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विज्ञान शिक्षण को संगीता पण्डा ने रोचक व प्रभावी बनाया

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“जिनके हौसले बुलंद होते हैं, वह अपनी राह स्वयं बना लेते हैं चाहे आंधी आए या आ जाए तूफान, कश्ती अपनी मंजिल की ओर निकाल लेते हैं।” ऐसे ही बुलंद हौसले एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी है माधव सदाशिवराव गोलवलकर शास. उच्च प्राथमिक शाला सरायपाली ( अंग्रेजी माध्यम) , विकासखण्ड सरायपाली जिला – महासमुंद (छत्तीसगढ़) में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती संगीता पण्डा । (Motivational Educator)

प्रेरक शिक्षक

विज्ञान शिक्षण को रोचक व प्रभावी कैसे बनाएं ?

  • अनुभव द्वारा तथा स्वयं करके सीखा गया ज्ञान स्थायी होता है । विज्ञान एक ऐसा विषय है, जिसे प्रयोगों तथा गतिविधियों के माध्यम से यदि विद्यार्थी स्वयं करके सीखते हैं तो अवधारणा भी स्पष्ट होती है और अर्जित ज्ञान भी स्थायी होता है। शिक्षिका श्रीमती संगीता पंडा द्वारा प्रत्येक विषय वस्तु से संबंधित अवधारणा को विभिन्न सरल प्रयोगों तथा रुचिकर गतिविधियों द्वारा समझाया जाता है इन गतिविधियों में बच्चे भी भाग लेते हैं तथा स्वयं विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से सीखते हैं। इस तरह शिक्षिका ने विज्ञान शिक्षण को प्रभावी व रोचक बनाने का कार्य किया है जिससे कि सीखने- सिखाने का कार्य रुचिकर होने के साथ ही शिक्षार्थी अर्जित ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग भी कर सकते हैं ।
  • विज्ञान शिक्षण को रोचक व प्रभावी बनाने मा. स. गो. शासकीय उच्च प्राथमिक शाला सरायपाली में विज्ञान मेला व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । इसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना व रचनात्मक क्षमता का विकास करना था।इस प्रदर्शनी में सभी छात्र- छात्राओं ने बड़े उत्साह से भाग लिया तथा अपने द्वारा बनाये गए वर्किंग मॉडल को प्रस्तुत किया।
विज्ञान शिक्षण

TLM निर्माण व उपयोग –

” कोई भी ऐसी सामग्री जिसके माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को उद्दीप्त किया जा सके अथवा श्रवणेन्द्रिय संवेदनाओं के द्वारा आगे बढ़ाया जा सके वह सहायक शिक्षण सामग्री कहलाती है।”कार्टर ए गुड

कक्षा में सहायक शिक्षण सामग्री के उपयोग से पाठ के प्रति छात्रों में रुचि जागृत होता है, छात्र अधिक क्रियाशील बनते हैं उनके सीखने की गति में र इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर शिक्षिका श्रीमती संगीता पंडा द्वार विभिन्न रोचक सहायक शिक्षण सामग्रियों का निर्माण कर कक्षा शिक्षण में उपयोग किया जाता हैं। इससे कक्षा रुचिकर और प्रभावी होने के साथ क्रियाशील भी रहती है।

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीमती संगीता पंडा जी के द्वारा किये गये महत्वपूर्ण कार्य

  • संकुल एडमिन के रूप में कार्य :- श्रीमती संगीता पंडा जी के द्वारा संकुल केंद्र सरायपाली के अंतर्गत सभी शिक्षकों तथा ऐसे छात्र-छात्राओं जिनके पास मोबाइल उपलब्ध था, सभी का पंजीयन cgschool.in पोर्टल पर कराया तथा सभी स्कूलों में वर्चुअल शाला का निर्माण, Zoom तथा cisco webex के माध्यम से ऑनलाइन क्लास लेने हेतु टीचर्स के लिए ट्रेनिंग रखी गयी । ऑनलाइन कक्षाओं का संकुल स्तर पर संचालन प्रारंभ किया गया । इसके साथ ही इन्होंने संकुल अनुमोदन एडमिन के रूप में भी कार्य संपादित किया है।
  • शंका समाधान एडमिन के रूप में कार्य :- श्रीमती संगीता पंडा जी के द्वारा cgschool.in पोर्टल में ऑनलाइन कक्षा 8 वीं विषय विज्ञान के छात्रों के 107 शंकाओं का समाधान किया ।
  • गृहकार्य (Assignment) की जांच :- श्रीमती संगीता पंडा जी के द्वारा cgschool.in पोर्टल में ऑनलाइन कक्षा 8 वीं विषय विज्ञान के 220 गृहकार्यों ( assignment) का जांच किया गया ।
  • ऑनलाईन क्लास का सफलतापूर्वक आयोजन :- श्रीमती संगीता पंडा जी के द्वारा 260 ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे प्रदेश के 5716 छात्र-छात्राओं ने जुड़कर लाभ प्राप्त किये।

