हेतु अवलोकन निर्देशिकाClick Here

इस कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 26 जनवरी, 2023 को निर्धारित क्रायटेरिया के अंतर्गत चयनित शालाओं को सर्टिफिकेट दिया जायेगा ।

  1. कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी शालाओं को “सुघ्घर पढ़वईया” कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करते हुए उन्हें पोर्टल में अपना विवरण प्रविष्ट करने हेतु प्रेरित करना होगा | अभी मात्र 50% स्कूलों ने ही इस कार्यक्रम में चुनौती स्वीकार किये है
  2. इन शालाओं में ऐसे बच्चे जिनकी उपस्थिति अनियमित हैं एवं वे लंबे समय से अनुपस्थित हैं, उनके बारे में चुने हुए जनप्रतिनिधि ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद से सर्टिफाई करवाते हुए उनके नाम शाला के रिकार्ड से अस्थाई रूप से कटवाते हुए रिकार्ड को अद्यतन करवा लेवें । ऐसे बच्चों के नाम मिलने पर समग्र शिक्षा के शाला से बाह्य बच्चे वाले प्रकोष्ठ से इन बच्चों के साथ उनकी आवश्यकतानुसार कार्य किए जाएंगे|
  3. इसी प्रकार से कक्षाओं में विशिष्ट आवश्यकता वाले लार्निंग डिसेबिलिटी वाले बच्चों को भी इस कार्यक्रम से अलग रखते हुए उनके आकलन के लिए अलग से व्यवस्था की जा सकेगी। इन बच्चों के लिए समावेशी प्रकोष्ठ के माध्यम से कार्य किया जा सकेगा
  4. शालाओं को कक्षावार एवं विषयवार चयनित लर्निंग आउटकम से संबंधित गतिविधियों में आन डिमांड प्रशिक्षण दिया जा सकेगा|
  5. सभी शालाओं को बच्चों के आकलन के लिए निकलर एप्प का उपयोग करने हेतु प्रेरित करना |
  6. निरीक्षण के लिए तैयार अधिकरियों एवं शिक्षकों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत निरीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाना होगा । उन्हें अपनी शालाओं में सबसे पहले निकलर एप्प का अभ्यास कर उसके उपयोग के लिए सक्षम बनना होगा ।
  7. जिन शालाओं ने थर्ड पार्टी आकलन के लिए स्वयं को तैयार होना बताया है उन्हें तत्काल अपना स्व-आकलन करना होगा और देखना होगा कि निर्धारित लर्निंग आउटकम में सभी बच्चे अपेक्षित स्तर पर हैं अथवा नहीं ।
  8. थर्ड पार्टी आकलन के लिए तैयार शालाओं को अपने आसपास किसी कुशल शिक्षक, संकुल समन्वयक या डाईट के अकादमिक स्टाफ को मेंटर के रूप में पहचान कर उनके द्वारा भी एक बार आकलन कर देखना होगा कि उनकी शाला के सभी बच्चे अपेक्षित दक्षता के अनुरूप हैं अथवा नहीं। प्रत्येक कक्षा में अनिवार्यतः विद्यार्थी विकास सूचकांक संबंधी चार्ट अवश्य प्रदर्शित करते हुए उसे अद्यतन रखा जाए।
  9. यदि इस प्रकार के दोनों आकलन में चुनौती देने वाली शालाओं के बच्चे खरे नही उतर रहे हैं तो उन्हें तत्काल वेबसाईट से अपने थर्ड पार्टी आकलन के मांग को वापस ले लेना चाहिए | पोर्टल में थर्ड पार्टी आकलन की मांग को निरस्त करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गयी है।
  10. इन दोनों परीक्षण में खरा उतरने पर जो शालाएं भी चुनौती के लिए एवं थर्ड पार्टी आकलन के लिए तैयार हों, उन शालाओं में लोक शिक्षण संचालनालय से निरीक्षक दल भेजे जाएंगे | इन दलों द्वारा जांच के आधार पर प्राप्त अंकों के आधार पर प्लेटिनम, गोल्ड अथवा सिल्वर सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएँगे।

उपरोक्त अनुसार विभिन्न कार्यों के लिए इस प्रकार समयसीमा निर्धारित कर दिनांक 26 जनवरी, 2023 को सर्टिफिकेशन का कार्य संपन्न करवाया जाना होगा-

  1. शालाओं का स्व-आकलन एवं मेंटर से आकलन कर चुनौती वापस लेना – 7 जनवरी 2023
  2. चुनौती देने वाली शालाओं का थर्ड पार्टी आकलन – 15 जनवरी 2023
  3. योजना में अपेक्षित स्तर प्राप्त करने वाली शालाओं को सर्टिफिकेशन – 26 जनवरी 2023

