सभी प्राथमिक शालाओं में लागू होगा FLN के तहत Enabling Condition

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सभी प्राथमिक शालाओं में लागू होगा FLN के तहत Enabling Condition

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य सन 2026 तक मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशलों को सभी बच्चों द्वारा हासिल किया जाना है। राज्य में बच्चों की वर्तमान स्थिति, असर रिपोर्ट आदि को देखने पर इस लक्ष्य को हासिल किए जाने हेतु भी बहुत सारे प्रयास और मेहनत किए जाने की आवश्यकता है। सभी जिले में समयसीमा में इस लक्ष्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ हासिल करने के लिये राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा प्राथमिक शालाओं में FLN के क्रियान्वयन हेतु enabling condition तैयार करने निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए 10 enabling condition तैयार किया गया है, जिसके आधार पर प्रत्येक प्राथमिक शालाओं को कार्य करना होगा | राज्य में बच्चों की वर्तमान स्थिति असर रिपोर्ट आदि को देखने पर इस लक्ष्य को हासिल किए जाने हेतु भी बहुत सारे प्रयास की आवश्यकता है।

FLN के तहत enabling conditionDownlode Order

क्या है FLN :-

FLN एक राष्ट्रीय मिशन है जिसका अर्थ होता है – मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (Foundation Literacy and Numeracy) FLN को भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के निपुण भारत मिशन के अंतर्गत लागू किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 3 से 9 तक आयु वर्ग के सभी बच्चों का समग्र विकास करना है।

क्या है Enabling Condition :-

Enabling Condition अर्थात सक्षम करने की स्थिति -राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत FLN के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक स्कूल को सक्षम करने की स्थिति के लिए राज्य कार्यालय द्वारा 10 enabling condition तैयार किया गया है जिसे प्रत्येक स्कूलों में लागु करना होगा |

क्या करने होंगे Enabling Condition के तहत :-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत FLN क्रियान्वयन को आगामी सत्र के प्रारंभ से ही बहुत सक्रिय रखा जाना है। इसके लिए संकुल समन्वयक अपनी शाला को आदर्श शाला के रूप में विकसित करेंगे तथा अन्य शिक्षकों को प्रेरित करने एवं सभी शालाओं को नियमित अकादमिक समर्थन देने का कार्य करेंगे।राज्य कार्यालय द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि आगामी सत्र में केवल संकुल समन्वयक अपनी शाला में नियमित अध्यापन एवं अन्य शालाओं में अकादमिक समर्थन का कार्य ही करेंगे अन्य गैर अकादमी कार्यों में शामिल न करने को कहा गया है।

सत्र प्रारंभ से ही किया जाना है FLN का क्रियान्वयन-

राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सत्र के प्रारंभ से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत FLN का क्रियान्वयन शत प्रतिशत प्राथमिक शालाओं में किया जाना अनिवार्य है। इसके क्रियान्वयन हेतु सभी प्राथमिक शालाओं में enabling condition स्थापित करने को कहा गया है। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा तैयार 10 इनेबलिंग कंडीशन को प्रत्येक स्कूलों में लागू करना होगा | इस पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही जिला शिक्षा अधिकारियों को दी गई है, वहीं शैक्षिक समन्वयक अपने स्कूलों को FLN क्रियान्वयन के लिए आदर्श बनाने के साथ-साथ अपने संकुल क्षेत्र के अन्य स्कूलों में अकादमी के सहयोग करेंगे। राज्य कार्यालय द्वारा उक्त 10 एनबलिंग कंडीशन को प्रत्येक प्राथमिक शाला में लागू कर नियमित ट्रैकिंग की व्यवस्था करते हुए FLN के लक्ष्य को समय सीमा में प्राप्त करने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया है।

नवीन सत्र में स्कूल खुलने पर देखे जाने हेतु चेक लिस्ट:-

मेरी शाला में मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशलों को सभी विद्यार्थियों में हासिल करवाए जानेहेतु अनिवार्य इनपुट्स

  1. मेरी शाला क्षेत्र के सभी 5 आयु वर्ग के बच्चे आंगनवाडी में एवं 6-11 आयु वर्ग के बच्चे प्राथमिक शाला में दर्ज हैं और नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। कक्षा में नियमित उपस्थिति हेतु विभिन्न नवाचारी प्रयास जारी रखे जा रहे हैं |
  2. आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले पांच आयु वर्ग के बच्चों को सीखने में सहयोग देने हेतु प्राथमिक शाला के शिक्षक निकट के आंगनबाड़ी के साथ जुड़कर कार्य, उन्हें समर्थन, स्थानीय भाषा में सिखाए जाने हेतु सामग्री एवं मेंटरिंग सपोर्ट कर रहे हैं|
  3. सभी प्राथमिक शालाओं में बच्चों को उनके आसपास देखकर सीखने हेतु उपयोगी प्रिंटरिच वातावरण तैयार किया गया है और इसे तैयार करने हेतु निपुण भारत के लर्निंग आउटकम को ध्यान में रखा गया है|
  4. बच्चों के लिए तीन माह का निर्धारित शाला के लिए तैयारी कार्यक्रम (SchoolReadiness Program) शुरुआत से नियमित रूप से प्रतिदिन आयोजित किया जा रहा है और बच्चे इसका पूर्ण रूचिपूर्वक लाभ ले रहे हैं |
  5. प्रत्येक प्राथमिक कक्षा में पॉकेट बोर्ड, फ्लेश कार्ड, मुखौटे, खिलौने, कठपुतलियां एवं ढेर सारी सहायक सामग्री बनाकर रखी गयी है जिसका समय समय पर बच्चों द्वारा उपयोग किया जाता है|
  6. बच्चों को गणित सीखने हेतु रोचक गतिविधियां, गणित किट एवं अन्य डिजिटल संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है जिनके माध्यम से बच्चे स्वयं करके सीखने का प्रयास कर रहे हैं|
  7. बच्चों के स्तर के अनुरूप मुस्कान पुस्तकालय में ढेर सारी पुस्तकें उपलब्ध करवाई गयी हैं जिनका प्रत्येक बच्चे द्वारा नियमित उपयोग किया जा रहा है। स्कूल में भी पढ़ने के लिए अलग से कालखंड उपलब्ध है|
  8. मौखिक गणित पर भी बच्चों के साथ नियमित अभ्यास करवाया जाता है और ढेर सारे गणित के सवाल हल करने हेतु उपलब्ध करवाए जाते हैं|
  9. बच्चों को छोटे-छोटे समूहों में एक दूसरे से सीखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाता है। एवं शिक्षकों ने भी अपना प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी बनाकर सीखना सिखाना जारी रखा हुआ है|
  10. बच्चों को मूलभूत दक्षताओं पर बहुत अभ्यास करवाए जाने हेतु अभ्यास पुस्तिकाओं पर कार्य, शाला समय के अतिरिक्त समय में बच्चों को सीखने में सहयोग हेतु समुदाय से VOLUNTEERS की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं|

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