विकासखंड स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में प्रतिभागिता व प्रथम स्थान

शिक्षिका श्रीमती संगीता पंडा के मार्गदर्शन में शाला के शिक्षार्थियों ने कबाड़ से जुगाड़ द्वारा विभिन्न वर्किंग मॉडल्स व TLM का निर्माण किया तथा विकास खंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

गुरु तुझे सलाम के अंतर्गत अहा क्षण साझा करने हेतु विद्यालय की छात्रा का राज्य स्तर पर चयन

शिक्षिका श्रीमती संगीता पंडा के मार्गदर्शन में शाला के छात्रा कुमारी स्वलेहा खातून का चयन राज्य स्तर पर अहा क्षण को साझा करने हेतु हुआ, जिसमें छात्रा ने अपने अनुभवों को अंग्रेजी भाषा में साझा किया ।

शाला बंद होने के बावजूद विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र छात्राओं की भागीदारी

स्कूल बंद होने के बावजूद श्रीमती पंडा जी के मार्गदर्शन में छात्र छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा विभिन्न स्तरों पर पुरस्कृत हुए । यथा – इंडिया इंटेक हेरिटेज क्विज़ 2020, ” ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता ” पर जिला स्तरीय ऑनलाइन चित्रकारी एवं स्लोगन प्रतियोगिता स्वच्छ भारत विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता, आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में प्री- मेट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बलोदा द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता आदि ।

स्कूल जैसी पढ़ाई, घर पर ही : –

ऑनलाइन कक्षा के साथ श्रीमती पंडा जी संबंधित विषय वस्तु के महत्वपूर्ण नोट्स तथा प्रश्नोत्तर pdf के माध्यम से कक्षा के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करती हैं, जिसे बच्चे अपने कॉपी में नोट करके ग्रुप में उसकी फोटो भेजते हैं। प्रत्येक चैप्टर को पढ़ाने के पश्चात् यूनिट टेस्ट लिया जाता है।

घर प्रयोगशाला अभियान : –

बच्चे जब गतिविधियों के माध्यम से तथा स्वयं करके सीखते है तो सीखने की विधि रुचिकर व सीखा गया ज्ञान स्थायी होता है और विज्ञान जैसे विषय के लिए यह बहुत आवश्यक है कि प्रत्येक अवधारणा को प्रयोगों द्वारा स्पष्ट किया इसलिए शिक्षिका ने ऑनलाइन कक्षा को मनोरंजक व विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए हर घर प्रयोगशाला अभियान प्रारम्भ किया । इसके अंतर्गत शिक्षिका विषय वस्तु से संबंधित अवधारणा को ऑनलाइन कक्षा के दौरान घर में ही उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर बड़े सरल तरीके से समझाती हैं । सभी प्रयोगों को वह स्वयं करके बताती हैं तत्पश्चात् बच्चे उन प्रयोगों को अपने घर में दोहराते हैं तथा उससे संबंधित फ़ोटो व वीडियो ग्रुप में साझा करते हैं । इस प्रकार बच्चे घर में होने के बावजूद विज्ञान की अवधारणा को प्रयोगों के माध्यम से सीख रहे हैं ।

 "शिक्षक कभी साधारण नहीं होता, प्रलय और निर्माण उसकी गोद में पलते हैं।”  Edudepart.com शिक्षकों के सम्मान में हमेशा एक कदम आगे  ।   हमें आप पर गर्व है  । Edudepart.com की ओर से आपके उज्जवल, दीर्धायु व सुखमय जीवन की शुभकामनाएं ।🙏  

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