चूंकि यह योजना राज्य में गुणवत्ता सुधार हेतु प्रमुख योजना है और प्रमुख सचिव महोदय द्वारा इस योजना की प्रति सप्ताह जिलों के साथ समीक्षा की जा रही है, अतः आप सभी से अपेक्षा है कि समयसीमा का ध्यान रखते हुए इस योजना को जमीनी धरातल में सफलतापूर्वक क्रियान्वित करते हुए बेहतर कार्य एवं परिणाम दे रहे शालाओं को सामने लाते हुए प्रोत्साहित करें एवं सभी शालाओं को अपने वर्तमान से बेहतर प्रदर्शन करने हेतु निरंतर मार्गदर्शन देवें ।

निरीक्षण दल के सदस्यों हेतु निर्देश-

  • निरीक्षण दल के सदस्यों को सर्वप्रथम पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारियों का सूक्ष्मता से अध्ययन करना चाहिए ।
  • निरीक्षण दल के सदस्यों को आपस में यह तय कर लेना चाहिए कि कौन सा सदस्य किस विषय की दक्षताओं का आकलन करेगा।
  • निरीक्षण दल के सदस्यों को अवलोकन अंतर्गत आबंटित किए गए विषय की दक्षताओं एवं उन पर आधारित आकलन के उपकरणों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर उन पर आपस में चर्चा करनी चाहिए। आवश्यकता महसूस होने पर SCERT के विषय समन्वयकों से भी चर्चा की जा सकती है ।
  • निरीक्षण दल के सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि सैंपल टूल्स के आधार पर वे स्वयं भी दक्षता आधारित प्रश्नों का निर्माण कर सके ।
  • निरीक्षण दल विद्यालय अवलोकन पूर्व विद्यालय के प्रधान पाठक से चर्चा कर अवलोकन तिथि से अवगत करा देवें ।
  • निरीक्षण दल को अवलोकन प्रक्रिया तथा प्रमाणीकरण विषयक जानकारी सुस्पष्ट होनी चाहिए। जैसे कि –
    • कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी की दक्षताओं की जांच की जाएगी।
    • कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी एवं पर्यावरण विषय की दक्षताओं की जांच की जाएगी।
    • कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान की दक्षताओं की जांच की जाएगी। शाला में दर्ज कुल विद्यार्थियों के संख्या की 98% उपस्थिति होने पर ही निरीक्षण दल द्वारा आकलन किया जाएगा।
    • विद्यालय के सभी विद्यार्थियों का आकलन, कक्षा के लिए निर्धारित सभी अकादमिक दक्षताओं के लिये किया जायेगा।
    • प्रत्येक दक्षता में कक्षा की दर्ज संख्या का कम से कम 95% प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा सफलतापूर्वक प्रदर्शन किये जाने पर ही अंक देय होंगे। यदि किसी दक्षता में 95% से कम विद्यार्थी ही सही प्रदर्शन कर पाते हैं तो उस दक्षता में 0 अंक प्राप्त होगा ।
    • जब विद्यालय को 90% या इससे अधिक अंक प्राप्त होते हैं उस विद्यालय को सुघ्घर पढ़वईया प्लेटिनम स्कूल का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
    • यदि विद्यालय को 85% से अधिक किन्तु 90% से कम अंक प्राप्त होते है तो उसे सुघ्घर पढ़वईया गोल्ड स्कूल का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
    • यदि विद्यालय को 80% से अधिक किन्तु 85% से कम अंक प्राप्त होते है तो उसे सुघ्घर पढ़वईया सिल्वर स्कूल का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
    • प्रमाण पत्र प्राप्त विद्यालयों तथा उनके सभी शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस अथवा गणतंत्र दिवस पर प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया जाएगा।
    • यदि कोई विद्यालय केवल सिल्वर प्रमाण पत्र ही प्राप्त करता है तो ऐसे विद्यालय को गोल्ड अथवा प्लेटिनम प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें।
    • निरीक्षण दल के सदस्य NICler तथा Telepractice App का उपयोग करते हुए जहाँ तक संभव हो विद्यार्थियों के आकलन का प्रयास करें ।
    • विकासखंड स्तर पर चयनित निरीक्षण दल के सदस्यों को उस विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी संकुलों तथा विद्यालयों के लिए मेंटोर की भूमिका निभानी है । अत: उनकी इस योजना से जुड़ें सभी पहलुओं पर समझ होना बेहद जरुरी है ।
    • निरीक्षण दल इस मानसिकता के साथ तैयार रहे कि आकलन की प्रक्रिया में एक या दो दिन से अधिक समय भी लग सकता है।
    • आकलन के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ सौम्यता से व्यवहार करें ।

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